इस्लामाबाद : पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान और उनकी पत्नी बुशरा बीबी को लेकर जेल में सुविधाओं और मुलाकात के अधिकारों का मामला एक बार फिर चर्चा में है। इमरान खान की बेटी की ओर से अदालत में मांग की गई थी कि उनके माता-पिता को जेल में एक-दूसरे से अलग न रखा जाए और उन्हें साथ रहने की अनुमति दी जाए। इस याचिका पर सुनवाई करते हुए अदालत ने जेल प्रशासन को कई अहम निर्देश दिए हैं।
इमरान खान और उनकी पत्नी बुशरा बीबी इस समय पाकिस्तान की रावलपिंडी स्थित अदियाला जेल में बंद हैं। दोनों को भ्रष्टाचार से जुड़े मामलों में सजा सुनाई गई है। उनके परिवार और समर्थकों की ओर से लगातार आरोप लगाए जाते रहे हैं कि जेल में उन्हें पर्याप्त सुविधाएं और परिवार से मिलने के अधिकार नहीं दिए जा रहे। हालांकि, पाकिस्तान सरकार इन आरोपों को खारिज करती रही है।
बेटी ने उठाई थी आवाज
इमरान खान की बेटी की ओर से अदालत में याचिका दायर कर मांग की गई थी कि उनके माता-पिता को जेल में अलग-अलग रखने की बजाय एक साथ रहने दिया जाए। परिवार का कहना था कि लंबे समय तक पति-पत्नी को अलग रखना मानवीय दृष्टि से उचित नहीं है।
याचिका में जेल में मिलने वाली सुविधाओं और परिवार से संपर्क को लेकर भी सवाल उठाए गए थे। परिवार का आरोप था कि इमरान खान को एकांत कारावास जैसी स्थिति में रखा गया है और उनसे मुलाकात के अधिकार सीमित किए गए हैं।
कोर्ट ने क्या कहा?
इस मामले में इस्लामाबाद हाईकोर्ट ने जेल प्रशासन को निर्देश दिए कि इमरान खान और बुशरा बीबी को एकांत कारावास में न रखा जाए। अदालत ने यह भी कहा कि उन्हें जेल नियमों के अनुसार परिवार के सदस्यों से मिलने की अनुमति दी जाए।
कोर्ट ने अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया कि इमरान खान को समाचार पत्र, किताबें और जरूरी चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। साथ ही परिवार के सदस्यों को उनसे मिलने और बेटों से फोन पर बातचीत की व्यवस्था करने के निर्देश भी दिए गए।
जेल में बंद हैं इमरान खान और बुशरा बीबी
इमरान खान अगस्त 2023 से जेल में हैं। उनके खिलाफ कई मामले चल रहे हैं, जिनमें भ्रष्टाचार से जुड़े मामले भी शामिल हैं। उनकी पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) लगातार दावा करती रही है कि उनके खिलाफ कार्रवाई राजनीतिक दबाव में की जा रही है।
वहीं, बुशरा बीबी भी भ्रष्टाचार के मामलों में सजा काट रही हैं। उन्हें पहली बार जनवरी 2024 में गिरफ्तार किया गया था। बाद में उन्हें कुछ समय के लिए राहत मिली, लेकिन अन्य मामलों में दोबारा जेल भेज दिया गया।
परिवार ने लगाए थे गंभीर आरोप
इमरान खान के परिवार का आरोप रहा है कि उन्हें लंबे समय तक अलग-थलग रखा गया और स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर भी लापरवाही बरती गई। उनकी बहनों और समर्थकों ने कई बार जेल प्रशासन पर सवाल उठाए हैं।
हालांकि, सरकार और जेल अधिकारियों का कहना है कि इमरान खान को जेल नियमों के अनुसार सभी जरूरी सुविधाएं दी जा रही हैं और सुरक्षा कारणों से कुछ प्रतिबंध लगाए गए हैं।
राजनीतिक असर भी दिखा
इमरान खान पाकिस्तान की राजनीति में अब भी बड़ा चेहरा माने जाते हैं। जेल में रहने के बावजूद उनके समर्थक लगातार सक्रिय हैं। ऐसे में उनकी जेल सुविधाओं और अदालतों के फैसलों को राजनीतिक नजरिए से भी देखा जा रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इमरान खान से जुड़े हर कानूनी फैसले का असर पाकिस्तान की राजनीति पर पड़ता है। उनकी पार्टी लगातार सरकार पर दबाव बनाने की कोशिश कर रही है।
अब आगे क्या?
अदालत के निर्देश के बाद अब जेल प्रशासन को यह सुनिश्चित करना होगा कि इमरान खान और बुशरा बीबी को नियमों के अनुसार सुविधाएं मिलें। हालांकि, दोनों को एक ही बैरक या पूरी तरह साथ रखने की मांग पर अंतिम फैसला जेल नियमों और सुरक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखकर लिया जाएगा।
फिलहाल अदालत के आदेश से इमरान खान के परिवार को कुछ राहत जरूर मिली है। अब नजर इस बात पर है कि जेल प्रशासन इन निर्देशों को किस तरह लागू करता है और आगे इस मामले में क्या नया मोड़ आता है।