Islamabad. इस्लामाबाद। पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के कोहाट जिले में शुक्रवार की नमाज के दौरान बड़ा धमाका हुआ। इस घटना में 16 लोगों की मौत हो गई, जबकि 50 से ज्यादा लोग घायल बताए जा रहे हैं। मृतकों में 5 पुलिसकर्मी और 11 आम नागरिक शामिल हैं। धमाका इतना तेज था कि मस्जिद के बाहर का हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई और सुरक्षा बलों ने पूरे क्षेत्र को घेर लिया।
पुलिस लाइंस गेट पर विस्फोट की आशंका
पाकिस्तानी पुलिस के शुरुआती जांच के अनुसार, पुराने पुलिस लाइंस के गेट पर विस्फोटक से भरी एक गाड़ी टकराई थी। इसके बाद जोरदार धमाका हुआ। धमाके के बाद आसपास मौजूद लोगों में भगदड़ की स्थिति बन गई। घायलों को तत्काल नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज जारी है।
हमले के बाद आतंकियों से मुठभेड़
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, धमाके के बाद कुछ आतंकियों ने पुलिस लाइंस परिसर में घुसने की कोशिश की। सुरक्षा बलों और हमलावरों के बीच मुठभेड़ शुरू हो गई। पुलिस के मुताबिक, इस कार्रवाई में 6 आतंकियों को मार गिराया गया है। इनमें एक आत्मघाती हमलावर भी शामिल बताया गया है। सुरक्षा एजेंसियां पूरे इलाके में तलाशी अभियान चला रही हैं और हमले से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच कर रही हैं।
आतंकी संगठन ने ली जिम्मेदारी
इस हमले की जिम्मेदारी इत्तेहाद-उल-मुजाहिदीन पाकिस्तान नाम के आतंकी गठबंधन ने ली है। बताया जा रहा है कि यह संगठन पिछले साल बना था और इसमें पाकिस्तान के कई उग्रवादी गुट शामिल हैं। हालांकि, सुरक्षा एजेंसियां संगठन के दावों की जांच कर रही हैं।
मुख्यमंत्री ने मांगी घटना की रिपोर्ट
खैबर पख्तूनख्वा के मुख्यमंत्री सोहेल अफरीदी ने घटना पर रिपोर्ट मांगी है। उन्होंने अधिकारियों को घायलों का बेहतर इलाज सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि निर्दोष लोगों को निशाना बनाना स्वीकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने अधिकारियों से सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा करने को भी कहा है। वहीं, खैबर पख्तूनख्वा के गवर्नर फैसल करीम कुंडी ने भी इस घटना की निंदा की है।
पाकिस्तान में बढ़ी आतंकी घटनाएं
पाकिस्तान में इस साल आतंकी घटनाओं में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। पाकिस्तान इंस्टीट्यूट फॉर कॉन्फ्लिक्ट एंड सिक्योरिटी स्टडीज (PICSS) के आंकड़ों के अनुसार, जनवरी से अगस्त 2026 तक देश में बड़ी संख्या में आतंकी घटनाएं दर्ज की गई हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, इस अवधि में 990 मिलिटेंट हमले हुए, जिनमें 1126 से ज्यादा लोगों की मौत हुई। आंकड़ों के अनुसार, अगस्त महीने में सबसे ज्यादा 199 हमले दर्ज किए गए, जबकि जुलाई में 144 घटनाएं सामने आई थीं। अगस्त में हमलों से जुड़ी 158 मौतें दर्ज की गईं, जबकि जुलाई में यह संख्या 268 रही।
सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
कोहाट धमाके के बाद पाकिस्तान में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर एक बार फिर सवाल उठ रहे हैं। खैबर पख्तूनख्वा क्षेत्र लंबे समय से आतंकी गतिविधियों से प्रभावित रहा है। सुरक्षा एजेंसियां अब हमले की पूरी साजिश, इस्तेमाल किए गए विस्फोटक और इसमें शामिल लोगों की पहचान करने में जुटी हैं। फिलहाल इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी गई है और जांच एजेंसियां मामले की पड़ताल कर रही हैं।
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