बीजिंग। मध्य पूर्व में जारी तनाव और गाजा पट्टी में गंभीर मानवीय संकट के बीच चीन ने इजरायल से वेस्ट बैंक में बस्तियों के विस्तार को रोकने की अपील की है। चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने इजरायल के राष्ट्रपति इसाक हर्जोग से कहा कि वेस्ट बैंक में जबरन बस्तियां बसाने की गतिविधियों को तत्काल रोका जाए और इस दिशा में उठाए गए कदमों को वापस लिया जाए। उन्होंने गाजा पट्टी में मानवीय सहायता पहुंचाने के लिए सभी रास्ते पूरी तरह खोलने की मांग भी की। वांग यी ने स्पष्ट किया कि फिलिस्तीन समस्या का स्थायी समाधान बातचीत और दो-राज्य समाधान के माध्यम से ही संभव है।चीन के विदेश मंत्री ने ये बातें गुरुवार, 15 अक्टूबर 2026 को अजरबैजान की राजधानी बाकू में आयोजित कॉन्फ्रेंस ऑन इंटरैक्शन एंड कॉन्फिडेंस बिल्डिंग मेजर्स इन एशिया (CICA) शिखर सम्मेलन के दौरान इजरायली राष्ट्रपति इसाक हर्जोग के साथ हुई बैठक में कहीं।
गाजा में 20 लाख लोगों के जीवन पर संकट
चीनी विदेश मंत्रालय की ओर से जारी बयान के अनुसार, वांग यी ने गाजा पट्टी की मानवीय स्थिति को बेहद गंभीर बताया। उन्होंने कहा कि मौजूदा परिस्थितियों में सबसे पहली प्राथमिकता गाजा तक पहुंच के रास्तों को पूरी तरह बहाल करना है।वांग यी ने कहा कि करीब 20 लाख नागरिक अस्तित्व बचाने के संघर्ष से जूझ रहे हैं। ऐसी स्थिति में मानवीय सहायता की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करना आवश्यक है।उन्होंने चेतावनी दी कि यदि समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए, तो मानवीय संकट और गंभीर हो सकता है। चीन ने सभी संबंधित पक्षों से नागरिकों की सुरक्षा और मानवीय सहायता को प्राथमिकता देने की अपील की है।
वेस्ट बैंक में बस्तियों के विस्तार पर जताई आपत्ति
बैठक के दौरान वांग यी ने वेस्ट बैंक में इजरायली बस्तियों के विस्तार को लेकर भी चिंता जताई। उन्होंने इजरायल से इन गतिविधियों को रोकने और संबंधित कदमों को वापस लेने का आग्रह किया।चीनी विदेश मंत्री के अनुसार, वेस्ट बैंक में बस्तियों का विस्तार फिलिस्तीनी मुद्दे के राजनीतिक समाधान की दिशा में चुनौतियां पैदा करता है।उन्होंने कहा कि क्षेत्र में स्थायी शांति स्थापित करने के लिए उन गतिविधियों को रोकना जरूरी है, जिनसे दोनों पक्षों के बीच तनाव बढ़ने की आशंका बनी रहती है।
दो-राज्य समाधान को बताया शांति का रास्ता
वांग यी ने फिलिस्तीन के मुद्दे पर चीन के पुराने रुख को दोहराते हुए कहा कि दो-राज्य समाधान ही इस विवाद के समाधान का सही रास्ता है।इस व्यवस्था के तहत इजरायल और एक स्वतंत्र फिलिस्तीनी राष्ट्र के शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व की परिकल्पना की जाती है।चीनी विदेश मंत्री ने फिलिस्तीनी मुद्दे को इस सदी का सबसे बड़ा ऐतिहासिक अन्याय बताते हुए कहा कि इसका समाधान राजनीतिक प्रक्रिया के माध्यम से निकाला जाना चाहिए।उनके अनुसार, क्षेत्रीय शांति और स्थिरता के लिए संवाद, परामर्श और सुलह की प्रक्रिया को आगे बढ़ाना जरूरी है।
इजरायली राष्ट्रपति ने भी रखा अपना पक्ष
बैठक के दौरान इजरायली राष्ट्रपति इसाक हर्जोग ने मध्य पूर्व की स्थिति पर अपने देश का दृष्टिकोण प्रस्तुत किया।इजरायल की ओर से जारी बयान के अनुसार, दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय संबंधों और मध्य पूर्व के हालात पर चर्चा की। हर्जोग ने क्षेत्र में इजरायल के सामने मौजूद सुरक्षा चुनौतियों का उल्लेख किया, विशेष रूप से ईरान और उससे जुड़े सशस्त्र समूहों को लेकर अपनी चिंताएं व्यक्त कीं।उन्होंने चीन और इजरायल के बीच आर्थिक, व्यापारिक और सांस्कृतिक संबंधों के महत्व पर भी जोर दिया।
बातचीत से समाधान निकालने पर चीन का जोर
वांग यी ने कहा कि मध्य पूर्व में तनावपूर्ण परिस्थितियों के बीच बातचीत और कूटनीतिक प्रयासों को आगे बढ़ाना आवश्यक है।उन्होंने बताया कि चीन क्षेत्र में शांति और सुरक्षा स्थापित करने के लिए अंतरराष्ट्रीय समुदाय के साथ सहयोग करने को तैयार है।चीनी विदेश मंत्री के अनुसार, स्थायी शांति केवल राजनीतिक संवाद, आपसी विश्वास और संघर्ष के समाधान के लिए गंभीर प्रयासों से ही हासिल की जा सकती है।बाकू में हुई यह बैठक ऐसे समय में महत्वपूर्ण मानी जा रही है, जब गाजा में मानवीय सहायता, वेस्ट बैंक में बस्तियों का विस्तार और फिलिस्तीनी राष्ट्र के भविष्य को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा जारी है।
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