कोलंबो, प्रेट्र। श्रीलंका के मुख्य विपक्षी दल समागी जाना बालवेगया (एसजेबी) ने रविवार को कहा कि उसने राष्ट्रपति गोटबाया राजपक्षे द्वारा अपने नेता साजिथ प्रेमदास को दिया गया अंतरिम सरकार के नेतृत्व का प्रस्ताव ठुकरा दिया है। इस बीच, पूर्व प्रधानमंत्री व यूनाइटेड नेशनल पार्टी (यूएनपी) के नेता रानिल विक्रमसिंघे ने कहा कि युवाओं की मदद से पूरी प्रणाली में ही बदलाव की जरूरत है। देश में फिलहाल आपातकाल लागू है।
एसजेबी के राष्ट्रीय संयोजक टिस्सा अतनायके ने संवाददाताओं से कहा, 'हमारे नेता ने राष्ट्रपति के प्रस्ताव को स्वीकार करने से इन्कार कर दिया है।' राजपक्षे ने अंतरिम सरकार बनाने की संभावना को लेकर प्रेमदास व एसजेबी के आर्थिक गुरु हर्ष डीसिल्वा को फोन किया था। शक्तिशाली बौद्ध भिक्षुओं के साथ-साथ श्रीलंका पोडुजाना पेरामुना (एसएलपीपी) के नेतृत्व वाले सत्तारूढ़ गठबंधन से अलग हुए समूहों ने अंतरिम सरकार के गठन की मांग का समर्थन किया है।
एसजेबी ने शनिवार को एलान किया कि वह वकीलों के संगठन बीएएसएल के उस प्रस्ताव का समर्थन करेगी, जिसमें राष्ट्रपति शासन प्रणाली को खत्म करने के कदम के साथ-साथ 18 महीने की अवधि के लिए अंतरिम सरकार की स्थापना की पैरवी की गई है। बीएएसएल ने संविधान के 19वें संशोधन की बहाली की मांग की है, जिसने राष्ट्रपति से ज्यादा संसद को अधिकार दिया था। वर्ष 2015 में लागू 19ए ने संसद को सशक्त बनाकर राष्ट्रपति की शक्तियों को कम कर दिया था। हालांकि, 19ए को नवंबर 2019 के राष्ट्रपति चुनाव में गोटबाया राजपक्षे की जीत के बाद समाप्त कर दिया गया था।
इस बीच, पूर्व राष्ट्रपति मैत्रिपाल सिरिसेन ने भी प्रेमदास से मुलाकात कर एसजेबी को अंतरिम सरकार संभालने के लिए कहा। प्रेमदास (55) पहले ही घोषणा कर चुके हैं कि वह राष्ट्रपति गोटाबाया व प्रधानमंत्री महिंदा राजपक्षे की सरकार का हिस्सा नहीं बनेंगे।
सुरक्षा बलों की छुट्टियां रद, लोगों से मदद की अपील
डेली मिरर समाचार पत्र की रिपोर्ट के अनुसार, रक्षा मंत्रालय ने शनिवार को एलान किया कि देश में आपातकाल लागू होने के कारण सुरक्षा बलों की छुट्टियां रद कर दी गई हैं। सभी सैनिकों को तत्काल प्रभाव से ड्यूटी पर लौटने का आदेश दिया गया है। मंत्रालय ने एक बयान जारी कर लोगों से देश की आर्थिक स्थिति और अशांत माहौल को बेहतर करने में मदद की अपील की है।
चीन समर्थित बैंक से 10 करोड़ डालर की मांगी मदद
रायटर के अनुसार, श्रीलंका के वित्त मंत्रालय ने कहा कि चीन समर्थित एशियन इन्फ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट बैंक से 10 करोड़ डालर के आपातकालीन फंड हासिल करने पर बातचीत चल रही है। एक बयान में मंत्रालय ने कहा कि बैंक से विदेशी मुद्रा की मदद मांगी गई है।
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