बेरूत: इजरायली सेना का गुरुवार को भी लेबनान पर हमला जारी है। सीजफायर ऐलान के बाद इजरायल ने देश के विभिन्न इलाकों पर एयर स्ट्राइक की। लेबनान की सिविल डिफेंस एजेंसी के अनुसार, इसमें 254 लोगों की मौत हो गई जबकि हवाई हमले में 1,165 लोग घायल हुए। देश में राष्ट्रीय शोक का ऐलान कर दिया गया है।
इजरायल डिफेंस फोर्सेस ने गुरुवार को दावा किया कि उसके हमले में हिज्बुल्लाह महासचिव नईम कासिम और उनके सलाहकार अली यूसुफ अर्शी की मौत हो गई। इजराइली सेना (आईडीएफ) के मुताबिक, यह कार्रवाई लेबनान में जारी सैन्य ऑपरेशन के तहत की गई।
आईडीएफ ने कहा कि सटीक खुफिया जानकारी के आधार पर नईम कासिम को निशाना बनाया गया। कथित तौर पर वो हिज्बुल्लाह के प्रमुख नेताओं में से एक थे और संगठन संचालन में अहम भूमिका निभाते थे। उनके निजी सचिव और सलाहकार हर्शी पर कासिम की सुरक्षा और दफ्तर के प्रबंधन की जिम्मेदारी थी।
अल जजीरा के अनुसार पूर्व में लेबनान के कस्बे अल-शेख और मेइफादौन के अलावा दक्षिण में कुनिन और अली अल-ताहिर हाइट्स पर इजरायल के हमले जारी हैं। इजरायली सेना का कहना है कि यह हमला 2 मार्च से शुरू किए गए उनके नए सैन्य ऑपरेशन के बाद लेबनान पर अब तक का सबसे बड़ा हमला था। सेना के मुताबिक, इसमें हिज्बुल्लाह के 100 से ज्यादा कमांड सेंटर और सैन्य ठिकानों पर निशाना साधा गया।
उसके कई ठिकानों, हथियार भंडार और लॉन्चिंग साइट्स पर हमला किया गया। इसके साथ ही दक्षिणी लेबनान में हथियारों की आवाजाही रोकने के लिए कई अहम क्रॉसिंग पॉइंट्स पर भी हमले किए गए। वहीं, इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उप राष्ट्रपति जेडी वेंस की ही तरह कहा है कि लेबनान अमेरिका-ईरान संघर्ष विराम का हिस्सा नहीं है। जबकि मध्यस्थ की भूमिका निभाने वाले पाकिस्तान ने कहा कि लेबनान को भी इसमें शामिल किया गया है।
254 लोगों के मारे जाने की पुष्टि करते हुए लेबनान सरकार ने गुरुवार को राष्ट्रीय शोक का ऐलान किया। सिन्हुआ ने प्रधानमंत्री नवाफ सलाम के हवाले से बताया कि गुरुवार को पीड़ितों और घायलों के सम्मान में सभी सरकारी दफ्तर, संस्थान और नगरपालिकाएं बंद रहेंगी, राष्ट्रीय ध्वज आधे झुके रहेंगे। उन्होंने कहा कि वो हमलों को रोकने के मकसद से अरब नेताओं और अंतर्राष्ट्रीय अधिकारियों के साथ लगातार संपर्क में हैं।