New Delhi नई दिल्ली: पाकिस्तान एयरपोर्ट्स अथॉरिटी (PAA) द्वारा जारी एक नए 'नोटिस टू एयरमेन' (NOTAM) के अनुसार, पाकिस्तान ने भारतीय विमानों के लिए अपने हवाई क्षेत्र (airspace) के इस्तेमाल पर लगी पाबंदियों को 24 नवंबर, 2026 तक बढ़ा दिया है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर इस फैसले की जानकारी देते हुए, अथॉरिटी ने बताया कि हवाई क्षेत्र पर यह प्रतिबंध एक और महीने तक जारी रहेगा और यह भारत से जुड़े नागरिक (civilian) और सैन्य (military) दोनों तरह के विमानों पर लागू होगा।
इस नए विस्तार ने 24 अक्टूबर की पिछली समय-सीमा (deadline) की जगह ले ली है। इसका मतलब यह है कि भारत में पंजीकृत विमान, और साथ ही भारतीय एयरलाइनों या एविएशन ऑपरेटरों के स्वामित्व वाले, उनके द्वारा संचालित या लीज पर लिए गए विमानों के पाकिस्तानी हवाई क्षेत्र में प्रवेश करने पर रोक बनी रहेगी। यह रोक तब तक लागू रहेगी, जब तक कि संबंधित अधिकारी इस नई समय-सीमा से पहले इसमें कोई बदलाव न करें।
इन पाबंदियों में कराची और लाहौर 'फ्लाइट इंफॉर्मेशन रीजन' (Flight Information Regions) दोनों शामिल हैं और ये सैन्य उड़ानों सहित सभी श्रेणियों के भारतीय विमानों पर लागू होती हैं। हवाइ क्षेत्र से जुड़े ये कदम अप्रैल 2025 में जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़े तनाव का नतीजा हैं। पाकिस्तान ने सबसे पहले 23 अप्रैल, 2025 को भारतीय विमानों के लिए अपना हवाई क्षेत्र बंद कर दिया था। इसके जवाब में, एक हफ्ते बाद भारत ने भी 30 अप्रैल, 2025 से पाकिस्तानी एयरलाइनों और विमानों पर इसी तरह की जवाबी पाबंदियां लगा दीं।
तब से, दोनों देशों ने कई बार इन पाबंदियों को आगे बढ़ाया है, और फिलहाल ऐसा कोई संकेत नहीं है कि ये पाबंदियां जल्द ही हटाई जाएंगी। भारत ने पाकिस्तान पर पहलगाम आतंकी हमले को समर्थन देने का आरोप लगाया था, जिसे इस्लामाबाद ने खारिज कर दिया। इस घटना के बाद दोनों देशों के बीच राजनयिक और सैन्य तनाव काफी बढ़ गया था। पाकिस्तान द्वारा भारतीय विमानों के लिए अपना हवाई क्षेत्र बंद करने के फैसले के जवाब में, भारत ने 30 अप्रैल, 2025 से पाकिस्तानी एयरलाइनों और विमानों पर जवाबी पाबंदियां लागू कर दी थीं।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, पाकिस्तान ने पहले भी दोनों देशों के बीच तनावपूर्ण संबंधों के दौरान भारतीय विमानों पर इसी तरह की हवाई क्षेत्र संबंधी पाबंदियां लगाई थीं। इनमें 1999 का कारगिल संघर्ष और 2019 का पुलवामा हमला शामिल हैं। पाकिस्तान का हवाई क्षेत्र कराची और लाहौर 'फ्लाइट इंफॉर्मेशन रीजन' में बंटा हुआ है, और मौजूदा पाबंदियां इन दोनों क्षेत्रों में लागू हैं।
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