वर्ल्ड | हाल के वर्षों में अमेरिका में अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों की संख्या में आई गिरावट को लेकर कई वैश्विक रिपोर्टों ने चिंता जताई है। खासतौर पर डोनाल्ड ट्रंप के राष्ट्रपति काल के दौरान कुछ ऐसे नीतिगत फैसले और सार्वजनिक बयान सामने आए, जिन्होंने अमेरिका की वैश्विक छवि को प्रभावित किया। इसका सीधा असर टूरिज्म सेक्टर पर भी पड़ा है।
यूएस ट्रैवल एसोसिएशन की रिपोर्ट के मुताबिक, 2016 के बाद से अमेरिका आने वाले पर्यटकों की संख्या में क्रमिक गिरावट देखी गई। जबकि दुनियाभर में ट्रैवल और टूरिज्म इंडस्ट्री में वृद्धि हुई, अमेरिका इससे कुछ हद तक अलग रहा।
विशेषज्ञ मानते हैं कि ट्रंप के 'मेक अमेरिका ग्रेट अगेन' अभियान के तहत अपनाई गई वीज़ा पॉलिसी, मुस्लिम बहुल देशों पर लगाए गए ट्रैवल बैन, और अप्रवासियों के खिलाफ सख्त रुख ने अमेरिका की “ओपन एंड वेलकमिंग” इमेज को नुकसान पहुंचाया।
कौन से देश सबसे ज़्यादा प्रभावित हुए?
मध्य पूर्व और मुस्लिम देश: ईरान, इराक, लीबिया, सोमालिया, सूडान, सीरिया जैसे देशों के नागरिकों पर लगाए गए ट्रैवल बैन ने इन देशों में अमेरिका के प्रति नकारात्मक भाव बढ़ाया।
यूरोप: ट्रंप की NATO पर की गई टिप्पणियों और यूरोपीय देशों से टकराव की स्थिति ने अमेरिका की साझेदार छवि को कमजोर किया।
मेक्सिको और लैटिन अमेरिका: सीमा पर दीवार निर्माण और अप्रवासियों को लेकर दिए गए बयान इन देशों में नाराज़गी का कारण बने।
इसके साथ ही कोविड महामारी के दौरान अमेरिका की प्रतिक्रिया, ट्रंप के बयान और नियमों की उलझन ने भी पर्यटकों को अन्य देशों की ओर रुख करने पर मजबूर किया।
क्या अब स्थिति में सुधार है?
जो बाइडेन सरकार ने ट्रैवल बैन हटा दिए हैं और वीज़ा प्रक्रिया को आसान बनाया है, लेकिन महामारी के बाद का दौर और बदलते वैश्विक हालात अभी भी अमेरिका के पर्यटन पर असर डाल रहे हैं।
निष्कर्ष:
अमेरिका के पर्यटक आकर्षण में गिरावट एक जटिल मुद्दा है, जिसमें ट्रंप की नीतियों और बयानबाज़ी ने अहम भूमिका निभाई। हालांकि नई सरकार सुधार की कोशिशों में जुटी है, लेकिन खोई हुई वैश्विक विश्वसनीयता को दोबारा पाने में वक्त लग सकता है।