Paris पेरिस : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी फ्रांस और स्लोवाकिया की अपनी दो देशों की यात्रा के अंतिम चरण में पेरिस पहुंचे, जहां भारतीय प्रवासी समुदाय ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। पेरिस पहुंचने पर प्रवासी भारतीयों में उत्साह का माहौल देखने को मिला और उन्होंने प्रधानमंत्री का अभिनंदन किया।
प्रधानमंत्री मोदी हाल ही में एवियन-लेस-बेन्स से पेरिस पहुंचे थे, जहां उन्होंने G7 शिखर सम्मेलन में भाग लिया। इस सम्मेलन में भारत को विशेष अतिथि देश के रूप में आमंत्रित किया गया था। G7 मंच पर भारत की भागीदारी को वैश्विक स्तर पर उसकी बढ़ती भूमिका के रूप में देखा जा रहा है।
पेरिस पहुंचने के बाद प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया पर अपनी प्रतिक्रिया साझा करते हुए कहा कि प्रवासी भारतीयों द्वारा मिला स्वागत उनके लिए गर्व का क्षण है। उन्होंने लिखा कि वे भारत और फ्रांस को और करीब लाने के लिए प्रवासी समुदाय के प्रयासों की सराहना करते हैं।
मोदी ने यह भी कहा कि भारत और फ्रांस की साझेदारी वैश्विक प्रगति के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। उनके अनुसार, दोनों देशों के बीच सहयोग न केवल आर्थिक और तकनीकी क्षेत्रों में, बल्कि वैश्विक चुनौतियों के समाधान में भी अहम भूमिका निभा सकता है।
इस यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री मोदी का फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रॉन के साथ भी महत्वपूर्ण कार्यक्रमों में भाग लेने का कार्यक्रम तय है। दोनों नेता विवाटेक 2026 कार्यक्रम में शामिल होंगे, जहां तकनीक, नवाचार और डिजिटल सहयोग पर चर्चा होने की संभावना है।
इसके अलावा प्रधानमंत्री भारतीय समुदाय के लोगों के साथ भी संवाद करेंगे। इस दौरान प्रवासी भारतीयों की भूमिका, उनकी उपलब्धियों और भारत-फ्रांस संबंधों को मजबूत करने में उनके योगदान पर चर्चा होने की उम्मीद है।
प्रधानमंत्री की यह यात्रा भारत और यूरोप के बीच बढ़ते कूटनीतिक संबंधों के लिहाज से महत्वपूर्ण मानी जा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के उच्च स्तरीय दौरे दोनों देशों के बीच सहयोग को नई दिशा दे सकते हैं।
G7 शिखर सम्मेलन में भारत की उपस्थिति और पेरिस में होने वाली बैठकों को वैश्विक कूटनीति में भारत की बढ़ती भूमिका के संकेत के रूप में देखा जा रहा है। इससे अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत की स्थिति और मजबूत होने की उम्मीद जताई जा रही है।
फिलहाल पेरिस में प्रधानमंत्री के कार्यक्रमों को लेकर तैयारियां जारी हैं और उनके दौरे पर अंतरराष्ट्रीय समुदाय की भी नजर बनी हुई है।