सोल: दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति ली चार दिवसीय फ्रांस यात्रा पर रविवार को रवाना हुए। उनके साथ उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल भी है। इस दौरान वह फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के साथ शिखर वार्ता करेंगे, जिसमें सुरक्षा, अर्थव्यवस्था और द्विपक्षीय सहयोग को और मजबूत करने के मुद्दों पर चर्चा होगी। पश्चिम एशिया तनाव के चलते व्यापार पर पड़ते असर को लेकर भी दोनों बात करेंगे।
योनहाप न्यूज एजेंसी ने बताया कि ली की यह यात्रा ऐसे समय हो रही है जब दक्षिण कोरिया और फ्रांस अपने राजनयिक संबंधों की स्थापना की 140वीं वर्षगांठ मना रहे हैं। यह यात्रा अप्रैल में मैक्रों की दक्षिण कोरिया यात्रा के बाद हो रही है।
ली सबसे पहले नीस जाएंगे, जहां वह निकटवर्ती सेंट-पॉल-डी-वेंस में आयोजित ल्यूमियर समिटमें हिस्सा लेंगे। यह सम्मेलन सिनेमा के भविष्य पर केंद्रित है। इसके बाद वह मंगलवार से पेरिस में दो दिवसीय राजकीय यात्रा शुरू करेंगे।
पेरिस में ली और मैक्रों के बीच आमने-सामने बैठक के अलावा शिखर वार्ता होगी। इसके बाद मैक्रों और उनकी पत्नी ब्रिजिट मैक्रों द्वारा राष्ट्रपति भवन एलिसी पैलेस में राजकीय रात्रिभोज का आयोजन किया जाएगा। यात्रा के दौरान दोनों देशों की 20 कंपनियों की भागीदारी वाले एक कारोबारी सम्मेलन में भी ली शामिल होंगी। परमाणु ऊर्जा क्षेत्र में सहयोग और होर्मुज स्ट्रेट में सैनिकों की तैनाती जैसे मुद्दे भी वार्ता में उठने की संभावना है।
दरअसल, अप्रैल में ली और मैक्रों ने होर्मुज स्ट्रेट से सुरक्षित समुद्री आवाजाही सुनिश्चित करने तथा मध्य-पूर्व संघर्ष के व्यापक आर्थिक और ऊर्जा प्रभावों से निपटने के लिए सहयोग बढ़ाने पर सहमति जताई थी। दोनों देशों ने परमाणु ऊर्जा, अपतटीय पवन ऊर्जा, एआई, सेमीकंडक्टर, क्वांटम तकनीक और महत्वपूर्ण खनिजों सहित कई रणनीतिक क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर भी जोर दिया था।
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