नई दिल्ली। ब्राजील की एयरोस्पेस कंपनी एम्ब्रेयर ने भारतीय वायु सेना के प्रस्तावित 60 एयरक्राफ्ट वाले मल्टी-रोल ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट (MTA) प्रोग्राम को लेकर अपनी रणनीति स्पष्ट कर दी है। कंपनी इस सैन्य परिवहन विमान परियोजना के लिए भारतीय महिंद्रा ग्रुप के साथ साझेदारी करेगी और अपना KC-390 मिलेनियम जेट पेश करेगी। एम्ब्रेयर ने यह भी साफ किया है कि सैन्य और नागरिक विमान कारोबार के लिए भारत में उसके अलग-अलग साझेदार होंगे।एम्ब्रेयर डिफेंस एंड सिक्योरिटी के प्रेसिडेंट और CEO बोस्को दा कोस्टा जूनियर ने बातचीत में कहा कि मल्टी-रोल ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट प्रोग्राम के लिए महिंद्रा ग्रुप कंपनी का पार्टनर है। वहीं कमर्शियल और सिविलियन एयरक्राफ्ट कारोबार के लिए एम्ब्रेयर ने अडानी ग्रुप के साथ समझौता किया है।
बोस्को दा कोस्टा जूनियर ने कहा कि दोनों साझेदारियों को लेकर कंपनी की स्थिति बिल्कुल स्पष्ट है। सैन्य ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट परियोजना के लिए महिंद्रा और नागरिक विमान कारोबार के लिए अडानी के साथ काम किया जाएगा। उन्होंने इस बात को भी स्पष्ट किया कि इन दोनों क्षेत्रों के लिए तय की गई साझेदारी में फिलहाल किसी तरह का बदलाव नहीं होने वाला है।उन्होंने बताया कि एम्ब्रेयर भारत में सैन्य परिवहन विमान से जुड़े अवसरों पर लंबे समय से काम कर रही है। कंपनी ने वर्ष 2023 में भारत में C-390 का प्रदर्शन किया था। इस दौरान एम्ब्रेयर को भारत के एयरोस्पेस और डिफेंस इकोसिस्टम को समझने के साथ संभावित साझेदारों से मुलाकात करने का अवसर मिला।एम्ब्रेयर के CEO के मुताबिक कंपनी ने इसके बाद भारतीय बाजार का गहराई से विश्लेषण किया। अलग-अलग संभावनाओं और पार्टनर्स पर विचार करने के बाद मल्टी-रोल ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट प्रोग्राम के लिए महिंद्रा ग्रुप को अपना भारतीय साझेदार चुना गया।
उन्होंने कहा कि सैन्य क्षेत्र में ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट से जुड़े इस प्रोजेक्ट के लिए महिंद्रा ही एम्ब्रेयर का पार्टनर रहेगा। कंपनी भारतीय वायु सेना की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए KC-390 मिलेनियम को इस कार्यक्रम के लिए पेश करने की तैयारी कर रही है।यह प्रस्ताव भारतीय वायु सेना के 60 एयरक्राफ्ट वाले मल्टी-रोल ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट प्रोग्राम से जुड़ा है। इस परियोजना में एम्ब्रेयर अपने KC-390 मिलेनियम के साथ भागीदारी करना चाहती है। इसके लिए भारतीय औद्योगिक साझेदार के रूप में महिंद्रा ग्रुप के साथ मिलकर आगे बढ़ने की योजना बनाई गई है।दूसरी तरफ एम्ब्रेयर ने अपने कमर्शियल और सिविलियन एयरक्राफ्ट कारोबार के लिए अडानी ग्रुप के साथ अलग रास्ता अपनाया है। बोस्को दा कोस्टा जूनियर ने कहा कि भारत में कनेक्टिविटी और रीजनल उड़ानों की बढ़ती मांग को देखते हुए कंपनी अडानी के साथ संभावनाओं पर काम कर रही है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि अडानी के साथ साझेदारी का संबंध एम्ब्रेयर के कमर्शियल और सिविलियन कारोबार से है। वहीं महिंद्रा के साथ साझेदारी सैन्य ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट परियोजना से जुड़ी हुई है। दोनों साझेदारियों की भूमिका अलग-अलग है और इन्हें आपस में नहीं मिलाया जाना चाहिए।एम्ब्रेयर की ओर से यह स्पष्टीकरण उस सवाल के बाद सामने आया जिसमें पूछा गया था कि क्या अडानी ग्रुप सैन्य ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट डील के लिए भी कंपनी का पार्टनर हो सकता है। यह सवाल इसलिए महत्वपूर्ण था क्योंकि अडानी को भी इस कार्यक्रम से संबंधित रिक्वेस्ट फॉर प्रपोजल यानी RFP दिया गया है।इस पर बोस्को दा कोस्टा जूनियर ने साफ कहा कि सैन्य ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट प्रोजेक्ट के लिए एम्ब्रेयर पहले ही महिंद्रा ग्रुप को अपना साझेदार चुन चुकी है। कंपनी ने बाजार और भारतीय एयरोस्पेस इकोसिस्टम का अध्ययन करने के बाद यह फैसला किया था।उन्होंने कहा कि एम्ब्रेयर ने शुरुआत से ही इस परियोजना पर काम किया है। वर्ष 2023 में भारत में C-390 के प्रदर्शन के दौरान कंपनी ने भारतीय इकोसिस्टम और संभावित पार्टनर्स के साथ संपर्क बढ़ाया था। इसी प्रक्रिया के बाद महिंद्रा को MTA कार्यक्रम के लिए चुना गया।
एम्ब्रेयर की योजना भारतीय वायु सेना के मल्टी-रोल ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट प्रोग्राम में KC-390 मिलेनियम को मजबूत विकल्प के रूप में पेश करने की है। कंपनी का फोकस सैन्य परिवहन विमान की जरूरतों को पूरा करने के साथ भारत में स्थानीय औद्योगिक साझेदारी को आगे बढ़ाने पर है।इस पूरी रणनीति में महिंद्रा की भूमिका सैन्य विमान कार्यक्रम से जुड़ी होगी। एम्ब्रेयर के मुताबिक इस प्रोजेक्ट के लिए महिंद्रा उसका तय भारतीय पार्टनर है। वहीं नागरिक विमान क्षेत्र में कंपनी अडानी के साथ मिलकर भारत में बढ़ती क्षेत्रीय हवाई कनेक्टिविटी की मांग से जुड़े अवसरों पर विचार कर रही है।भारत में क्षेत्रीय उड़ानों और हवाई संपर्क के विस्तार के कारण सिविलियन एविएशन सेक्टर में भी नए अवसर सामने आ रहे हैं। एम्ब्रेयर इसी बाजार में अपने कमर्शियल एयरक्राफ्ट कारोबार को बढ़ाने के लिए अडानी के साथ साझेदारी की संभावनाओं पर काम कर रही है।
कंपनी ने दोनों क्षेत्रों के लिए अलग रणनीति अपनाकर स्थिति स्पष्ट कर दी है। सैन्य क्षेत्र में भारतीय वायु सेना के MTA प्रोग्राम के लिए एम्ब्रेयर-महिंद्रा साझेदारी आगे बढ़ेगी, जबकि सिविलियन एयरक्राफ्ट कारोबार में एम्ब्रेयर-अडानी साझेदारी पर काम किया जाएगा।एम्ब्रेयर की ओर से दिए गए बयान के बाद यह साफ हो गया है कि अडानी ग्रुप को RFP मिलने के बावजूद कंपनी भारतीय वायु सेना के ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट प्रोग्राम में अपने मौजूदा साझेदार महिंद्रा के साथ ही आगे बढ़ने की योजना बना रही है। कंपनी ने जोर देकर कहा है कि सैन्य और नागरिक कारोबार के लिए चुने गए दोनों भारतीय साझेदारों की भूमिकाएं अलग-अलग हैं और इस व्यवस्था में बदलाव की कोई योजना नहीं है।