नई दिल्ली: UN जनरल असेंबली के दौरान मंगलवार को न्यूयॉर्क में अमेरिका और ईरान के बीच करीब तीन घंटे तक बातचीत हुई। इस बातचीत में अमेरिकी विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची शामिल रहे। कतर के अधिकारियों ने दोनों देशों के बीच मध्यस्थ की भूमिका निभाई।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने बातचीत को अच्छा बताया और कहा कि जल्द ही दोनों पक्ष दोबारा बैठक करेंगे। वहीं, एक वरिष्ठ ईरानी अधिकारी के मुताबिक, अमेरिका अगर सैन्य और आर्थिक दबाव कम करने के लिए कदम उठाता है तो ईरान सात दिन के भीतर होर्मुज स्ट्रेट खोल सकता है।
न्यूयॉर्क में अमेरिका-ईरान के बीच हुई बातचीत
UN महासभा के दौरान अमेरिका और ईरान के अधिकारियों के बीच करीब तीन घंटे तक चर्चा चली। इसमें अमेरिका की ओर से विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और ईरान की तरफ से विदेश मंत्री अब्बास अराघची शामिल हुए। इस बातचीत में कतर के अधिकारियों ने मध्यस्थता की। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने बातचीत को अच्छा बताते हुए कहा कि दोनों पक्ष जल्द ही फिर से मिलेंगे।
विटकॉफ और अराघची की सीधे मुलाकात नहीं हुई
बातचीत के बाद स्टीव विटकॉफ ने कहा कि उन्हें अच्छा महसूस हो रहा है। हालांकि, बाद में उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी ईरानी अधिकारियों के साथ आमने-सामने मुलाकात नहीं हुई।
विटकॉफ के अनुसार, दोनों देशों के बीच संदेश पहुंचाने का काम मध्यस्थों ने किया। मध्यस्थ पूरे दिन अमेरिका और ईरान के बीच संदेश लेकर आते-जाते रहे। उन्होंने बताया कि बातचीत का एक दौर पूरा हो चुका है और मध्यस्थ आगे भी दोनों पक्षों के बीच संपर्क बनाए रखेंगे। इस प्रक्रिया में ट्रम्प के दामाद जेरेड कुशनर भी शामिल रहे।
ट्रम्प ने ईरान के सामने रखे दो विकल्प
ट्रम्प ने मंगलवार को UN में ईरान को लेकर कड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि ईरान के सामने अमेरिका के साथ समझौता करने या गंभीर सैन्य कार्रवाई का सामना करने का विकल्प है।
ट्रम्प ने कहा कि अगर समझौता नहीं होता और संघर्ष आगे बढ़ता है तो अमेरिका ईरान को तबाह कर सकता है। उन्होंने शांति समझौते और फिर से सैन्य कार्रवाई, दोनों विकल्पों का जिक्र किया। उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका अपनी ताकत के जरिए शांति कायम करना चाहता है। साथ ही ट्रम्प ने ईरान से बातचीत की मेज पर लौटने और होर्मुज स्ट्रेट को पूरी तरह खोलने की मांग की।
होर्मुज स्ट्रेट खोलने को लेकर ईरान की शर्तें
ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट को फिर से खोलने के लिए कुछ शर्तें रखी हैं। दी गई जानकारी के मुताबिक, अब्बास अराघची ने अमेरिकी अधिकारियों के सामने इन शर्तों को रखा। ईरान की मांग है कि अमेरिका नौसैनिक नाकाबंदी तुरंत हटाए और विदेशों में फ्रीज की गई ईरानी संपत्तियां जारी करे। इसके अलावा लेबनान समेत सभी मोर्चों पर युद्ध खत्म करने की मांग भी रखी गई है।
होर्मुज स्ट्रेट क्यों अहम है
होर्मुज स्ट्रेट दुनिया के प्रमुख तेल शिपिंग रूट में शामिल है। यह जलमार्ग फारस की खाड़ी को ओमान की खाड़ी से जोड़ता है।
इस रास्ते से बड़ी मात्रा में कच्चे तेल और गैस का परिवहन होता है। इसी वजह से अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत में होर्मुज स्ट्रेट का मुद्दा भी अहम बना हुआ है। एक वरिष्ठ ईरानी अधिकारी के मुताबिक, अगर अमेरिका सैन्य और आर्थिक दबाव कम करने की दिशा में कदम उठाता है तो ईरान सात दिनों के अंदर होर्मुज स्ट्रेट खोल सकता है।
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