नेपाल :  आई भीषण बाढ़ और फ्लैश फ्लड के बाद मची तबाही के बीच भारत ने पड़ोसी देश की मदद के लिए बड़ा राहत अभियान शुरू किया है। भारत सरकार ने नेपाल के लिए अब तक करीब 47 टन मानवीय सहायता और आपदा राहत सामग्री भेजी है। इसमें जरूरी दवाइयां, खाद्य सामग्री, राहत उपकरण और अन्य आवश्यक सामान शामिल हैं।
नेपाल में अचानक आई बाढ़ ने कई इलाकों में भारी नुकसान पहुंचाया है। कई गांवों में पानी भर गया, सड़कें और पुल क्षतिग्रस्त हो गए और बड़ी संख्या में लोग प्रभावित हुए हैं। इस मुश्किल समय में भारत ने तेजी से राहत पहुंचाने का फैसला किया और भारतीय वायुसेना के विमानों के जरिए सहायता सामग्री नेपाल भेजी गई।
भारत की ओर से भेजी गई राहत सामग्री में भोजन के पैकेट, जरूरी दवाइयां, अस्थायी आश्रय के लिए सामान, कंबल, स्वच्छता किट और अन्य जरूरी वस्तुएं शामिल हैं। पहली खेप में 10 टन मानवीय सहायता भेजी गई थी, जिसके बाद दूसरी खेप में 37.5 टन से अधिक सामग्री भेजी गई।
विदेश मंत्री एस जयशंकर ने जानकारी दी कि भारत नेपाल के अधिकारियों के साथ लगातार संपर्क में है और राहत एवं बचाव कार्यों में हर संभव सहयोग किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि भारत इस कठिन समय में नेपाल और वहां के लोगों के साथ मजबूती से खड़ा है।
भारतीय वायुसेना ने संभाला राहत अभियान
राहत सामग्री पहुंचाने के लिए भारतीय वायुसेना के विशेष विमानों का इस्तेमाल किया गया। पहाड़ी इलाकों और खराब मौसम के कारण नेपाल में राहत पहुंचाना चुनौतीपूर्ण है, लेकिन भारतीय एजेंसियां लगातार अभियान चला रही हैं। जरूरत के अनुसार आगे भी सहायता भेजी जाने की तैयारी है।
भारत और नेपाल के बीच लंबे समय से मजबूत संबंध रहे हैं। दोनों देशों के बीच भौगोलिक, सांस्कृतिक और सामाजिक रिश्ते काफी गहरे हैं। ऐसे में प्राकृतिक आपदा के समय भारत का तुरंत सहायता के लिए आगे आना दोनों देशों के संबंधों को भी दर्शाता है।
पीएम मोदी ने जताई संवेदना
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नेपाल में बाढ़ से हुई तबाही पर दुख जताया है। उन्होंने नेपाल के लोगों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए हर संभव मानवीय सहायता देने का भरोसा दिलाया। भारत सरकार ने नेपाल प्रशासन के साथ मिलकर राहत कार्यों में सहयोग करने की बात कही है।
भारतीय नागरिकों की सुरक्षा पर भी नजर
नेपाल में बाढ़ के कारण कई भारतीय नागरिक भी प्रभावित हुए हैं। विदेश मंत्रालय ने बताया कि भारतीय नागरिकों की स्थिति की जानकारी जुटाई जा रही है और नेपाल प्रशासन, स्थानीय अधिकारियों तथा अन्य एजेंसियों के साथ समन्वय किया जा रहा है।
नेपाल के कई दुर्गम इलाकों में पहुंचना अभी भी बड़ी चुनौती बनी हुई है। खराब मौसम और सड़क संपर्क टूटने के कारण बचाव अभियान में कठिनाइयां आ रही हैं। इसके बावजूद राहत दल प्रभावित लोगों तक पहुंचने की कोशिश कर रहे हैं।
पड़ोसी धर्म निभा रहा भारत
भारत ने इससे पहले भी नेपाल में आए भूकंप और अन्य प्राकृतिक आपदाओं के दौरान सहायता पहुंचाई है। दोनों देशों के बीच आपसी सहयोग की परंपरा रही है। इस बार भी बाढ़ संकट के दौरान भारत ने तेजी से कदम उठाते हुए राहत सामग्री भेजी है।
फिलहाल नेपाल में राहत और बचाव अभियान जारी है। भारत की ओर से भेजी गई सहायता से प्रभावित लोगों को भोजन, चिकित्सा और जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने में मदद मिलने की उम्मीद है। आने वाले दिनों में स्थिति के अनुसार भारत की ओर से और सहायता भेजी जा सकती है।
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