भारत-ब्राज़ील व्यापार 2025 में $15 अरब तक पहुँचने का अनुमान

Update: 2025-10-17 17:08 GMT
New Delhi नई दिल्ली। भारत और ब्राज़ील के बीच व्यापार संबंध अगले साल और मजबूत होने की उम्मीद है। उपराष्ट्रपति हेमर अल्कमिन ने आज नई दिल्ली में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम में कहा कि 2025 तक भारत-ब्राज़ील का द्विपक्षीय व्यापार लगभग 15 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुँच सकता है। उन्होंने इस अवसर पर कई नए व्यापार समझौते और ई-वीजा (e-Visa) सुविधा की भी घोषणा की। अल्कमिन ने बताया कि दोनों देशों के बीच विविध क्षेत्रों में सहयोग को बढ़ावा देने के लिए यह कदम उठाया गया है। उन्होंने कहा, “भारत और ब्राज़ील पहले से ही कई क्षेत्रीय और वैश्विक मंचों पर सहयोग कर रहे हैं। अब हमारा लक्ष्य आर्थिक सहयोग, निवेश और व्यापारिक अवसरों को और विस्तृत करना है। नए समझौतों और ई-वीजा से व्यापारिक गतिविधियों में आसानी आएगी और निवेश बढ़ेगा।”
नई घोषणाओं के तहत दोनों देशों ने कृषि, सेवा क्षेत्र, औद्योगिक निवेश और तकनीकी साझेदारी में नए प्रोजेक्ट्स पर समझौते किए हैं। इसके अलावा, व्यापारिक वीज़ा प्रक्रियाओं को डिजिटल रूप में आसान बनाने के लिए e-Visa की सुविधा शुरू की गई है, जिससे भारतीय और ब्राज़ीलियाई उद्यमियों, निवेशकों और व्यापारिक प्रतिनिधियों को तेजी से यात्रा और कारोबार करने में मदद मिलेगी। उपराष्ट्रपति अल्कमिन ने कहा कि ब्राज़ील और भारत के बीच वाणिज्यिक और औद्योगिक सहयोग में काफी संभावनाएं हैं। दोनों देशों की सरकारें नवीनतम तकनीकी विकास, बुनियादी ढांचे और औद्योगिक उत्पादन में सहयोग को बढ़ावा देंगी। इसके अलावा, कृषि व्यापार और सेवाओं के क्षेत्र में नई साझेदारियों से दोनों देशों के व्यापारिक बुनियादी ढांचे को मजबूती मिलेगी।
उन्होंने यह भी बताया कि ब्राज़ील निवेशकों और भारतीय उद्योगपतियों के लिए आकर्षक अवसर प्रदान करता है, खासकर कृषि, जैव-प्रौद्योगिकी, हाइड्रोपावर, सूचना प्रौद्योगिकी और डिजिटल सेवाओं में। उपराष्ट्रपति ने कहा कि ई-वीजा सुविधा से व्यापार यात्रा सरल, त्वरित और पारदर्शी होगी, जिससे नई परियोजनाओं और निवेश समझौतों को तेजी से लागू किया जा सकेगा। इस अवसर पर भारतीय वाणिज्य मंत्रालय और ब्राज़ील के वाणिज्य एवं उद्योग प्रतिनिधिमंडल के अधिकारी भी मौजूद थे। उन्होंने साझा किया कि दोनों देशों के बीच मौजूदा व्यापार 2024 में 13 अरब डॉलर के करीब पहुँचने का अनुमान है, और नए समझौतों और नीतिगत सहयोग से 2025 में इसे 15 अरब डॉलर तक बढ़ाने की योजना है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह पहल भारत-ब्राज़ील आर्थिक और व्यापारिक संबंधों को नई ऊंचाइयों तक ले जाएगी, साथ ही दोनों देशों में नवाचार, तकनीकी साझेदारी और निवेश के नए अवसर पैदा करेगी। ई-वीजा के माध्यम से व्यापारिक और निवेश यात्रा में होने वाली देरी और जटिलताओं को भी काफी हद तक कम किया जा सकेगा। उपराष्ट्रपति अल्कमिन ने कहा कि भारत और ब्राज़ील के संबंध केवल वाणिज्यिक लाभ तक सीमित नहीं हैं, बल्कि यह वैश्विक स्थिरता, ऊर्जा सुरक्षा और सतत विकास लक्ष्यों में सहयोग का भी प्रतीक है। उन्होंने दोनों देशों के व्यापारिक समुदाय से अपील की कि वे नई योजनाओं और समझौतों का पूरा लाभ उठाकर द्विपक्षीय व्यापार को मजबूती दें। इस तरह, भारत-ब्राज़ील साझेदारी नई आर्थिक संभावनाओं और निवेश अवसरों के साथ 2025 में एक नई ऊंचाई तक पहुँचने की तैयारी कर रही है।
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