वॉशिंगटन। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच एक विवादित वीडियो ने दोनों देशों के रिश्तों में और तल्खी बढ़ा दी है। ईरान के सरकारी टीवी पर प्रसारित एक वीडियो में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के छोटे बेटे **बैरोन ट्रंप** को निशाना बनाने जैसी धमकी दिखाई गई है। वीडियो में कथित तौर पर बैरोन ट्रंप की गतिविधियों पर नजर रखने का दावा किया गया और उन्हें निशाना बनाने पर **1 करोड़ डॉलर (करीब 96 करोड़ रुपये)** के इनाम का जिक्र किया गया।
वीडियो सामने आने के बाद अमेरिका में सुरक्षा एजेंसियां सक्रिय हो गई हैं। अमेरिकी सीक्रेट सर्विस ने भी इस मामले की जानकारी होने की पुष्टि की है और कहा है कि राष्ट्रपति परिवार से जुड़ी किसी भी संभावित धमकी की जांच की जाती है।
ईरानी टीवी पर चला विवादित वीडियो
रिपोर्ट्स के अनुसार, ईरान के सरकारी टीवी चैनल पर करीब तीन मिनट का एक वीडियो प्रसारित किया गया। इस वीडियो का शीर्षक कथित तौर पर **"Where to kill Barron Trump?"** रखा गया था।
वीडियो में बैरोन ट्रंप को लेकर कई दावे किए गए। इसमें उनकी यूनिवर्सिटी, सुरक्षा व्यवस्था और निजी गतिविधियों से जुड़े दावे दिखाए गए। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है।
वीडियो में कथित तौर पर यह दिखाने की कोशिश की गई कि बैरोन ट्रंप की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है। इसमें सोशल मीडिया और निजी जीवन से जुड़ी जानकारियों का भी उल्लेख किया गया।
अमेरिका में सुरक्षा को लेकर बढ़ी चिंता
बैरोन ट्रंप अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के सबसे छोटे बेटे हैं और उन्हें सीक्रेट सर्विस सुरक्षा मिलती है। ईरानी टीवी पर प्रसारित इस सामग्री के बाद अमेरिकी सुरक्षा एजेंसियों ने इसे गंभीरता से लिया है।
सीक्रेट सर्विस के प्रवक्ता ने कहा कि एजेंसी अपने सुरक्षा दायरे में आने वाले लोगों के खिलाफ किसी भी संभावित खतरे की जांच करती है, लेकिन सुरक्षा कारणों से इसकी विस्तृत जानकारी सार्वजनिक नहीं की जाती।
ईरान-अमेरिका तनाव के बीच आया वीडियो
यह वीडियो ऐसे समय में सामने आया है जब अमेरिका और ईरान के बीच तनाव काफी बढ़ा हुआ है। दोनों देशों के बीच राजनीतिक और सैन्य टकराव को लेकर बयानबाजी तेज है।
ईरानी मीडिया में इससे पहले भी ट्रंप और उनके परिवार को लेकर धमकी भरे संदेश सामने आ चुके हैं। इन घटनाओं ने दोनों देशों के बीच पहले से खराब संबंधों को और तनावपूर्ण बना दिया है।
96 करोड़ रुपये के इनाम का दावा
वीडियो में कथित तौर पर बैरोन ट्रंप को निशाना बनाने के लिए 10 मिलियन डॉलर यानी करीब 96 करोड़ रुपये के इनाम का उल्लेख किया गया।
हालांकि, इस कथित इनाम की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे वीडियो कई बार मनोवैज्ञानिक दबाव बनाने और राजनीतिक संदेश देने के लिए भी इस्तेमाल किए जाते हैं।
वीडियो में किए गए दावों पर सवाल
वीडियो में बैरोन ट्रंप की सुरक्षा व्यवस्था और निजी जीवन को लेकर कई दावे किए गए, लेकिन यह स्पष्ट नहीं है कि इनमें कितनी सच्चाई है।
कुछ रिपोर्ट्स में कहा गया है कि वीडियो में इस्तेमाल की गई कई चीजें ग्राफिक्स और नाटकीय प्रस्तुति पर आधारित थीं। इसके जरिए डर और राजनीतिक संदेश फैलाने की कोशिश की गई हो सकती है।
ट्रंप परिवार पहले भी रहा है निशाने पर
डोनाल्ड ट्रंप और उनके परिवार को लेकर ईरान की ओर से पहले भी धमकी भरे संदेश सामने आते रहे हैं। इससे पहले ट्रंप और उनकी पत्नी मेलानिया ट्रंप को लेकर भी ईरानी मीडिया में विवादित सामग्री प्रसारित होने की खबरें आई थीं।
अमेरिकी अधिकारियों ने लंबे समय से ईरान से जुड़े संभावित खतरों को लेकर सतर्कता बरती है।
अमेरिकी राजनीति में भी बढ़ी हलचल
इस घटना के बाद अमेरिका में सुरक्षा और विदेश नीति को लेकर चर्चा तेज हो गई है। ट्रंप समर्थकों ने इसे ईरान की आक्रामक रणनीति बताया है, जबकि विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे मामलों में भावनात्मक प्रतिक्रिया के बजाय सुरक्षा एजेंसियों की जांच पर भरोसा करना चाहिए।
ईरान की रणनीति पर उठे सवाल
राजनीतिक जानकारों के अनुसार, ईरानी मीडिया में इस तरह के वीडियो केवल धमकी नहीं बल्कि एक तरह का राजनीतिक संदेश भी हो सकते हैं।
ईरान अक्सर अमेरिका की नीतियों के विरोध में कड़े बयान देता रहा है। वहीं अमेरिका भी ईरान पर दबाव बनाने के लिए आर्थिक और कूटनीतिक कदम उठाता रहा है।
आगे क्या?
बैरोन ट्रंप को लेकर सामने आए इस वीडियो के बाद अमेरिकी सुरक्षा एजेंसियां स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। हालांकि अभी तक किसी वास्तविक हमले या ठोस साजिश की पुष्टि नहीं हुई है।
अमेरिका और ईरान के बीच तनाव के बीच इस तरह की घटनाएं आने वाले दिनों में कूटनीतिक माहौल को और प्रभावित कर सकती हैं।
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