WORLD: भारत को ब्राजील की ओर से दी जा रही टैरिफ में विशेष तरजीह को लेकर अमेरिका ने आपत्ति जताई है। अमेरिका का कहना है कि ब्राजील द्वारा भारत और मैक्सिको को मिलने वाली व्यापारिक छूट के कारण अमेरिकी निर्यातकों को नुकसान उठाना पड़ रहा है। इसी को लेकर अमेरिका ने ब्राजील से अपने लिए भी समान व्यापारिक सुविधा देने की मांग की है।
अमेरिका ने इस मामले में सख्त रुख अपनाते हुए ब्राजील से आने वाले कुछ सामानों पर 25 प्रतिशत टैरिफ लगाने का ऐलान किया है। यह नया शुल्क 22 जुलाई से लागू होने की बात कही गई है। हालांकि, अमेरिका ने भारत के खिलाफ इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं की है।
यूएस ट्रेड रिप्रेजेंटेटिव जेमिसन ग्रीर ने इस संबंध में जानकारी देते हुए कहा कि जांच में सामने आया है कि ब्राजील भारत और मैक्सिको को टैरिफ के क्षेत्र में जो विशेष छूट देता है, वह अमेरिका को उपलब्ध नहीं है। अमेरिकी अधिकारियों का दावा है कि इस असमान व्यापार नीति का असर ब्राजील को होने वाले अमेरिकी निर्यात पर पड़ रहा है।
अमेरिका का कहना है कि वैश्विक व्यापार में सभी देशों के साथ समान व्यवहार होना चाहिए। अमेरिकी प्रशासन का तर्क है कि यदि किसी देश को कम टैरिफ या विशेष व्यापारिक सुविधा दी जाती है तो अन्य व्यापारिक साझेदारों को भी समान अवसर मिलना चाहिए।
वहीं, भारत और ब्राजील के बीच व्यापारिक संबंधों को लेकर दोनों देशों ने पिछले कुछ वर्षों में सहयोग बढ़ाया है। दोनों देश कृषि, ऊर्जा, फार्मा, तकनीक और अन्य क्षेत्रों में व्यापार को मजबूत करने की दिशा में काम कर रहे हैं। ब्राजील द्वारा भारत को दी गई टैरिफ तरजीह इसी व्यापारिक सहयोग का हिस्सा मानी जा रही है।
अमेरिका की नाराजगी के पीछे मुख्य कारण निर्यात प्रतिस्पर्धा को माना जा रहा है। अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि यदि ब्राजील भारत और मैक्सिको के उत्पादों को कम शुल्क पर बाजार उपलब्ध कराता है, तो अमेरिकी कंपनियों को वहां प्रतिस्पर्धा करने में मुश्किल होती है।
यूएस ट्रेड रिप्रेजेंटेटिव कार्यालय के अनुसार, ब्राजील की कुछ व्यापार नीतियां अमेरिकी उत्पादकों के लिए चुनौती पैदा कर रही हैं। इसी वजह से अमेरिका ने ब्राजील के खिलाफ टैरिफ कदम उठाने का फैसला किया है।
हालांकि, इस पूरे मामले में भारत को लेकर अमेरिका ने कोई सीधी कार्रवाई नहीं की है। भारत और अमेरिका के बीच भी व्यापारिक संबंधों में कई मुद्दों पर बातचीत जारी रहती है। दोनों देश कई क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह मामला वैश्विक व्यापार में बदलती रणनीतियों को दिखाता है। देश अब अपने व्यापारिक हितों को ध्यान में रखते हुए अलग-अलग देशों के साथ समझौते कर रहे हैं। ऐसे में टैरिफ नीति को लेकर देशों के बीच मतभेद सामने आना सामान्य बात है।
ब्राजील, भारत और मैक्सिको के साथ अपने व्यापारिक संबंधों को बनाए रखना चाहता है, जबकि अमेरिका अपने निर्यातकों के लिए समान अवसर की मांग कर रहा है। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर दोनों देशों के बीच बातचीत और बढ़ने की संभावना है।
फिलहाल अमेरिका के 25 प्रतिशत टैरिफ फैसले से ब्राजील-अमेरिका व्यापार संबंधों में तनाव बढ़ सकता है। हालांकि, इसका अंतिम असर दोनों देशों के बीच होने वाली आगे की बातचीत और संभावित समझौतों पर निर्भर करेगा।