जनता से रिश्ता वेबडेस्क  |    पाकिस्तान में ईशनिंदा के आरोप में चार साल तक जेल में बंद रहने के बाद लाहौर हाई कोर्ट से बरी युवक को एक पुलिसकर्मी ने गोली मारकर हत्या कर दी। पाक के कानून में ईशनिंदा के दोषी को मृत्यु दंड तक की सजा का प्रविधान है। हत्या करने वाले 21 वर्षीय पुलिसकर्मी को गिरफ्तार कर लिया गया है।

मुहम्मद वकास नाम के युवक को ईशनिंदा के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। उस पर अदालत में 2016 से मुकदमा चल रहा था। 2020 में लाहौर हाई कोर्ट ने वकास को दोष मुक्त कर दिया। आमतौर पर ईशनिंदा के आरोपितों को जान का खतरा बना रहता है, इसीलिये वकास भी जेल से छूटने के बाद एक साल तक अपने घर नहीं पहुंचा। कुछ हफ्ते पहले ही वह अपने घर आया था। इसकी एक 21 वर्षीय पुलिसकर्मी ने सादिकाबाद में गोली मारकर हत्या कर दी।

ज्ञात हो कि पाकिस्तान में ईशनिंदा के कड़े कानूनों की मानवाधिकार संगठनों के द्वारा भी निंदा की गई है। इन कानून का अल्पसंख्यकों को फंसाने के लिए भी इस्तेमाल किया जा रहा है। कट्टरपंथी ईशनिंदा के आरोपी को खुद ही मारने के लिए आमादा हो जाते हैं। 2020 में ऐसे ही पाकिस्तान मूल के अमेरिकी नागरिक ताहिर नसीम की पेशावर में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। उस पर ईशनिंदा का आरोप था।


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