दहशत में टेक वर्ल्ड! सुंदर महिलाओं के जरिए...मची खलबली

जानें स्टोरी.

Update: 2025-10-23 13:16 GMT

सांकेतिक तस्वीर

नई दिल्ली: चीनी और रूसी खुफिया एजेंट सुंदर महिलाओं के जरिए अमेरिकी टेक कंपनियों में सेंध लगाने की कोशिश कर रहे हैं। वे कर्मचारियों को मोहित करके व्यावसायिक गोपनीयताओं पर हाथ साफ कर रहे हैं। इस रणनीति को 'सेक्स वारफेयर' का नाम दिया गया है, जो अमेरिका की तकनीकी श्रेष्ठता के लिए गंभीर खतरा बन चुकी है। दरअसल, सिलिकॉन वैली के दिल में जहां अरबों डॉलर के विचार कॉफी के घूंटों पर तैरते हैं और रक्षा अनुबंधों पर इनोवेशन का दांव लगता है। इसमें हमेशा कोडिंग, सैटेलाइट या साइबर हमले नहीं होते। कभी-कभी तो आकर्षण ही हथियार होता है। कभी शादी का बंधन तो कभी कुछ और...!

अमेरिकी खुफिया एजेंसियों के मौजूदा और पूर्व अधिकारियों के मुताबिक, चीन और रूस के एजेंट अमेरिकी टेक सेक्टर में घुसपैठ के लिए 'हनीट्रैप' यानी प्रलोभन, रोमांस और लंबे समय तक हेरफेर की रणनीति का इस्तेमाल तेजी से बढ़ा रहे हैं। यह चाल शीत युद्ध के जासूसी उपन्यासों से जुड़ी पुरानी है, लेकिन सिलिकॉन वैली में यह तेजी के साथ लौट आई है। जहां खुलापन, महत्वाकांक्षा और गोपनीयता आपस में भिड़ते हैं। एक पूर्व अमेरिकी काउंटर-इंटेलिजेंस अधिकारी ने 'द टाइम्स' को बताया कि लक्ष्य तक पहुंचना, उससे शादी करना, बच्चे पैदा करना, और जीवनभर की जासूसी चलाना... सोचने पर भी डर लगता है, लेकिन यह आजकल आम हो गया है।
अब सवाल उठता है कि सेक्स वारफेयर है क्या? नाम से ही साफ है, इसका मतलब है अंतरंग रिश्तों (खासकर रोमांटिक या शारीरिक) का जानबूझकर इस्तेमाल, ताकि संवेदनशील डेटा हासिल किया जाए या टार्गेट को ब्लैकमेल किया जाए। यह जासूसी की पुरानी किताबी चाल है, लेकिन आज के टेक युग में यह और भी खतरनाक हो गई है। पामीर कंसल्टिंग के चीफ इंटेलिजेंस ऑफिसर और 30 साल के काउंटर-इंटेलिजेंस एक्सपर्ट जेम्स मुलवेनन ने 'द टाइम्स' से कहा कि वे ऐसे प्रयासों में उछाल देख रहे हैं। उन्होंने बताया कि मुझे लिंक्डइन पर एक जैसी आकर्षक युवा चीनी महिलाओं से सैकड़ों सटीक मैसेज आते हैं। हाल में यह संख्या विस्फोटक रूप से बढ़ी है।
मुलवेनन ने वर्जीनिया में चीनी निवेश जोखिमों पर एक कॉन्फ्रेंस की मिसाल दी, जहां दो खूबसूरत चीनी महिलाएं फर्जी डिटेल्स से घुसने की कोशिश कर रही थीं, लेकिन उन्हें रोका गया। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ एक उदाहरण है, और यह डरावना है। हमारी कानूनी-संस्कृतिक सीमाओं की वजह से यह उनकी मजबूत चाल है, हमारे पास असममित कमजोरी है।
आज की सेक्स-स्पाईंग की सबसे डरावनी बात यह है कि ये ऑपरेशन कितने गहरे और लंबे चलते हैं। एक पूर्व अधिकारी ने 'टाइम्स' को एक रूसी महिला का केस सुनाया, जो 'खूबसूरत' बताई जाती है। उसने अमेरिकी एयरोस्पेस इंजीनियर से शादी की, जो डिफेंस प्रोजेक्ट्स पर काम करता था। पहले मॉडलिंग स्कूल, फिर 'रूसी सॉफ्ट-पावर' ट्रेनिंग, और गायब होकर क्रिप्टो एक्सपर्ट बनना, फिर मिलिट्री-स्पेस इनोवेशन में कूदना। पति को कुछ पता ही नहीं चला। ये छोटे-मोटे खेल नहीं, बल्कि दशकों के स्ट्रैटेजिक प्लान हैं, जो विश्वास और एक्सेस बनाते हैं।
प्रलोभन के अलावा, चीन-बैक स्टार्टअप कॉम्पिटिशंस भी खतरा हैं। अक्सर अमेरिकी अफसर इसकी चेतावनी देते हैं। ये यूएस में भी होते हैं, जहां युवा एंटरप्रेन्योर्स को फंडिंग-प्राइज के लालच में आईपी, बिजनेस प्लान्स और पर्सनल डेटा शेयर करने को मजबूर किया जाता है। एक बायोटेक सीईओ ने ग्लोबल कॉम्पिटिशन का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि अफसरों ने उन्हें ट्रैक किया, माइक लगवाया और पूछताछ की। वे सब रिकॉर्ड करते रहे, जैसे रिपोर्टर करते हैं। 50000 डॉलर जीतने पर पैसे पर्सनल अकाउंट में आए तो अजीब लगा। बाद में यूएस गवर्नमेंट ने फेडरल फंडिंग रोक दी, क्योंकि एशियन इनवेस्टर्स से लिंक सामने आया। स्टार्टअप बंद हो गया। मुलवेनन ने इसे 'ड्राफ्टिंग' रणनीति कहा। उन्होंने कहा कि फॉरेन ओनरशिप लिमिट क्रॉस हो जाए तो डिफेंस डिपार्टमेंट इनवेस्ट नहीं कर सकता। सरकार इनोवेशन और आईपी से कट जाती है।
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