अमेरिका। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मियामी के फेना फोरम में अपने समर्थकों को संबोधित करते हुए ईरान युद्ध और वैश्विक भू-राजनीति पर कई तीखे बयान दिए. ट्रंप एक बार फिर खुद को पीसमेकर बताते हुए कहा कि अगर उन्हें शांति का नोबेल पुरस्कार नहीं मिला तो फिर यह किसी को भी नहीं मिलेगा. उन्होंने कहा कि अगला निशाना क्यूबा होगा.
ट्रंप ने दावा किया कि 'ऑपरेशन एपिक फ्यूरी' के जरिए ईरान की सैन्य क्षमताओं को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया गया है और अब वहां का शासन समझौते के लिए भीख मांग रहा है. इस दौरान अपने चिर-परिचित मजाकिया अंदाज में ट्रंप ने 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज' क 'स्ट्रेट ऑफ ट्रंप' तक कह दिया. ट्रंप ने अपने भाषण में कहा कि मिडिल ईस्ट अब ईरानी आतंक और न्यूक्लियर ब्लैकमेल से मुक्त होने के करीब है. उन्होंने कहा, 'मेरे नेतृत्व में अमेरिका इस कट्टरपंथी शासन से पैदा खतरे को खत्म कर रहा है और ऑपरेशन एपिक फ्यूरी के जरिए ईरान की ताकत को तबाह कर रहा है. हमारे पास दुनिया की सबसे शक्तिशाली सेना है. मैंने इसे अपने पहले कार्यकाल में बनाया. हमारे पास ऐसे हथियार हैं जिन्हें किसी ने नहीं देखा, और कुछ के बारे में तो कोई जानता भी नहीं है, सिवाय कुछ लोगों के. 47 साल तक ईरान को मिडिल ईस्ट का बुली (धौंस जमाने वाला) माना जाता था, लेकिन अब वह भाग रहा है.'
ट्रंप ने अपने पहले कार्यकाल में ईरानी कमांडर कासिम सुलेमानी को मार गिराने का भी जिक्र किया. गौरतलब है कि जनवरी 2020 में अमेरिकी सेना ने बगदाद एयरपोर्ट पर ड्रोन हमले में कासिम सुलेमानी को मार गिराया था. उस समय अमेरिका के रक्षा मंत्रालय ने कहा था कि यह कार्रवाई अमेरिकी हितों की रक्षा के लिए की गई थी, क्योंकि सुलेमानी पर अमेरिकी सैनिकों और अधिकारियों पर हमलों की साजिश रचने का आरोप था.
उन्होंने कहा, 'यह मेरे पहले कार्यकाल का बड़ा पल था. वह (सुलेमानी) इतना ताकतवर था कि मुझे लगता है ईरान का नेतृत्व भी अंदर से खुश था, लेकिन वे यह नहीं कहते. अब कोई उनसे पूछने वाला भी नहीं है, क्योंकि वे भी अब जिंदा नहीं हैं. ईरान पर इतना जबरदस्त हमला हो रहा है कि कोई भी बातचीत करने पर मजबूर हो जाएगा. वे डील के लिए गिड़गिड़ा रहे हैं. लेकिन उन्हें स्ट्रेट ऑफ ट्रंप… मेरा मतलब होर्मुज खोलना ही होगा. फेक न्यूज कहेगी कि मैंने गलती से यह नाम लिया, लेकिन मुझसे गलती बहुत कम होती है.'