वॉशिंगटन: अमेरिका में 2026 के मध्यावधि चुनावों के परिणाम सामने आने के साथ ही भारतीय मूल के उम्मीदवारों का प्रदर्शन चर्चा का विषय बन गया है। इस चुनाव में भारतीय-अमेरिकी समुदाय से जुड़े कई उम्मीदवारों ने महत्वपूर्ण सफलता हासिल की है, जबकि कुछ चर्चित चेहरों को हार का सामना करना पड़ा है। डेमोक्रेटिक पार्टी के सुहास सुब्रमण्यम ने वर्जीनिया से अमेरिकी प्रतिनिधि सभा में दोबारा जीत हासिल की है। वहीं भारतीय मूल की पिया डांडिया ने फ्लोरिडा में जीत दर्ज की है। दूसरी ओर, रिपब्लिकन पार्टी के चर्चित नेता और भारतीय मूल के कारोबारी विवेक रामास्वामी को ओहियो के गवर्नर चुनाव में हार का सामना करना पड़ा है।
भारतीय मूल के डेमोक्रेटिक नेता सुहास सुब्रमण्यम ने वर्जीनिया के 10वें कांग्रेसनल डिस्ट्रिक्ट से दोबारा जीत दर्ज की है। उन्होंने रिपब्लिकन उम्मीदवार डेव बेकविथ और निर्दलीय उम्मीदवार अहसन मलिक को हराया। सुहास को लगभग 61.5 प्रतिशत वोट मिले, जबकि उनके प्रमुख रिपब्लिकन प्रतिद्वंद्वी को करीब 36.4 प्रतिशत मत प्राप्त हुए। सुहास सुब्रमण्यम इससे पहले 2024 में अमेरिकी प्रतिनिधि सभा के लिए निर्वाचित हुए थे। अब दूसरी बार जीत हासिल करके उन्होंने अमेरिकी राजनीति में अपनी स्थिति और मजबूत कर ली है। वह पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा के कार्यकाल में व्हाइट हाउस में तकनीकी नीति सलाहकार के रूप में भी काम कर चुके हैं।
सुहास का जन्म अमेरिका के ह्यूस्टन शहर में भारतीय मूल के माता-पिता के परिवार में हुआ था। उन्होंने अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत वर्जीनिया की स्थानीय राजनीति से की और बाद में अमेरिकी कांग्रेस तक पहुंचे। भारतीय मूल की डेमोक्रेटिक उम्मीदवार पिया डांडिया ने फ्लोरिडा के 22वें कांग्रेसनल डिस्ट्रिक्ट में महत्वपूर्ण जीत हासिल की है। उन्होंने रिपब्लिकन उम्मीदवार और कारोबारी केसी अस्कर को हराया। यह सीट दक्षिण फ्लोरिडा के पाम बीच काउंटी के कुछ हिस्सों को कवर करती है।
पिया डांडिया शिक्षा क्षेत्र से जुड़ी रही हैं। उनकी जीत भारतीय-अमेरिकी समुदाय के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है। अमेरिका की राजनीति में भारतीय मूल की महिलाओं की बढ़ती भागीदारी के बीच उनकी सफलता विशेष चर्चा का विषय बन गई है। भारतीय मूल के रिपब्लिकन नेता विवेक रामास्वामी को ओहियो के गवर्नर पद के चुनाव में बड़ा झटका लगा है। उन्हें डेमोक्रेटिक उम्मीदवार एमी एक्टन ने पराजित किया। एक्टन पेशे से चिकित्सक हैं और इससे पहले ओहियो की स्वास्थ्य निदेशक रह चुकी हैं।
विवेक रामास्वामी को राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का समर्थन प्राप्त था। उनके चुनाव प्रचार में उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने भी भाग लिया था। इसके बावजूद वह जीत हासिल नहीं कर सके। एमी एक्टन की जीत इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि वह ओहियो की पहली निर्वाचित महिला गवर्नर बनेंगी। इसके साथ ही करीब दो दशक बाद राज्य में डेमोक्रेटिक पार्टी का उम्मीदवार गवर्नर पद पर निर्वाचित हुआ है। अमेरिकी मध्यावधि चुनाव में अन्य भारतीय मूल के नेताओं पर भी नजरें बनी हुई हैं। इनमें रो खन्ना, एमी बेरा, प्रमिला जयपाल और अरुणा मिलर जैसे प्रमुख नाम शामिल हैं। ये नेता अमेरिकी राजनीति में भारतीय-अमेरिकी समुदाय के बढ़ते प्रतिनिधित्व को दर्शाते हैं।
इस चुनाव में अमेरिकी प्रतिनिधि सभा की सभी 435 सीटों के साथ सीनेट की 37 सीटों और कई राज्यों में गवर्नर पद के लिए मतदान हुआ है। चुनाव परिणामों का असर अमेरिकी कांग्रेस में डेमोक्रेटिक और रिपब्लिकन पार्टियों के शक्ति संतुलन पर पड़ेगा। फिलहाल भारतीय मूल के उम्मीदवारों का प्रदर्शन मिला-जुला रहा है। सुहास सुब्रमण्यम और पिया डांडिया की जीत ने समुदाय को खुशी दी है, जबकि विवेक रामास्वामी की हार ने रिपब्लिकन समर्थकों को निराश किया है।
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