अमेरिका में पानी की कमी के चलते कुछ राज्‍यों को सूखे जैसे हालातों का सामना करना पड़ रहा है। पहली बार अमेरिका ने माना है कि उसके लेक मीड जलाशय में पानी की कमी हो गई है। सरकार के मुताबिक इसमें करीब दस फीट तक पानी की कमी हो गई है। इसका सीधा असर कुछ राज्‍यों पर पड़ रहा है। इसके बाद करीब दस राज्‍यों के गवर्नरों ने बाइडन सरकार से कहा है कि उनके राज्‍यों को सूखा ग्रस्‍त क्षेत्र घोषित किया जाए और इसके तहत उन्‍हें आर्थिक मदद दी जाए। यूएस ब्‍यूरो आफ रीक्‍लेमेशन ने एक बयान जारी कर कहा है कि जलाशय में पानी की कमी के मद्देनज एरीजोना, नवादा, मैक्सिको को दिए जाने वाले पानी में कमी होगी।

बयान के मुताबिक एरीजोना में करीब 18 फीसद, नवादा में करीब सात फीसद और मैक्सिको में कब पांच फीसद की कमी जाएगी। इनके अलावा पश्चिम के करीब दस गवर्नरों ने राष्‍ट्रपति बाइडन से अपील की है कि वो इन इलाकों के लिए विशेष मदद की जाए। इन गवर्नरों ने राष्‍ट्रपति बाइडन को लिखे एक पत्र में इसको इतिहास का सबसे बड़ा सूखा बताया है। उन्‍होंने लिखा है कि इसकी वजह से पूरे राज्‍य की फसल बर्बाद होने का संकट खड़ा हो गया है। इसकी वजह से दूसरी कई समस्‍याएं भी खड़ी हो सकती हैं।
आंतरिक विभाग के सहायक सचिव तान्‍या ट्रूजिलो ने पानी के कम होने की वजह क्‍लाइमेट चेंज को बताया है। उन्‍होंने कहा है कि हम क्‍लाइमेट चेंज का असर देख रहे हैं। एक आनलाइन प्रेस कांफ्रेंस में उन्‍होंने कहा कि पानी की कमी और मौसम के गर्म होने की वजह से धरती गर्म हो रही है। उन्‍होंने कहा कि ये आगे भी जारी रहेगा।
यूएस ड्राट मानिटर रिपोर्ट में देश के पश्चिम भाग में करीब 63 फीसद पानी की कमी सामने आई है। इसके मुताबिक करीब छह करोड़ लोग इन राज्‍यों में रह रहे हैं जहां पर हालात खराब हो रहे हैं। आपको बता दें कि लेक मीड का निर्माण 1930 में किया गया था। ये नवादा-एरीजोना सीमा पर है, जो अमेरिका का सबसे बड़ा जलाशय है।


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