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जनता से रिश्ता वेबडेस्क। Metaverse एक ऐसा वर्चुअल दुनिया है, जहां पर आपको एक अलग ही प्रकार का अनुभव होने वाला है. वैसे तो ये एक कंप्यूटर से तैयार की गयी दुनिया है, लेकिन ये हुबहू असली दुनिया से भी ज़्यादा सच्ची दिखायी पड़ती है. Metaverse को इंटरनेट का अगला दौर कहना गलत नहीं होगा. अब इसी मेटावर्स को लेकर दुनिया के सबसे नए गणराज्य बारबाडोस ने बड़ा ऐलान किया है. 3 लाख की आबादी वाले कैरिबियाई द्वीपों के प्रमुख देश बारबाडोस मेटावर्स में पहला दूतावास खोलेगा. यहां सारा काम कंप्यूटर पर घर बैठे ही होगा. न कोई ऑफिस आवर होगा और न कोई मीटिंग.

डिसेंट्रलैंड (Decentraland) में डिप्लोमैटिक कंपाउंड बनाया जा रहा है. ये एक ऑनलाइन दुनिया या मेटावर्स है. इसे एक्सेस करने के लिए कंप्यूटर या रियलिटी हेडसेट की जरूरत होगी. अभी हाल ही में Decentraland में एक वर्चुअल रियल एस्टेट को 2.43 मिलियन डॉलर में बेचा गया था.
क्रिप्टो एसेट मैनेजमेंट फर्म Grayscale के अनुसार मेटावर्स ट्रिलियन डॉलर रेवन्यू का अवसर है. इसी का फायदा बारबाडोस लेना चाह रहा है. इसको लेकर बारबाडोस की डिजिटल डिप्लोमेसी को आगे बढ़ाने वाले Gabriel Abed ने कहा कि वर्चुअल एम्बेसी काफी जरूरी है.
मेटावर्स में आप एक झटके में खुद को टेलीपोर्ट कर सकते हैं. जहां चाहें वहां पहुंच सकते हैं. फिर वो चाहे आपका ऑफिस हो, आपके दोस्त का घर हो या किसी फिल्म का हॉल हो. Metaverse एक ऐसी जगह है, जिसकी कोई लिमिट ही नहीं है. यानी यहां पर आप कभी भी कुछ भी कर सकते हैं.
साल 1992 में साइंस फिक्शन लेखक नील स्टीफेन्सन ने एक उपन्यास लिखा था, जिसका नाम था 'स्नो क्रैश'. इस उपन्यास में पहली बार 'मेटावर्स' नाम का जिक्र था. उपन्यास में लेखक ने इंटरनेट की ऐसी दुनिया की कल्पना की थी, जिसमें इंसान घर बैठा रहे लेकिन उसकी थ्री डी इमेज दुनिया में कहीं भी पहुंच जाए. मतलब एक असल दुनिया के साथ ही एक वर्चुअल दुनिया भी होगी जिसमें आप घर बैठे-बैठे दुनिया में कहीं भी पहुंच सकते हैं.
गौरतलब है कि क्रिप्टो करेंसी का भी पहले एक नोवेल में ही जिक्र किया गया था. आज तकनीक के तेजी से विकास से क्रिप्टो करेंसी एक हकीकत बन चुकी है. ऐसे में उम्मीद की जा रही है कि आने वाले समय में मेटावर्स भी एक हकीकत होगा.
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