अबू धाबी: संयुक्त अरब अमीरात ने फ्लाईदुबई की उड़ान में यात्रियों की सुरक्षा के लिए साहस दिखाने वाले भारतीय कैप्टन स्मित मच्छर और उनके साथी क्रू सदस्यों को सम्मानित किया है। राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान ने उन्हें ‘फर्स्ट-क्लास ऑर्डर ऑफ जायद II’ प्रदान किया। यह सम्मान सितंबर में उड़ान के दौरान हुई गंभीर घटना में उनकी बहादुरी और कर्तव्यनिष्ठा की पहचान है। राष्ट्रपति की ओर से घोषित सम्मान दुबई के क्राउन प्रिंस, यूएई के उपप्रधानमंत्री और रक्षा मंत्री शेख हमदान बिन मोहम्मद बिन राशिद अल मकतूम ने भेंट किए। यूएई की आधिकारिक समाचार एजेंसी डब्ल्यूएएम के अनुसार, राष्ट्रपति ने मंगलवार, 27 अक्टूबर को संबंधित फ्लाईदुबई क्रू सदस्यों से मुलाकात भी की। इस अवसर पर यूएई के उपराष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और दुबई के शासक शेख मोहम्मद बिन राशिद अल मकतूम मौजूद थे। दोनों नेताओं ने यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और विमान को सुरक्षित रखने में क्रू के साहस तथा पेशेवर दक्षता की प्रशंसा की। उन्होंने लोगों की सुरक्षा को देश की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल बताया। 
सम्मान ग्रहण करने वाले क्रू सदस्यों ने राष्ट्रपति का आभार जताया और इसे गर्व का अवसर बताया। आधिकारिक बयान के मुताबिक, यह सम्मान सेवा, समर्पण और जिम्मेदारी के मूल्यों के प्रति नेतृत्व की सराहना को दर्शाता है। समारोह में दुबई नागरिक उड्डयन प्राधिकरण के अध्यक्ष तथा एमिरेट्स एयरलाइन एंड ग्रुप के चेयरमैन एवं मुख्य कार्यकारी शेख अहमद बिन सईद अल मकतूम सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे। शेख हमदान ने भी मुश्किल परिस्थितियों में क्रू के निर्णय और जिम्मेदारी निभाने की भावना की प्रशंसा की। 
30 सितंबर को उड़ान में हुआ था हमला
घटना 30 सितंबर को फ्लाईदुबई की उड़ान एफजेड1073 में हुई थी। विमान दुबई से तेल अवीव जा रहा था। डीडी इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, उड़ान के दौरान सह-पायलट ने कैप्टन स्मित मच्छर पर हमला किया। गंभीर संकट के बीच क्रू सदस्यों, विमान में मौजूद अन्य पायलटों और यात्रियों ने हस्तक्षेप किया। इसके बाद विमान पर नियंत्रण स्थापित किया गया और उसे सऊदी अरब के तबुक की ओर मोड़ा गया, जहां उसकी सुरक्षित लैंडिंग हुई। इस घटनाक्रम में कैप्टन की भूमिका की व्यापक सराहना हुई। 
हमले में घायल होने के बावजूद कैप्टन मच्छर ने कॉकपिट का दरवाजा खोलने का प्रयास किया। रॉयटर्स की तत्कालीन रिपोर्ट के मुताबिक, दरवाजा खुलने से यात्रियों और क्रू को भीतर पहुंचकर हमलावर पर काबू पाने का अवसर मिला। विमान में मौजूद फ्लाईदुबई के दो अन्य पायलटों ने बाद में विमान को तबुक में उतारा। इसलिए सुरक्षित लैंडिंग का श्रेय घायल कैप्टन के साथ उन पायलटों, क्रू और मदद करने वाले यात्रियों के संयुक्त प्रयास को भी जाता है। 
गंभीर चोटों के बीच दिखाई हिम्मत
द ट्रिब्यून की रिपोर्ट के अनुसार, कैप्टन पर कॉकपिट में आपात परिस्थितियों के लिए रखे जाने वाले उपकरण से हमला हुआ था। चोट लगने के बावजूद उन्होंने दरवाजा खोलकर मदद पहुंचने का रास्ता बनाया। घटना के बाद उन्हें पहले तबुक के अस्पताल में उपचार दिया गया और बाद में इलाज के लिए अबू धाबी स्थानांतरित किया गया। सह-पायलट को हिरासत में लिए जाने की जानकारी भी सामने आई थी। विमान में 170 से अधिक लोग मौजूद थे, जिनकी सुरक्षा सुनिश्चित करना उस समय सबसे बड़ी चुनौती थी। 
इस पूरे घटनाक्रम में कैप्टन का दरवाजा खोल पाना निर्णायक रहा। इससे कॉकपिट के भीतर की स्थिति से निपटने के लिए सहायता पहुंच सकी। घायल अवस्था में उनका यह कदम यात्रियों की सुरक्षा के प्रति जिम्मेदारी का उदाहरण बना। हालांकि, विमान को संभालने और सुरक्षित उतारने की प्रक्रिया कई लोगों के सहयोग से पूरी हुई। सम्मान में साथी क्रू सदस्यों को शामिल किया जाना भी इसी सामूहिक योगदान की पहचान है। 
यात्रियों ने भी संकट से निपटने में सहयोग दिया
एनडीटीवी की रिपोर्ट में उन यात्रियों के योगदान का भी उल्लेख किया गया है, जिन्होंने हमलावर पर काबू पाने और घायल कैप्टन की सहायता करने में भूमिका निभाई। रिपोर्ट के अनुसार, यात्रियों ने क्रू के साथ मिलकर स्थिति संभालने में मदद की, जबकि विमान में मौजूद एक दंत चिकित्सक ने कैप्टन को प्राथमिक सहायता दी। इस सहयोग से अन्य पायलटों को विमान का नियंत्रण संभालने का अवसर मिला। संकट के दौरान अलग-अलग लोगों की तत्परता सुरक्षित परिणाम तक पहुंचने में महत्वपूर्ण रही। 
पहले भी कैप्टन से मिले थे शेख हमदान
यूएई के नेतृत्व ने घटना के तुरंत बाद भी कैप्टन मच्छर के साहस की प्रशंसा की थी। डब्ल्यूएएम के अनुसार, शेख हमदान ने तीन अक्टूबर को उनसे मुलाकात की थी। उन्होंने कैप्टन के आचरण को साहस, जिम्मेदारी और मानव जीवन की चिंता का उदाहरण बताया था। उन्होंने यह भी कहा था कि कैप्टन के देश की विमानन टीम का हिस्सा होने पर उन्हें गर्व है। अब राष्ट्रपति की ओर से दिया गया सम्मान उस सराहना की औपचारिक पहचान बना है। 
कैप्टन मच्छर और उनके साथियों का सम्मान विमानन क्षेत्र में आपात परिस्थितियों से निपटने वाले कर्मचारियों के योगदान को सामने लाता है। उड़ान के दौरान यात्रियों की सुरक्षा के लिए प्रशिक्षण के साथ स्पष्ट निर्णय और समन्वय भी महत्वपूर्ण होते हैं। सितंबर की घटना में घायल कैप्टन, अन्य पायलटों, क्रू और यात्रियों का सहयोग इसी जिम्मेदारी का उदाहरण रहा। यूएई ने सम्मान के जरिए उनके साहस और यात्रियों की जान बचाने के प्रयासों को मान्यता दी है।
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