बिना किसी सूरज की रोशनी के चार महीने की कल्पना करें! घबरा गए ना, यह अंटार्कटिका में रहने वालों के लिए सच्चाई है. क्योंकि यहां 13 मई को अंतिम सूर्यास्त के साथ 'लंबी रात' का समय शुरू हो चुका है. इस क्षेत्र का ऐसा अलग वातावरण और अत्यधिक कम तापमान ज्यादातर लोगों को डरा सकता है, लेकिन यह अंतरिक्ष यात्रियों के लिए एक विशेष सुविधा देता है. क्योंकि उन्हें अपने अंतरिक्ष मिशन की तैयारी करने और पृथ्वी पर कुछ कठिन परिस्थितियों में रहने का अभ्यास करने का अवसर मिल जाता है. बिना धूप और कठोर परिस्थितियों वाले, ये चार महीने उनके टफ ट्रेनिंग के लिए एकदम सही हैं.

यहां हैं सिर्फ दो मौसम
हालांकि दुनिया भर के अधिकांश स्थानों में चार प्रमुख मौसम होते हैं, लेकिन जब अंटार्कटिका की बात आती है तो यहां केवल दो ही मौसम होते हैं - गर्मी और सर्दी. पृथ्वी का सबसे ठंडा महाद्वीप छह महीने तक सूर्य के प्रकाश का अनुभव करता है जबकि वर्ष का दूसरा भाग पूर्ण अंधकार में व्यतीत होता है.
अंतरिक्ष एजेंसी का काम शुरू
अंटार्कटिका में सबसे दूरस्थ बेस कॉनकॉर्डिया एक बार फिर यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी (ईएसए) की 12 सदस्यीय टीम काम में जुटने वाली है. ये 12 लोग यहां दुनिया से अलग रहेंगे और काम करेंगे. चालक दल का मिशन यह समझने के लिए है कि कठोर परिस्थितियां मनुष्यों को कैसे प्रभावित करती हैं. ईएसए ने अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर कहा, 'नींद के अध्ययन से लेकर पेट के स्वास्थ्य माप से लेकर दिमागी परेशानियों तक, शोधकर्ताओं को अंतरिक्ष जैसे चरम वातावरण, वर्तमान और भविष्य के खोजकर्ताओं को समझने और चुनौतियों को दूर करने में मदद करने के लिए चालक दल को आगे बढ़ाया जाता है.'


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