WAR BREAKING: भड़क सकता है कई गुना बड़ा युद्ध, पुतिन ग़ुस्से में हुए लाल

Update: 2022-04-15 02:43 GMT

कीव: रूस-यूक्रेन के 50वें दिन रूस का पराक्रमी जंगी युद्धपोत तबाह हो गया है. रूस का ये युद्धपोत काला सागर से यूक्रेन की जमीन पर मिसाइलों की बारिश कर रहा था. यूक्रेन का दावा है कि उसने नेप्‍चून मिसाइल का इस्तेमाल करके इस युद्धपोत को आग के शोले में बदल दिया. लेकिन रूस का दावा है कि किलर मिसाइलों से लैस इस युद्धपोत के गोला-बारूद में आग लग जाने की वजह से इसमें धमाका हुआ है और समय रहते उसने अपने सभी नौसैनिकों को युद्धपोत से निकाल लिया. बता दें कि मोस्कवा युद्धपोत समंदर से हमला करके रूस को जंग में बढ़त दिलाने का काम कर रहा था.

दरअसल, फरवरी में जब जंग की शुरुआत हुई तो स्नेक आइलैंड से मोस्कवा से कई मिसाइलें दागी गई थीं. जिसके बाद से ये युद्धपोत यूक्रेन के निशाने पर था. इस युद्धपोत को निशाना बनाने के लिए दावा है कि यूक्रेन ने मोस्कवा के रडार सिस्टम को धोखा दिया. इसके लिए तुर्की के बायरक्तार ड्रोन का सहारा लिया गया और मौका देखकर ओडेसा में छिपी यूक्रेन की सेना ने 2 नेप्‍चून मिसाइलों से इसका काम तमाम कर दिया.
मोस्कवा रूस के महत्वपूर्ण युद्धपोत में से एक है:
- इसकी लंबाई 600 फुट है.
- युद्धपोत का वजन 12500 टन है.
- 1979 में सेना में शामिल हुआ.
- 500 सैनिक इस पर तैनात रहते हैं.
- इस पर S-300 मिसाइल सिस्टम तैनात हैं.
भड़क सकता कई गुना बड़ा युद्ध
मैक्सर टेक्नोलॉजी की तरफ से जारी सेटेलाइट तस्वीरों में 7 से 10 अप्रैल के बीच मोस्कवा की तैनाती सेवेस्तोपोल में देखी गई, जिसे यूक्रेन ने तबाह करके रूस को जंग के 50वें दिन बहुत बड़ा झटका दे दिया. जिसने एक बार फिर कीव में बड़े हमले के खतरे को पैदा कर दिया है. ब्लैक सी यानी काला सागर में तैनात मोस्कवा युद्धपोत की तबाही के बाद कीव में बहुत दिनों बाद हमले का सायरन बजा, जो बताता है कि यूक्रेन को भी लगता है कि रूस जल्द ही इस हमले का जवाब देगा. रूस ने इस हमले से पहले कहा भी है कि वो युद्ध की रणनीति बनाने वाले कमांड सेंटर्स पर हमला करेगा. कुल मिलाकर रूस-यूक्रेन युद्ध में आने वाले दिनों में पहले से कई गुना ज्यादा भड़क सकता है.
रूस की प्रतिष्ठा को नुकसान
मोस्कवा युद्धपोत को लेकर रूस भले ही कहे कि वो गोला बारूद में आग लगने से तबाह हुआ, लेकिन इसे नुकसान पहुंचने का सीधा मतलब रूस की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचना है. इसलिए पलटवार करने का बड़ा दबाव रूस के ऊपर है, क्योंकि ये अब उसके लिए प्रतिष्ठा का सवाल हो चुका है. जानकार मानते हैं कि रूस के युद्धपोत को तबाह करने वाले यूक्रेन पर रूस अब और बड़े हथियारों से हमला कर सकता है, यानी इस जंग के अगले 50 दिनों में और बड़ी तबाही दुनिया को देखनी पड़ सकती है क्योंकि रूस केमिकल अटैक से लेकर एटमी वार करने में पूरी तरह सक्षम है.
रूसी रक्षा मंत्रालय का बड़ा बयान
यूक्रेन पर पलटवार की जिम्मेदारी अब रूस के कंधों पर है. उसकी प्रतिष्ठा दांव पर है इसलिए क्रेमलिन से दुनिया को परेशान करने वाले बयान सामने आने लगे हैं. रूसी रक्षा मंत्रालय ने बड़ा बयान दिया है जिसमें कहा गया है कि हम यूक्रेनी सैनिकों की ओर से रूसी क्षेत्र में तोड़फोड़ और हमलों को देख रहे हैं. अगर ऐसे हमले जारी रहे तो तो रूसी सेना कीव के कमांड सेंटर्स पर हमला कर कीव की तबाह कर देगी.
जंग की शुरुआत से ही चर्चा में था मोस्कवा
बता दें कि 24 फरवरी से शुरू हुई जंग के पहले दिन ही रूसी मोस्कवा युद्धपोत सुर्खियों में था, जब 13 यूक्रेनी सैनिकों ने उसकी धमकी को दरकिनार कर सारी दुनिया में सुर्खियां बंटोरी थीं. दरअसल, मोस्कवा युद्धपोत ने ऐसा तांडव मचाया कि सभी 13 यूक्रेनी सैनिक मारे गए थे, जिनकी याद में राष्ट्रपति जेलेंस्की ने एक डाक टिकट भी जारी किया था. इस तरह युद्ध के पहले दिन जिस मोस्कवा युद्धपोत ने यूक्रेन के 13 सैनिकों को मारा, उसे युद्ध के 50वें दिन तबाह करके यूक्रेन ने अपना बदला ले लिया. अब सबकी नजरें रूस पर हैं कि वो क्या करता है?

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