हमारी धरती के ऊर्जा स्रोत सूरज से लगातार भयानक सौर लपटें उठ रही हैं। पिछले हफ्ते शुरू हुआ यह सिलसिला लगातार जारी है। वैज्ञानिकों के मुताबिक इन सौर लपटों के उठने से पावर ग्रिड और धरती की कक्षा में चक्‍कर काट रहे उपग्रहों को नुकसान हो सकता है। उन्‍होंने बताया कि 1 नवंबर से लेकर अब तक सूरज में 3 बार भारी विस्‍फोट हो चुका है। इसे कोरोनल मास इजेक्शन (Coronal Mass Ejections) कहा जाता है।

स्‍पेस डॉट कॉम की ओर से शेयर किए गए वीडियो में नजर आ रहा है कि सूरज से लगातार सौर लपटें निकल रही हैं। इनमें कई लपटें सीधे धरती की ओर आ रही हैं। इसी वजह से पिछले दिनों नासा ने सौर तूफान को लेकर चेतावनी दी थी। कोरोनल मास इजेक्शन की वजह से अंतरिक्ष में गैस का गुबार और चुंबकीय क्षेत्र पैदा होता है। अब तक AR2887, AR2891 विस्‍फोट हो चुका है। वहीं तीसरा विस्‍फोट भी पिछले दिनों हुआ है जिसे राक्षस की संज्ञा दी जा रही है।
अंतरिक्ष में नजर आ सकती हैं नार्दन लाइट्स
कोरोनल मास इजेक्शन कम या ज्‍यादा तीनों ही बार धरती की ओर आया। वैज्ञानिकों ने चेतावनी दी है कि गुरुवार से बड़े पैमाने पर कोरोनल मास इजेक्शन धरती पर आएंगे और गुरुवार से जिओमैग्‍नेटिक तूफान पैदा हो सकते हैं। अमेरिका के अंतरिक्ष मौसम पूर्वानुमान सेंटर ने बताया कि एक छोटा जिओमैग्‍नेटिक तूफान बुधवार को आया था और गुरुवार को मध्‍यम दर्जे का तूफान आएगा।
सेंटर ने कहा कि इन तूफानों की वजह से पावर ग्रिड में दिक्‍कत आ सकती है ओर सैटलाइट के परिक्रमा पथ में परेशानी आ सकती है। इस सौर तूफान की वजह से न्‍यूयॉर्क, वॉशिंगटन और अन्‍य राज्‍यों में अंतरिक्ष में नार्दन लाइट्स नजर आ सकती हैं। दरअसल, धरती के पास अंतरिक्ष का मौसम कोरोनल मास इजेक्शन के कारण तय होता है। ये सूरज पर होने वाले विस्फोटों से पैदा मैग्नेटाइज्ड प्लाज्मा होता है जो अंतरिक्ष में ट्रैवल करते हुए धरती की ओर आता है।
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