Iran ईरान ; राजनयिक सूत्रों के अनुसार ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियान ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को औपचारिक रूप से आमंत्रित किया है। यह निमंत्रण ईरान के दिवंगत सर्वोच्च नेता अयातुल्ला सैयद अली खामेनेई के राजकीय अंतिम संस्कार और दफ़नाने की रस्मों में शामिल होने के लिए भेजा गया है।
सूत्रों का कहना है कि यह आमंत्रण ऐसे समय में आया है जब ईरान में खामेनेई के सम्मान में बड़े पैमाने पर श्रद्धांजलि कार्यक्रमों की तैयारियां चल रही हैं। ये कार्यक्रम 4 जुलाई से 9 जुलाई तक देश के विभिन्न शहरों में आयोजित किए जाएंगे।
श्रद्धांजलि कार्यक्रमों की शुरुआत राजधानी तेहरान से होगी, जहां 4 और 5 जुलाई को दिवंगत नेता का पार्थिव शरीर ‘ग्रैंड मोसाल्ला’ कॉम्प्लेक्स में रखा जाएगा। इस दौरान आम नागरिकों को अंतिम दर्शन और श्रद्धांजलि देने का अवसर दिया जाएगा।
इसके बाद ईरान के अन्य प्रमुख शहरों में भी अलग-अलग कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जहां विभिन्न वर्गों के लोग खामेनेई को श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे। पूरे देश में इन कार्यक्रमों को लेकर व्यापक स्तर पर तैयारियां की जा रही हैं।
कूटनीतिक सूत्रों के अनुसार, इस आमंत्रण को दोनों देशों के बीच राजनयिक संबंधों के लिहाज से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। भारत और ईरान के बीच लंबे समय से ऊर्जा, व्यापार और क्षेत्रीय सहयोग को लेकर संबंध रहे हैं।
हालांकि, अभी तक इस बात की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस अंतिम संस्कार कार्यक्रम में शामिल होंगे या नहीं। सरकार की ओर से इस आमंत्रण पर कोई औपचारिक बयान जारी नहीं किया गया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के उच्च-स्तरीय आमंत्रण अंतरराष्ट्रीय कूटनीति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं और इससे द्विपक्षीय संबंधों पर असर पड़ सकता है।
ईरान में खामेनेई के निधन के बाद पूरे देश में शोक की लहर है और सरकार द्वारा उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान देने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
फिलहाल सभी की नजरें भारत सरकार के आधिकारिक रुख पर टिकी हैं, जिससे यह स्पष्ट होगा कि पीएम मोदी इस कार्यक्रम में शामिल होंगे या नहीं।