COVID-19: कनाडा ने भारत भेजे 60 करोड़ रुपये, स्वास्थ्य व्यवस्था में होगा खर्च

कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने ऐलान किया है कि

Update: 2021-04-28 08:38 GMT

कोरोनावायरस से जंग लड़ रहे भारत (Coronavirus in India) की मदद के लिए कनाडा (Canada) ने 10 मिलियन कैनेडियन डॉलर (लगभग 60 करोड़ रुपये) भेजने का ऐलान किया है. कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो (Justin Trudeau) ने ऐलान किया है कि उनकी सरकार द्वारा भेजे गए पैसे भारत को एंबुलेंस, पीपीई किट जैसे अन्य जरूरी सामानों को खरीदने में मदद करेंगे. ये राशि ऐसे समय पर भारत आ रही है, जब भारत में हर दिन कोरोना के रिकॉर्ड मामले सामने आ रहे हैं. इस कारण देश की स्वास्थ्य व्यवस्था पर खासा बोझ है.


ये राशि कैनेडियन रेड क्रॉस को मुहैया कराई जाएगी, जो इंडियन रेड क्रॉस सोसाएटी (Indian Red Cross Society) को ट्रांसफर कर देगा. जस्टिन ट्रूडो ने मंगलवार को कहा कि ये कुछ ऐसा है, जिसे लेकर हर कनाडाई नागरिक चिंतित है. हम भारत से सामने आ रही भयावह तस्वीरों से खासा चिंतित हैं. हमें मालूम है कि हमें वहां अपने दोस्तों की मदद करनी होगी. ये राशि ऐसे वक्त में आ रही है, जब कनाडा के विदेश मंत्री मार्क गर्न्यू ने अपने भारतीय समकक्ष एस जयशंकर से बात की. इस दौरान गर्न्यू ने संकट से निपटने के लिए ओटावा की तरफ से सहायता की पेशकश की.


ऑक्सीजन कंसंट्रेटर, वेंटिलेटर और दवाइयों की भी जल्द होगी डिलीवरी
कनाडा के प्रधानमंत्री ने कहा, हम किसी भी तरह से मदद कर सकते हैं और इस संबंध में लगातार बातचीत की जा रही है. दूसरी ओर, कनाडा से राहत सामग्री भी भेजे जाने की तैयारी हो रही है. इसमें ऑक्सीजन कंसंट्रेटर, वेंटिलेटर और दवाइयां शामिल हैं, जो कनाडा के आपातकालीन भंडार से आ रही हैं. ओटावा ने भारत सरकार के प्रति एकजुटता व्यक्त की है और इसे हर संभव मदद पहुंचाने का वादा किया है.

भारत को हर संभव मदद मुहैया कराने के लिए हो रहा है काम
दोनों मुल्कों के बीच महामारी को लेकर लगातार संवाद हो रहा है. कनाडा की सार्वजनिक सेवा और खरीद मंत्री अनीता आनंद ने कहा कि गर्न्यू और अंतर्राष्ट्रीय विकास मंत्री करीना गूल्ड के साथ मिलकर वे यह सुनिश्चित करने के लिए काम कर रहे हैं कि भारत को हर संभव मदद मुहैया कराई जा सके. आनंद ने कहा कि उन्होंने नई दिल्ली में कनाडा के उच्चायुक्त नादिर पटेल और ओटावा में भारतीय उच्चायुक्त अजय बिसारिया के साथ भी बात की. ये बातचीत भारत में आवश्यक आपूर्ति का पता लगाने के लिए की गई. साथ ही कैसे कनाडा भारत की मदद कर सकता है ये जानने का भी प्रयास किया गया.


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