भारत-न्यूजीलैंड संबंधों को नई दिशा, स्ट्रेटेजिक पार्टनरशिप रोडमैप टू 2030 पर बनी सहमति

Update: 2026-07-11 05:56 GMT

ऑकलैंड ; भारत और न्यूजीलैंड ने अपने द्विपक्षीय संबंधों को नई ऊंचाई देते हुए इन्हें स्ट्रेटेजिक पार्टनरशिप के स्तर तक बढ़ाने का फैसला किया है। दोनों देशों ने इसके लिए ‘इंडिया-न्यूजीलैंड स्ट्रेटेजिक पार्टनरशिप: रोडमैप टू 2030’ को अपनाया है। इस रोडमैप का उद्देश्य आने वाले वर्षों में दोनों देशों के बीच व्यापार, कृषि, सुरक्षा, नवाचार और लोगों के बीच संपर्क जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में सहयोग को मजबूत करना है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन के बीच 10-11 जुलाई को हुई द्विपक्षीय वार्ता के दौरान दोनों देशों के रिश्तों को और मजबूत करने पर सहमति बनी। प्रधानमंत्री मोदी का यह न्यूजीलैंड दौरा चार दशकों में किसी भारतीय प्रधानमंत्री की पहली आधिकारिक यात्रा थी, जिसे दोनों देशों के संबंधों के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

चार साल के सहयोग के लिए तैयार किया गया रोडमैप



भारत और न्यूजीलैंड की ओर से जारी संयुक्त बयान के अनुसार, दोनों नेताओं ने अगले चार वर्षों में द्विपक्षीय सहयोग को दिशा देने के लिए इस रोडमैप को एक व्यापक ढांचे के रूप में मंजूरी दी है।

इस रणनीतिक साझेदारी के तहत दोनों देश कई क्षेत्रों में मिलकर काम करेंगे। इनमें आर्थिक सहयोग, व्यापार विस्तार, कृषि क्षेत्र में साझेदारी, रक्षा और सुरक्षा सहयोग, तकनीकी नवाचार तथा दोनों देशों के नागरिकों के बीच संपर्क बढ़ाना शामिल है।

दोनों नेताओं ने माना कि बदलते वैश्विक परिदृश्य में भारत और न्यूजीलैंड के बीच मजबूत साझेदारी दोनों देशों के हितों के साथ-साथ क्षेत्रीय स्थिरता के लिए भी महत्वपूर्ण है।

व्यापार और आर्थिक सहयोग पर जोर

भारत और न्यूजीलैंड के बीच व्यापारिक संबंधों को और मजबूत करने पर विशेष ध्यान दिया गया है। दोनों देशों का लक्ष्य व्यापार के नए अवसरों की तलाश करना और उद्योगों के बीच सहयोग बढ़ाना है।

रोडमैप में कृषि क्षेत्र को भी प्रमुख स्थान दिया गया है। दोनों देश कृषि तकनीक, खाद्य सुरक्षा और टिकाऊ कृषि पद्धतियों के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर काम करेंगे।

न्यूजीलैंड कृषि और डेयरी क्षेत्र में अपनी विशेषज्ञता के लिए जाना जाता है, जबकि भारत एक बड़ा कृषि बाजार है। ऐसे में दोनों देशों के बीच कृषि सहयोग में काफी संभावनाएं देखी जा रही हैं।

सुरक्षा और रक्षा सहयोग होगा मजबूत

भारत और न्यूजीलैंड ने सुरक्षा और रक्षा क्षेत्र में भी सहयोग बढ़ाने की प्रतिबद्धता जताई है। दोनों देशों ने हिंद-प्रशांत क्षेत्र में शांति, स्थिरता और नियम आधारित व्यवस्था के महत्व पर जोर दिया।

रणनीतिक साझेदारी के तहत समुद्री सुरक्षा, रक्षा संवाद और आपसी सहयोग के नए क्षेत्रों पर भी काम किया जाएगा।

दोनों देशों के बीच बढ़ता सहयोग हिंद-प्रशांत क्षेत्र में बदलती परिस्थितियों को देखते हुए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

तकनीक और इनोवेशन में साझेदारी

रोडमैप में तकनीकी विकास और नवाचार को भी प्रमुखता दी गई है। भारत और न्यूजीलैंड स्टार्टअप, डिजिटल तकनीक, अनुसंधान और नई खोजों के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने की दिशा में आगे बढ़ेंगे।

दोनों देशों का मानना है कि तकनीकी क्षेत्र में साझेदारी से युवाओं और उद्योगों को नए अवसर मिल सकते हैं।

लोगों के बीच संबंधों को बढ़ावा

भारत और न्यूजीलैंड के बीच लोगों के आपसी संपर्क को भी इस साझेदारी का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाया गया है। दोनों देशों में बड़ी संख्या में भारतीय मूल के लोग रहते हैं, जो दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक और सामाजिक संबंधों को मजबूत करते हैं।

दोनों देशों के नेताओं ने उम्मीद जताई है कि यह नई रणनीतिक साझेदारी आने वाले वर्षों में आपसी विश्वास और सहयोग को और आगे बढ़ाएगी।प्रधानमंत्री मोदी की यात्रा रही अहम

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की न्यूजीलैंड यात्रा को दोनों देशों के संबंधों में एक महत्वपूर्ण पड़ाव माना जा रहा है। चार दशकों बाद किसी भारतीय प्रधानमंत्री की न्यूजीलैंड यात्रा ने द्विपक्षीय रिश्तों को नई गति दी है।

इस दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने न्यूजीलैंड के शीर्ष नेतृत्व के साथ बातचीत की और दोनों देशों के बीच सहयोग के विभिन्न क्षेत्रों पर चर्चा की।

प्रधानमंत्री मोदी ने न्यूजीलैंड के साथ भारत के संबंधों को भरोसे और साझा मूल्यों पर आधारित बताया। वहीं, प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन ने भी भारत को एक महत्वपूर्ण साझेदार बताते हुए दोनों देशों के बीच सहयोग बढ़ाने की प्रतिबद्धता जताई।

भविष्य की साझेदारी का आधार बनेगा रोडमैप

भारत-न्यूजीलैंड स्ट्रेटेजिक पार्टनरशिप रोडमैप टू 2030 दोनों देशों के बीच भविष्य के सहयोग का आधार बनेगा। इसके जरिए व्यापार, सुरक्षा, तकनीक और मानवीय संबंधों को नई मजबूती मिलने की उम्मीद है।

विशेषज्ञों का मानना है कि यह समझौता भारत और न्यूजीलैंड के संबंधों को केवल आर्थिक स्तर तक सीमित नहीं रखेगा, बल्कि रणनीतिक और वैश्विक मुद्दों पर भी दोनों देशों की साझेदारी को मजबूत करेगा।

दोनों देशों के नेताओं ने उम्मीद जताई है कि यह नई रणनीतिक साझेदा

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