नई दिल्ली। भारत और ग्रीस के बीच मजबूत होते द्विपक्षीय संबंधों के बीच विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने सोमवार को राष्ट्रीय राजधानी नई दिल्ली में भारत में ग्रीस की निवर्तमान राजदूत अलिकी कौत्सोमितोपोउलो से मुलाकात की। यह मुलाकात राजदूत के राजनयिक कार्यकाल के समापन के अवसर पर हुई। विदेश मंत्री ने भारत और ग्रीस के बीच सहयोग को बढ़ावा देने में उनके योगदान की सराहना करते हुए भविष्य की जिम्मेदारियों और प्रयासों के लिए शुभकामनाएं दीं।जयशंकर ने कहा कि राजदूत अलिकी के कार्यकाल के दौरान नई दिल्ली और एथेंस के बीच द्विपक्षीय संबंधों में उल्लेखनीय प्रगति हुई है। दोनों देशों ने विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। विदेश मंत्री ने राजनयिक संबंधों को मजबूत बनाने में उनकी भूमिका को महत्वपूर्ण बताया।
सोशल मीडिया पर साझा किया संदेश
विदाई मुलाकात के बाद विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर एक पोस्ट साझा की। उन्होंने राजदूत अलिकी के साथ हुई मुलाकात पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए उनके कार्यकाल की उपलब्धियों का उल्लेख किया।जयशंकर ने लिखा, "ग्रीस की राजदूत अलिकी कौत्सोमितोपोउलो से विदाई मुलाकात करके खुशी हुई। उनके कार्यकाल के दौरान हमारे द्विपक्षीय संबंधों में काफी प्रगति हुई है। मैंने उनके योगदान की सराहना की और भविष्य के उनके प्रयासों के लिए उन्हें शुभकामनाएं दीं।"विदेश मंत्री का यह संदेश दोनों देशों के बीच राजनयिक सहयोग के महत्व को दर्शाता है। भारत और ग्रीस के संबंध हाल के वर्षों में व्यापार, निवेश, रक्षा और रणनीतिक साझेदारी जैसे क्षेत्रों में आगे बढ़े हैं।
भारत और ग्रीस के रिश्तों में आया बड़ा बदलाव
भारत और ग्रीस के बीच लंबे समय से सांस्कृतिक और ऐतिहासिक संबंध रहे हैं। हालांकि, हाल के वर्षों में दोनों देशों ने आर्थिक और रणनीतिक सहयोग को नई दिशा दी है।अगस्त 2023 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ग्रीस यात्रा दोनों देशों के संबंधों के लिए महत्वपूर्ण साबित हुई थी। करीब चार दशकों के बाद किसी भारतीय प्रधानमंत्री की ग्रीस यात्रा हुई थी। इस दौरान दोनों देशों ने अपने संबंधों को रणनीतिक साझेदारी के स्तर तक बढ़ाने का निर्णय लिया था।इस ऐतिहासिक फैसले के बाद रक्षा, सुरक्षा, व्यापार, निवेश, कृषि, शिक्षा और प्रौद्योगिकी जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर सहमति बनी थी।
व्यापार और निवेश बढ़ाने पर विशेष ध्यान
भारत और ग्रीस ने द्विपक्षीय व्यापार को विस्तार देने के लिए भी महत्वपूर्ण पहल की हैं। दोनों देशों ने वर्ष 2030 तक आपसी व्यापार को दोगुना करने का लक्ष्य निर्धारित किया है।फरवरी 2024 में ग्रीस के प्रधानमंत्री क्यारीकोस मित्सोताकिस भारत की आधिकारिक यात्रा पर आए थे। इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ उनकी बैठक में व्यापार, निवेश और आर्थिक साझेदारी बढ़ाने के विभिन्न अवसरों पर चर्चा हुई थी।दोनों नेताओं ने कृषि, पर्यटन, बुनियादी ढांचे और अन्य आर्थिक क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने की संभावनाओं पर भी विचार किया था।
रक्षा और समुद्री सुरक्षा में बढ़ा सहयोग
भारत और ग्रीस के बीच रणनीतिक साझेदारी में रक्षा और समुद्री सुरक्षा को भी महत्वपूर्ण स्थान प्राप्त है। दोनों देश हिंद-प्रशांत और भूमध्यसागर क्षेत्र में शांति, स्थिरता तथा समुद्री व्यापार की सुरक्षा को महत्वपूर्ण मानते हैं।फरवरी 2024 में जारी संयुक्त बयान में दोनों देशों ने रक्षा सहयोग, समुद्री सुरक्षा, साइबर सुरक्षा और आतंकवाद से मुकाबले जैसे क्षेत्रों में आपसी संवाद को मजबूत करने पर सहमति व्यक्त की थी।इसके अलावा, दोनों देशों के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों के बीच नियमित बातचीत के लिए संस्थागत व्यवस्था विकसित करने पर भी जोर दिया गया था।
राजनयिक सहयोग को आगे बढ़ाने की प्रतिबद्धता
भारत और ग्रीस के बीच संबंध केवल सरकारी स्तर की बातचीत तक सीमित नहीं हैं। पर्यटन, शिक्षा, संस्कृति और लोगों के बीच संपर्क बढ़ाना भी द्विपक्षीय साझेदारी का महत्वपूर्ण हिस्सा है।दोनों देशों की ऐतिहासिक विरासत और समुद्री व्यापार से जुड़ी परंपराएं आपसी संबंधों को मजबूती प्रदान करती हैं। भारत के लिए ग्रीस यूरोप के साथ संपर्क बढ़ाने की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण साझेदार है।राजदूत अलिकी कौत्सोमितोपोउलो के कार्यकाल के समापन पर जयशंकर ने उनके राजनयिक योगदान को याद करते हुए भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं।विदेश मंत्री की यह मुलाकात ऐसे समय हुई है, जब भारत और ग्रीस अपनी रणनीतिक साझेदारी को व्यापक बनाने और विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने की दिशा में काम कर रहे हैं।
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