बरमूडा : समुद्र की गहराई से मिला एक बेशकीमती सोने का क्रॉस आज भी दुनिया के सबसे रहस्यमयी लापता खजानों में शामिल है। 1955 में गोताखोर टेडी टकर ने बरमूडा के पास एक 16वीं सदी के स्पेनिश जहाज के मलबे से यह क्रॉस बरामद किया था। सात पन्नों से जड़े इस क्रॉस की आज के हिसाब से कीमत करीब 30 लाख डॉलर आंकी गई थी।
दिलचस्प बात यह है कि समुद्र से निकलने के करीब दो दशक बाद यह ऐतिहासिक क्रॉस म्यूजियम से रहस्यमय तरीके से गायब हो गया। इसकी जगह बिल्कुल वैसी दिखने वाली प्लास्टिक की नकली प्रतिकृति रख दी गई थी।
समुद्र की गहराई में मिला था खजाना
टेडी टकर ने 1955 में बरमूडा के पास एक पुराने स्पेनिश गैलियन के मलबे की तलाश के दौरान सोने का क्रॉस खोजा था। यह करीब तीन इंच लंबा था और इसमें सात बड़े पन्ने जड़े थे। माना जाता है कि जहाज 1592 के आसपास डूबा था। टकर ने इस खोज के बाद सोने की ईंटों, सिक्कों और अन्य ऐतिहासिक वस्तुओं समेत काफी खजाना बरामद किया। बाद में उन्होंने पूरा संग्रह बरमूडा सरकार को बेच दिया, ताकि यह खजाना द्वीप पर ही संरक्षित रह सके।
1975 में सामने आया चोरी का राज
क्रॉस को पहले बरमूडा एक्वेरियम और बाद में बरमूडा मैरीटाइम म्यूजियम में प्रदर्शित किया गया था। 1975 में जब इसे देखा गया तो टेडी टकर को कुछ गड़बड़ महसूस हुई। असली क्रॉस की जगह रखी वस्तु नकली थी और उसके ऊपर लगा पेंट तक पूरी तरह सूखा नहीं था। मामला और भी रहस्यमय इसलिए बन गया क्योंकि यह घटना महारानी एलिजाबेथ द्वितीय की प्रस्तावित म्यूजियम यात्रा से ठीक पहले सामने आई थी। जांच में FBI और इंटरपोल तक की मदद ली गई, लेकिन असली क्रॉस का आज तक कोई पता नहीं चला और किसी व्यक्ति पर चोरी का आरोप साबित नहीं हुआ।
आज भी अनसुलझी है पहेली
यह क्रॉस अब ‘Tucker's Cross’ के नाम से जाना जाता है। इतिहासकारों और खजाना खोजने वालों के लिए यह इसलिए खास है क्योंकि यह समुद्र से बरामद सबसे चर्चित ऐतिहासिक वस्तुओं में से एक रहा है। टेडी टकर का 2014 में निधन हो गया, लेकिन उनकी सबसे चर्चित खोज का रहस्य आज भी बरकरार है। सवाल यही है कि म्यूजियम से असली सोने का क्रॉस आखिर किसने चुराया और वह पिछले पांच दशकों से कहां है?
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