वाशिंगटन : अमेरिका ने विदेशी पत्रकारों के वीजा आवेदनों की जांच प्रक्रिया को और सख्त करने की तैयारी की है। नई व्यवस्था के तहत विदेशी पत्रकारों के सोशल मीडिया अकाउंट्स की जांच की जा सकती है। अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि यह कदम सुरक्षा और पृष्ठभूमि सत्यापन प्रक्रिया को मजबूत करने के उद्देश्य से उठाया जा रहा है।

इस फैसले से दुनिया भर के पत्रकारों और मीडिया संगठनों के बीच चर्चा तेज हो गई है।
वीजा प्रक्रिया में बढ़ेगी जांच
अमेरिका पहले से ही कई वीजा श्रेणियों में आवेदकों की पृष्ठभूमि की जांच करता है। अब विदेशी पत्रकारों के लिए भी डिजिटल गतिविधियों की समीक्षा प्रक्रिया को अधिक महत्व दिया जा सकता है।
इसके तहत आवेदकों के सार्वजनिक सोशल मीडिया पोस्ट, प्रोफाइल और ऑनलाइन गतिविधियों की जांच की संभावना है।
पत्रकार संगठनों में चिंता
मीडिया संगठनों और पत्रकार समूहों ने इस तरह की जांच को लेकर चिंता जताई है। उनका कहना है कि पत्रकारों की ऑनलाइन गतिविधियों की निगरानी से अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और पत्रकारिता की स्वतंत्रता से जुड़े सवाल उठ सकते हैं।
कुछ संगठनों का मानना है कि इससे विदेशी पत्रकारों के काम करने के माहौल पर असर पड़ सकता है।
अमेरिका का तर्क
अमेरिकी प्रशासन का कहना है कि वीजा प्रक्रिया में सुरक्षा जांच जरूरी है। अधिकारियों के अनुसार, किसी भी व्यक्ति को देश में प्रवेश देने से पहले उसकी पृष्ठभूमि और संभावित जोखिमों का आकलन किया जाना आवश्यक है।
डिजिटल पहचान पर बढ़ता जोर
दुनिया भर में सरकारें अब वीजा और सुरक्षा जांच में डिजिटल जानकारी को अधिक महत्व दे रही हैं। सोशल मीडिया और ऑनलाइन गतिविधियां किसी व्यक्ति की सार्वजनिक पहचान का हिस्सा बन गई हैं।
हालांकि, विशेषज्ञों के बीच यह बहस भी जारी है कि सुरक्षा और निजता के बीच संतुलन कैसे बनाया जाए।

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