पाकिस्तान की आईएसआई कश्मीर में जिहादी समूहों को अभी भी दे रही समर्थन: रिपोर्ट

Update: 2025-10-09 17:58 GMT
Islamabad इस्लामाबाद। पाकिस्तान की इंटर-सर्विसेज इंटेलिजेंस (आईएसआई) लंबे समय से इस्लामी जिहादी समूहों को समर्थन और प्रशिक्षण प्रदान करके भारत के कश्मीर क्षेत्र में उग्रवाद को बढ़ावा देने में शामिल रही है। एक रिपोर्ट में बताया गया कि लश्कर-ए-तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद सहित ये आतंकवादी समूह कश्मीर और भारत के अन्य हिस्सों में हमले करते हैं। अफगान मीडिया आउटलेट अमू टीवी की एक रिपोर्ट में विस्तार से बताया गया है, "पाकिस्तान के सैन्य और खुफिया तंत्र पर लंबे समय से छद्म जिहादी समूहों को अपनी विदेश नीति के औजार के रूप में इस्तेमाल करने का आरोप लगता रहा है। कश्मीर से लेकर अफगानिस्तान तक, पाकिस्तान समर्थित आतंकवादी समूहों ने इस्लामाबाद के रणनीतिक लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए युद्ध छेड़ा है। आजादी के तुरंत बाद हुए पहले कश्मीर युद्ध से लेकर काबुल में तालिबान की वापसी तक, पाकिस्तान का व्यवहार एक जैसा रहा है।
सशस्त्र गैर-सरकारी समूहों को मजबूत प्रतिद्वंद्वियों पर दबाव बनाने, सीधे युद्ध से बचने और पड़ोसी देशों में प्रभाव बनाए रखने के लिए कम लागत वाले औजार के रूप में इस्तेमाल किया जाता है। रिपोर्ट में कहा गया है कि 2008 के मुंबई नरसंहार की योजना लश्कर-ए-तैयबा ने बनाई थी, जिससे पाकिस्तान की रणनीति की व्यापकता उजागर हुई। बाद में पता चला कि इसके संचालक पाकिस्तान में थे और आईएसआई से जुड़े थे। रिपोर्ट में इस बात पर जोर दिया गया है कि कूटनीतिक तौर पर ऐसे देशों को आतंकवाद को समर्थन देने के लिए खुले तौर पर जिम्मेदार ठहराया जाना चाहिए। रिपोर्ट में कहा गया है कि पाकिस्तान के मामले में, सबसे स्पष्ट उपाय सैन्य सहायता रोकना, कूटनीतिक स्पष्टता और वित्तीय दबाव और सैन्य प्रतिबंध लागू करना है।
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