ताइपे। ताइवान सरकार चीन के कथित “ट्रांसनेशनल रिप्रेशन” यानी विदेशों में रहने वाले लोगों को डराने, निगरानी करने या उन पर दबाव बनाने जैसी गतिविधियों से निपटने के लिए नए कानूनी और नीतिगत उपाय तैयार कर रही है। यह कदम अमेरिका में एक संदिग्ध चीनी ऑपरेटिव की गिरफ्तारी के बाद उठाया जा रहा है, जिस पर ताइवान के राष्ट्रपति विलियम लाई के परिवार की निगरानी करने का आरोप है। ताइवान ने इस मामले को गंभीर बताते हुए इसे अपनी सुरक्षा और नागरिकों के अधिकारों से जुड़ा मुद्दा कहा है।
ताइपे टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, ताइवान की मेनलैंड अफेयर्स काउंसिल (MAC) ने कहा है कि सरकार राष्ट्रीय स्तर के दिशानिर्देश तैयार कर रही है। इन दिशानिर्देशों का उद्देश्य विदेश में रहने, काम करने या पढ़ाई करने वाले ताइवानी नागरिकों को यह समझाना होगा कि यदि उन्हें निगरानी, धमकी, दबाव या संदिग्ध गतिविधियों का सामना करना पड़े तो वे किस तरह प्रतिक्रिया दें और किस सरकारी एजेंसी से संपर्क करें।
MAC के मंत्री चिउ चुई-चेंग ने कहा कि ताइवान ऐसे मामलों को केवल व्यक्तिगत सुरक्षा का मुद्दा नहीं मानता, बल्कि इन्हें राष्ट्रीय सुरक्षा और लोकतांत्रिक व्यवस्था से जुड़ी चुनौती के रूप में देख रहा है। काउंसिल के मुताबिक कम से कम 126 ताइवानी नागरिक 140 मामलों में कथित चीनी ट्रांसनेशनल रिप्रेशन से प्रभावित हुए हैं। अधिकारियों का कहना है कि इन कार्रवाइयों का उद्देश्य केवल सरकारी अधिकारियों को निशाना बनाना नहीं, बल्कि व्यापक स्तर पर ताइवानी नागरिकों के बीच डर का माहौल पैदा करना भी हो सकता है।
यह मुद्दा तब और गंभीर हो गया जब अमेरिका की संघीय जांच एजेंसी FBI ने 34 वर्षीय वानयिंग “हीथर” झांग को लॉस एंजिल्स इंटरनेशनल एयरपोर्ट से गिरफ्तार किया। वह कथित तौर पर शंघाई जाने वाली उड़ान में सवार होने वाली थीं। अमेरिकी अधिकारियों ने उन पर बिना पंजीकरण के किसी विदेशी सरकार के एजेंट के रूप में काम करने का आरोप लगाया है।
अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, झांग पर ताइवान के राष्ट्रपति विलियम लाई के बेटे लाई टिंग-यू और उनके परिवार की निगरानी करने का आरोप है। आरोप है कि उन्होंने सितंबर 2025 में सिएटल की यात्रा की और वहां उनके घर, वाहनों तथा परिवार से जुड़ी जानकारी जुटाई। अमेरिकी जांच एजेंसियों के मुताबिक तस्वीरें, वीडियो और वाहनों की नंबर प्लेट से संबंधित जानकारी चीन में मौजूद संपर्कों तक पहुंचाई गई।
FBI के निदेशक काश पटेल ने गिरफ्तारी के बाद कहा कि अमेरिका की जमीन पर किसी विदेशी सरकार के लिए इस तरह की कथित जासूसी गतिविधियां स्वीकार नहीं की जाएंगी। अमेरिकी अधिकारियों ने दावा किया कि झांग ने निगरानी के दौरान पहचान से बचने के तरीके अपनाए और कथित तौर पर चीनी अधिकारियों के निर्देशों पर काम किया। हालांकि यह मामला अभी अदालत में है और आरोप सिद्ध होना बाकी हैं।
ताइवान के राष्ट्रपति कार्यालय ने घटना की कड़ी निंदा करते हुए इसे “ट्रांसनेशनल रिप्रेशन” का उदाहरण बताया है। राष्ट्रपति कार्यालय की प्रवक्ता करेन कुओ ने कहा कि ताइवान ऐसे कथित कृत्यों को मानवाधिकारों और राष्ट्रीय संप्रभुता के खिलाफ मानता है। उन्होंने अमेरिकी कानून प्रवर्तन एजेंसियों का धन्यवाद भी किया और कहा कि ताइवान अपने लोकतांत्रिक साझेदारों के साथ मिलकर ऐसे मामलों से निपटता रहेगा।
ताइवान सरकार का कहना है कि वह अब ऐसी घटनाओं से निपटने के लिए नागरिकों को स्पष्ट सलाह, रिपोर्टिंग सिस्टम और सुरक्षा उपाय उपलब्ध कराने की दिशा में काम कर रही है। प्रस्तावित दिशानिर्देशों में विदेश यात्रा के दौरान संदिग्ध निगरानी की पहचान, डिजिटल सुरक्षा, निजी जानकारी की सुरक्षा और सरकारी एजेंसियों से संपर्क के तरीके शामिल किए जा सकते हैं।
ताइवान के अधिकारियों ने यह भी कहा है कि विदेशों में रहने वाले ताइवानी नागरिकों, सरकारी अधिकारियों, कार्यकर्ताओं और उनके परिवारों को संभावित खतरे के बारे में जागरूक किया जाना जरूरी है। सरकार का मानना है कि केवल कानून प्रवर्तन एजेंसियों के भरोसे रहना पर्याप्त नहीं होगा, बल्कि नागरिकों को भी अपनी डिजिटल और व्यक्तिगत सुरक्षा को लेकर सतर्क रहना होगा।
चीन ने इन आरोपों को स्वीकार नहीं किया है। चीनी अधिकारियों ने झांग के मामले की जानकारी होने से इनकार किया और चीन से जुड़े जासूसी आरोपों को बदनाम करने का प्रयास बताया है। बीजिंग लंबे समय से ताइवान को अपना हिस्सा मानता है, जबकि ताइवान की सरकार खुद को एक अलग लोकतांत्रिक व्यवस्था के रूप में संचालित करती है।
यह मामला अमेरिका-चीन और चीन-ताइवान संबंधों में पहले से जारी तनाव के बीच सामने आया है। ताइवान के अधिकारियों का कहना है कि कथित निगरानी, धमकी और विदेशी धरती पर दबाव की गतिविधियां अब केवल राजनीतिक विवाद नहीं रह गई हैं, बल्कि इससे सामान्य नागरिकों और उनके परिवारों की सुरक्षा भी प्रभावित हो सकती है।
फिलहाल ताइवान सरकार नए दिशानिर्देशों और कानूनी उपायों पर काम कर रही है। झांग के खिलाफ अमेरिकी अदालत में आगे की कार्रवाई और मामले से जुड़े सबूतों पर भी नजर बनी हुई है। ताइवान का कहना है कि वह अमेरिका और अन्य लोकतांत्रिक देशों के साथ सहयोग बढ़ाकर विदेशों में अपने नागरिकों की सुरक्षा मजबूत करने और कथित ट्रांसनेशनल रिप्रेशन का मुकाबला करने की दिशा में आगे बढ़ेगा।