सऊदी अरब। मुस्लिम वर्ल्ड लीग (MWL) ने हौथी मिलिशिया द्वारा सऊदी अरब के मक्का और मदीना क्षेत्रों को दो बैलिस्टिक मिसाइलों से कथित तौर पर निशाना बनाए जाने की कड़ी निंदा की है। संगठन ने इस घटना को जघन्य हमला करार देते हुए कहा कि पवित्र स्थलों की सुरक्षा को खतरे में डालने वाली ऐसी गतिविधियां बेहद गंभीर हैं। मुस्लिम वर्ल्ड लीग ने आरोप लगाया कि हौथी मिलिशिया की आक्रामक गतिविधियां अब इस्लाम के सबसे पवित्र स्थलों से जुड़े क्षेत्रों तक पहुंच गई हैं।सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जारी बयान में मुस्लिम वर्ल्ड लीग ने मिसाइलों को रोके जाने और उनके मलबे के अलग-अलग स्थानों पर गिरने की जानकारी दी। हालांकि, उपलब्ध बयान में हमले की तारीख, किसी के हताहत होने या नुकसान का विवरण नहीं दिया गया है। इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि भी उपलब्ध जानकारी से नहीं होती।
मक्का सहित कई इलाकों में मिसाइलों का मलबा गिरने का दावा
मुस्लिम वर्ल्ड लीग के अनुसार, रोकी गई बैलिस्टिक मिसाइलों के टुकड़े मक्का के वादी अल-मुघम्मस इलाके में गिरे। इसके अलावा जेद्दाह गवर्नरेट के अल-नुज़हा जिले, ताइफ़ गवर्नरेट के वादी जलील और राबिघ गवर्नरेट के मस्तूराह सेंटर में भी मिसाइलों का मलबा गिरने की बात कही गई है।संगठन ने कहा कि इस तरह की घटनाएं स्थानीय लोगों की सुरक्षा के साथ पवित्र स्थलों के आसपास के क्षेत्रों के लिए भी चिंता पैदा करती हैं। बयान में इन इलाकों का उल्लेख करते हुए हमले की गंभीरता पर जोर दिया गया।हालांकि, मिसाइलों को किस रक्षा प्रणाली से रोका गया और मलबा गिरने से कितना नुकसान हुआ, इसकी जानकारी बयान में नहीं दी गई है।
मुस्लिम वर्ल्ड लीग ने बताया जघन्य हमला
मुस्लिम वर्ल्ड लीग ने हौथी मिलिशिया की कथित कार्रवाई को सऊदी अरब के खिलाफ आक्रामक गतिविधियों की निरंतरता बताया। संगठन के अनुसार, इस तरह की घटनाएं अब हरमैन शरीफैन यानी मक्का की मस्जिद अल-हरम और मदीना की मस्जिद-ए-नबवी से जुड़े क्षेत्रों तक पहुंच रही हैं।संगठन ने कहा कि इन दोनों पवित्र मस्जिदों का दुनियाभर के मुसलमानों के लिए विशेष धार्मिक महत्व है। ऐसे में इनके आसपास के क्षेत्रों को निशाना बनाए जाने की खबरें गंभीर चिंता का विषय हैं।
शेख मोहम्मद अल-ईसा ने जताई कड़ी नाराजगी
मुस्लिम वर्ल्ड लीग के महासचिव और ऑर्गेनाइजेशन ऑफ मुस्लिम स्कॉलर्स के अध्यक्ष शेख मोहम्मद बिन अब्दुलकरीम अल-ईसा ने हौथी मिलिशिया की कथित कार्रवाई की आलोचना की।उन्होंने कहा कि पवित्र स्थलों को निशाना बनाए जाने की घटना दो अरब से अधिक मुसलमानों की धार्मिक भावनाओं को प्रभावित करने वाला खतरनाक उकसावा है।अल-ईसा ने इस कार्रवाई को इस्लाम के मूल्यों और मानवता के बुनियादी सिद्धांतों का उल्लंघन बताया। उनके अनुसार, धार्मिक महत्व वाले स्थानों की सुरक्षा का सम्मान किया जाना चाहिए और उन्हें हिंसक गतिविधियों से दूर रखना आवश्यक है।
अंसार अल्लाह' नाम को लेकर भी उठाए सवाल
शेख अल-ईसा ने हौथी समूह द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले नाम 'अंसार अल्लाह' का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि खुद को अल्लाह का मददगार बताने से किसी संगठन की हिंसक गतिविधियों को धार्मिक मान्यता नहीं मिल जाती।उन्होंने आरोप लगाया कि समूह की कार्रवाइयां ऐसी विचारधारा को दर्शाती हैं, जो धार्मिक पवित्रता और लोगों की आध्यात्मिक भावनाओं को नुकसान पहुंचाती है।अल-ईसा ने कहा कि धर्म के नाम पर हिंसा को उचित नहीं ठहराया जा सकता। उन्होंने ऐसी गतिविधियों को इस्लाम की शिक्षाओं और मानवीय मूल्यों के विपरीत बताया।
धार्मिक स्थलों की सुरक्षा पर जोर
मुस्लिम वर्ल्ड लीग ने अपने बयान में कहा कि पवित्र स्थलों से जुड़े क्षेत्रों की सुरक्षा अत्यंत महत्वपूर्ण है। संगठन ने हौथी मिलिशिया की कथित कार्रवाई को धार्मिक भावनाओं को भड़काने वाला कदम बताया।शेख अल-ईसा ने कहा कि इस प्रकार की गतिविधियों का अल्लाह और उनके रसूल की मदद करने से कोई संबंध नहीं है। उन्होंने इन्हें धर्म की मूल शिक्षाओं से विचलन करार दिया।फिलहाल, उपलब्ध जानकारी में हौथी समूह की प्रतिक्रिया या मिसाइल हमले के आरोपों पर सऊदी अधिकारियों की विस्तृत पुष्टि शामिल नहीं है। मुस्लिम वर्ल्ड लीग के बयान के बाद पवित्र स्थलों की सुरक्षा और क्षेत्रीय तनाव का मुद्दा एक बार फिर चर्चा में आ गया है।
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