जमात-ए-इस्लामी ने देश के प्रधानमंत्री इमरान खान से इस्तीफा देने की मांग की, जानिए क्या कहा?
पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआइ) ने 50 लाख घर बनाने का वादा किया था।
पाकिस्तान के इस्लामिक कट्टरपंथी संगठन जमात-ए-इस्लामी (जेआइ) के प्रमुख सिराजुल हक ने देश के प्रधानमंत्री इमरान खान से इस्तीफा देने की मांग की है। हक ने कहा है कि देश में हर जगह माफिया मौजूद है और 2022 सत्ताधारी सरकार के लिए अंतिम वर्ष होगा। हक ने पाकिस्तान और पड़ोसी इस्लामिक देशों के लिए एकीकृत आर्थिक बाजार का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि इस्लामिक विश्व का एकीकृत पाठ्यक्रम होना चाहिए और संयुक्त रक्षा बल भी होना चाहिए।
इस्लामाबाद में सभा को संबोधित करते हुए जेआइ प्रमुख ने कहा कि पाकिस्तान का केंद्रीय बैंक ज्यादा समय तक नियंत्रण में नहीं रहेगा। यह बैंक अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आइएमएफ) का सहयोगी बन गया है। उन्होंने स्टेट बैंक आफ पाकिस्तान (एसबीपी) के गवर्नर डा. रेजा बाकिर से भी इस्तीफा मांगा।
सरकार और विपक्ष के बीच साठगांठ होने की आशंका जताते हुए उन्होंने कहा कि जन समस्याओं के बारे में बोलने की जगह विपक्ष ने सरकार के कदम का समर्थन किया। इमरान खान से हक ने देश को यह बताने के लिए कहा कि पांच वर्ष के दौरान उनकी सरकार ने कितने घर बनवाए। पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआइ) ने 50 लाख घर बनाने का वादा किया था।