वर्ल्ड | दुनिया भर में बदलाव और रणनीतिक स्थिति में तेज़ी से बदलाव आ रहे हैं। कनाडा, जो पारंपरिक रूप से संयुक्त राज्य अमेरिका पर काफी निर्भर रहा है, अब यूरोपीय संघ (EU) के साथ अपने रिश्तों को और मजबूती देने की दिशा में कदम बढ़ा रहा है। दूसरी ओर, तुर्की में राजनीतिक माहौल और भी गर्म हो गया है, जहां राष्ट्रपति के प्रतिद्वंद्वी को गिरफ्तार कर लिया गया है।
कनाडा का EU के साथ बढ़ता रिश्ता
कनाडा, जो यूएस के साथ साझा सीमा और कई व्यापारिक संबंधों के लिए जाना जाता है, अब अपनी विदेश नीति को diversifying (विविधता) करने की दिशा में गंभीर कदम उठा रहा है। यूरोपीय संघ के साथ साझेदारी बढ़ाकर कनाडा अमेरिकी दबाव से कुछ हद तक मुक्त होने की कोशिश कर रहा है। इस नई नीति के तहत, कनाडा ने यूरोपीय देशों के साथ व्यापार, तकनीकी सहयोग, और सुरक्षा मामलों पर बातचीत शुरू कर दी है।
इस कदम से कनाडा को वैश्विक मंच पर एक अधिक स्वतंत्र और मजबूत स्थिति मिल सकती है। विशेष रूप से, ब्रेग्जिट के बाद यूरोप में आए बदलावों को देखते हुए कनाडा की ये रणनीति और भी महत्वपूर्ण हो जाती है। कनाडा की नीति में बदलाव से यह भी संकेत मिलता है कि वह अब दक्षिणी पड़ोसी पर अपनी अत्यधिक निर्भरता को कम करने का प्रयास कर रहा है।
तुर्की में राजनीतिक उथल-पुथल
वहीं, तुर्की में राष्ट्रपति रजब तईप एर्दोगन के प्रतिद्वंद्वी की गिरफ्तारी ने देश में राजनीतिक उथल-पुथल पैदा कर दी है। तुर्की में राजनीतिक असहमति बढ़ रही है, और सरकार के खिलाफ विरोध तेज़ हो रहा है। तुर्की के प्रमुख विपक्षी नेता को गिरफ्तार किया गया, जिससे लोकतांत्रिक मूल्यों और न्यायिक स्वतंत्रता के सवाल उठने लगे हैं।
इस गिरफ्तारी के बाद, अंतरराष्ट्रीय समुदाय में तुर्की के मानवाधिकार और लोकतंत्र पर सवाल उठाए जा रहे हैं। विपक्षी नेताओं का कहना है कि यह गिरफ्तारी एक राजनीतिक साजिश का हिस्सा है, जो अगले चुनावों में राष्ट्रपति एर्दोगन की स्थिति को मजबूत करने के उद्देश्य से की गई है।
क्या है इसका वैश्विक असर?
कनाडा और यूरोपीय संघ के बीच बढ़ते रिश्ते और तुर्की में हो रही राजनीतिक घटनाएं, वैश्विक राजनीति पर महत्वपूर्ण प्रभाव डाल सकती हैं। जहां एक ओर कनाडा की यूरोपीय संघ से निकटता अमेरिकी वैश्विक प्रभुत्व को चुनौती देती दिख रही है, वहीं तुर्की में बढ़ती राजनीतिक अस्थिरता क्षेत्रीय और वैश्विक सुरक्षा पर असर डाल सकती है।