Beirut. बेरूत। दक्षिणी लेबनान के नबातिएह अल-फौका शहर में बुधवार को हुए कथित इजराइली ड्रोन हमले में दो लोगों की मौत हो गई। लेबनान की सरकारी नेशनल न्यूज एजेंसी (NNA) के अनुसार, हमला घंडौर हॉस्पिटल के पास किया गया, जहां दो युवक मौजूद थे। NNA की रिपोर्ट के मुताबिक, एक इजराइली ड्रोन ने नबातिएह अल-फौका शहर में हॉस्पिटल के आसपास के इलाके को निशाना बनाया। एजेंसी ने दावा किया कि हमले के समय दो युवक अस्पताल के पास टहल रहे थे, जिनकी इस हमले में मौत हो गई। घटना के बाद इलाके में तनाव का माहौल बन गया है। स्थानीय अधिकारियों और सुरक्षा एजेंसियों ने स्थिति पर नजर बनाए रखी है। हालांकि, हमले को लेकर इजराइल की ओर से तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
तैबेह शहर में तोड़फोड़ का दावा
लेबनान की सरकारी समाचार एजेंसी ने यह भी दावा किया कि इजराइली सेना ने सीमा क्षेत्र के शहर तैबेह में बड़े पैमाने पर तोड़फोड़ की। रिपोर्ट के अनुसार, सैन्य गतिविधियों के कारण क्षेत्र में नुकसान पहुंचा है। इसके अलावा NNA ने बताया कि इजराइली ड्रोन बेरूत के दक्षिणी इलाकों और आसपास के गांवों के ऊपर कम ऊंचाई पर उड़ते हुए देखे गए। इससे स्थानीय लोगों में सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है।
समझौते के बावजूद जारी तनाव
यह हमला ऐसे समय हुआ है जब लेबनान और इजराइल के बीच सीमा पर तनाव कम करने के उद्देश्य से एक फ्रेमवर्क एग्रीमेंट किया गया था। इसके बावजूद दोनों पक्षों के बीच आरोप-प्रत्यारोप और सैन्य गतिविधियां जारी रहने से क्षेत्रीय स्थिति संवेदनशील बनी हुई है। लेबनान का कहना है कि सीमा क्षेत्रों में हो रही सैन्य गतिविधियों से आम नागरिक प्रभावित हो रहे हैं। वहीं, क्षेत्र में शांति बहाली के प्रयासों के बीच इस तरह की घटनाएं चिंता बढ़ाने वाली हैं।
हमलों में हजारों लोगों के मारे जाने का दावा
लेबनान के सार्वजनिक स्वास्थ्य मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि 2 मार्च से 8 जुलाई के बीच इजराइली हमलों में 4,321 लोगों की मौत हुई है, जबकि 12,203 लोग घायल हुए हैं। मंत्रालय के अनुसार, प्रभावित क्षेत्रों में बड़ी संख्या में आम नागरिक भी शामिल हैं। क्षेत्र में जारी तनाव को देखते हुए अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजर लेबनान-इजराइल सीमा पर बनी हुई है। कई देशों ने दोनों पक्षों से संयम बरतने और बातचीत के जरिए समाधान निकालने की अपील की है। फिलहाल दक्षिणी लेबनान में सुरक्षा स्थिति पर नजर रखी जा रही है। आने वाले दिनों में यह स्पष्ट होगा कि सीमा पर हालात किस दिशा में आगे बढ़ते हैं।