नई दिल्ली, पीटीआइ। पाकिस्तान के अपदस्थ प्रधानमंत्री इमरान खान ने अविश्वास प्रस्ताव पर मतदान से पहले सेना प्रमुख जनरल कमर जावेद बाजवा को बर्खास्त करने की कोशिश की थी। पाकिस्तान की मीडिया रिपोर्ट में यह दावा किया गया है। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि अपदस्थ प्रधानमंत्री और शक्तिशाली सेना के बीच एक विनाशकारी टकराव होते-होते बच गया है। हालांकि पाकिस्तानी सेना ने इमरान द्वारा बाजवा को बर्खास्त करने के आदेश की रिपोर्ट को खारिज किया है।
इमरान ने रिपोर्टों को बताया गलत
शनिवार की देर रात इमरान ने भी बाजवा को बर्खास्त करने संबंधी मीडिया रिपोर्ट को गलत बताया था और कहा था कि सेना के मामलों में वे दखल नहीं देते। कई मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक इमरान ने पाकिस्तानी सेना प्रमुख बाजवा को हटाने की कोशिश की थी। वह बाजवा को हटाकर सत्ता में बने रहने के साथ अपनी सरकार के खिलाफ 'विदेशी साजिश' की धारणा के प्रति भी लोगों की सहानुभूति लेना चाहते थे।
बिन बुलाए दो अधिकारी पहुंचे थे पीएम आवास
रिपोर्ट के मुताबिक शनिवार की देर रात हेलीकाप्टर से दो बिन बुलाए मेहमान अचानक प्रधानमंत्री आवास पहुंचे थे। सेना के जवान दोनों को अंदर लेकर गए। इमरान के साथ दोनों की करीब 45 मिनट तक बातचीत हुई।
सौहार्दपूर्ण माहौल में नहीं हुई थी बैठक
इस बैठक के बारे में आधिकारिक तौर पर कुछ नहीं कहा गया, लेकिन मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक बैठक सौहार्दपूर्ण माहौल में नहीं हुई थी। रिपोर्ट में कहा गया है, 'प्रधानमंत्री ने एक घंटा पहले ही उनसे मिलने आए उच्चाधिकारियों में से एक को हटाने का आदेश जारी किया था। इसलिए इन मेहमानों का बिना बुलाए आना प्रधानमंत्री के लिए अप्रत्याशित था। इमरान खान हेलीकाप्टर का इंतजार कर रहे थे, लेकिन जो लोग उससे आए वो उनके उम्मीद से अलग थे।'
रक्षा मंत्रालय ने जारी ही नहीं की अधिसूचना
रिपोर्ट के मुताबिक इमरान को उम्मीद थी कि हेलीकाप्टर से उनके द्वारा नवनियुक्त अधिकारी आएगा और सारी राजनीतिक उथल-पुथल खत्म हो जाएगी। लेकिन, रिपोर्ट के मुताबिक बदलाव की यह कोशिश इसलिए विफल हो गई क्योंकि रक्षा मंत्रालय ने नई नियुक्ति के लिए आवश्यक अधिसूचना ही जारी नहीं की।
मेहमानों के बाजवा और आइएसआइ चीफ होने का अनुमान
रिपोर्ट में इमरान से मिलने आने वाले अधिकारियों की पहचान की पुष्टि नहीं की गई है। अनुमान लगाया गया है कि वे सेना प्रमुख जनरल बाजवा और आइएसआइ चीफ लेफ्टिनेंट जनरल नदीम अहमद अंजुम हो सकते हैं। डान की रिपोर्ट के मुताबिक सेना की मीडिया शाखा इंटर-सर्विस पब्लिक रिलेशन (आइएसपीआर) ने रविवार को इस मीडिया रिपोर्ट को खारिज करते हुए इसे महज एक भ्रामक स्टोरी बताया। आइएसपीआर ने कहा कि रिपोर्ट पूरी तरह से आधारहीन और झूठ का पुलिंदा है।
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