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जनता से रिश्ता वेबडेस्क। ब्रिटिश प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन (Boris Johnson) ने कहा कि रूस (Russia) का यूक्रेन (Ukraine) पर आक्रमण 'विश्व के लिए अहम मोड़' है. उन्होंने तर्क दिया कि राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की जीत से 'भयभीत करने वाले एक नए युग' की शुरुआत होगी. कंजरवेटिव पार्टी के सम्मेलन में शनिवार को ब्रिटिश प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने दावा किया कि पुतिन 'भयभीत' थे, क्योंकि स्वतंत्र यूक्रेन का उदाहरण लोकतंत्र समर्थक आंदोलन को हवा दे सकता था. उन्होंने कहा कि विजेता पुतिन यूक्रेन में ही नहीं रुकेंगे और यूक्रेन की आजादी खत्म होने का अभिप्राय जॉर्जिया और उसके बाद मोल्दोवा की अजादी की किसी भी उम्मीद का खत्म होना, इसका अभिप्राय पूरे पूर्वी यूरोप में बाल्टिक से काला सागर तक भयभीत करने के नए युग की शुरुआत होगा.

वहीं रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध से ब्रिटेन सदमे में है. ब्रिटेन को रूस की तरफ से एटमी अटैक का डर सता रहा है. एटमी युद्ध पर ब्रिटेन के सीक्रेट प्लान का खुलासा हुआ है. बताया जा रहा है कि न्यूक्लियर वॉर की स्थिति के लिए 'ऑपरेशन पायथन' को एक्टिव कर दिया गया है. इस ऑपरेशन के तहत महारानी समेत रॉयल फैमिली को सुरक्षित जगह ले जाने का प्लान है. एटम बम अटैक के दौरान सरकार को बचाए रखने की तैयारी की जा रही है. रूस और यूक्रेन के बीच पिछले कई दिनों से युद्ध जारी है. रूसी हमले में यूक्रेन पूरी तरह से तबाह हो चुका है और उसके यहां से लाखों लोग बेघर हो गए हैं. यूक्रेनी लोग दूसरे देशों में शरण लेने को मजबूर हो गए हैं. वहीं दूसरी ओर जंग को खत्म करने की कोशिशें जारी हैं और रूसी पक्ष व यूक्रेन पक्ष दोनों समझौते के लिए बातचीत कर रहे हैं.
शनिवार को यूक्रेन के राष्ट्रपति व्लोदिमीर जेलेंस्की ने रूस को चेतावनी दी है. उन्होंने कहा कि रूस की आने वाली पीढ़ियों को युद्ध के परिणाम भुगतने होंगे. जेलेंस्की ने कहा है कि रूसी सेनाएं बड़े शहरों को घेर रही हैं और इस तरह की दयनीय स्थिति पैदा करना चाहती हैं कि यूक्रेन के नागरिकों को उनका सहयोग करना पड़े. हालांकि जेलेंस्की ने शनिवार को चेताया कि ये रणनीति सफल नहीं होगी और अगर रूस युद्ध को समाप्त नहीं करता है तो उसे लंबे समय तक नुकसान उठाना पड़ेगा.
यूक्रेन में 65 लाख लोग विस्थापित हुए
संयुक्त राष्ट्र की शरणार्थी संबंधी एजेंसी के अनुमान के अनुसार यूक्रेन में अब तक कुल 65 लाख लोग विस्थापित हो चुके हैं, जबकि 32 लाख लोग पहले ही देश छोड़कर जा चुके हैं.अंतरराष्ट्रीय प्रवास संगठन (आईओएम) के अनुमान से पता चलता है कि यूक्रेन विस्थापन के मामले में पिछले तीन सप्ताह में ही सीरिया से आगे निकल चुका है, जहां साल 2010 में भीषण युद्ध की शुरुआत हुई थी. सीरिया में अब तक 1 करोड़ 30 लाख से अधिक लोग या तो विस्थापित हो चुके हैं या फिर देश छोड़कर चले गए हैं. संयुक्त राष्ट्र एजेंसी का यह अनुमान शुक्रवार को प्रकाशित एक दस्तावेज में सामने आया है.
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