नई दिल्ली। भारत में ब्रिटेन की निवर्तमान उच्चायुक्त लिंडी कैमरन ने शुक्रवार को अपने कार्यकाल को याद करते हुए भारत और ब्रिटेन के बीच मजबूत होते द्विपक्षीय संबंधों पर संतोष व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि दोनों देशों ने पिछले कुछ वर्षों में व्यापार, रक्षा, शिक्षा, प्रौद्योगिकी, नवाचार और जलवायु परिवर्तन जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में उल्लेखनीय प्रगति की है। कैमरन ने अपने विदाई संदेश में कहा कि भारत में सेवा करना उनके लिए विशेष सम्मान की बात रही है और यहां बिताए गए समय की यादें हमेशा उनके साथ रहेंगी।भारत स्थित ब्रिटिश उच्चायोग द्वारा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर साझा किए गए वीडियो संदेश में लिंडी कैमरन ने अपने कार्यकाल की उपलब्धियों को याद किया। उन्होंने भारत और ब्रिटेन के बीच हुए मुक्त व्यापार समझौते (FTA) और 'विज़न 2035' रोडमैप को दोनों देशों की साझेदारी के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया।
'भारत जैसी कोई दूसरी जगह नहीं', लिंडी कैमरन का भावुक संदेश
अपने विदाई संदेश की शुरुआत लिंडी कैमरन ने 'नमस्ते भारत' कहकर की। उन्होंने कहा कि भारत में उनका सफर बेहद शानदार रहा और यहां काम करना उनके जीवन का विशेष अनुभव था।कैमरन ने कहा, "नमस्ते भारत, क्या शानदार सफर रहा... यहां सेवा करना मेरे लिए एक विशेष सौभाग्य की बात रही। मुझे लगता है कि भारत जैसी कोई दूसरी जगह नहीं है।"उन्होंने कहा कि दोनों देशों ने मिलकर ऐसी उपलब्धियां हासिल की हैं, जिनसे भारत और ब्रिटेन के नागरिकों को लाभ मिला है। कैमरन ने इन उपलब्धियों को अपने कार्यकाल का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया।
मुक्त व्यापार समझौते से अर्थव्यवस्था को नई ऊर्जा
ब्रिटिश उच्चायुक्त ने भारत-ब्रिटेन मुक्त व्यापार समझौते को द्विपक्षीय संबंधों की बड़ी उपलब्धि बताया। उनके अनुसार, इस समझौते ने दोनों देशों के बीच व्यापार और निवेश के नए अवसर तैयार किए हैं।मुक्त व्यापार समझौते के माध्यम से भारत और ब्रिटेन के व्यापारिक संबंधों को मजबूत करने तथा विभिन्न क्षेत्रों में आर्थिक सहयोग बढ़ाने का प्रयास किया गया है।कैमरन ने अपने कार्यकाल के दौरान इस समझौते को आगे बढ़ाने में दोनों देशों की सरकारों और व्यापारिक प्रतिनिधियों की भूमिका की सराहना की।उन्होंने उम्मीद जताई कि आने वाले वर्षों में दोनों देशों के उद्योगों और व्यवसायों को इस साझेदारी से नए अवसर मिलेंगे।
विज़न 2035 से रक्षा और तकनीक में बढ़ा सहयोग
लिंडी कैमरन ने कहा कि भारत और ब्रिटेन का 'विज़न 2035' रोडमैप भविष्य की साझेदारी को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।इस रोडमैप के तहत रक्षा, सुरक्षा, शिक्षा, विज्ञान, नवाचार, जलवायु परिवर्तन और आधुनिक प्रौद्योगिकी जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया गया है।उन्होंने कहा कि दोनों देशों की साझेदारी अब केवल व्यापारिक संबंधों तक सीमित नहीं है, बल्कि भविष्य की चुनौतियों का मिलकर सामना करने और नई संभावनाएं विकसित करने की दिशा में भी आगे बढ़ रही है।कैमरन ने विशेष रूप से रक्षा और प्रौद्योगिकी के क्षेत्रों में बढ़ते सहयोग का उल्लेख किया।
भारतीय लोगों के साथ मुलाकातों को बताया यादगार
लिंडी कैमरन ने कहा कि उनके लिए सबसे महत्वपूर्ण वे लोग रहे, जिनकी वजह से भारत-ब्रिटेन संबंधों में प्रगति संभव हो सकी।उन्होंने बताया कि भारत में अपने कार्यकाल के दौरान उन्हें सरकार, व्यापार, शिक्षा और नागरिक समाज से जुड़े अनेक लोगों से मिलने का अवसर मिला।कैमरन के अनुसार, इन मुलाकातों से यह महसूस हुआ कि दोनों देशों के लोग आपसी संबंधों को और मजबूत बनाने के लिए उत्साहित हैं।उन्होंने कहा कि इन सभी लोगों ने भारत और ब्रिटेन के नागरिकों तथा व्यवसायों के लिए नए अवसर तैयार करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।
लंदन में संभालेंगी नई जिम्मेदारी
भारत में अपना कार्यकाल पूरा करने के बाद लिंडी कैमरन ब्रिटेन लौट रही हैं। उन्हें ब्रिटेन के विदेश, राष्ट्रमंडल एवं विकास कार्यालय में स्थायी सचिव की नई जिम्मेदारी सौंपी गई है।उन्होंने कहा कि भारत से विदाई लेना भावनात्मक क्षण है, क्योंकि यहां बिताए गए समय ने उनके जीवन पर गहरी छाप छोड़ी है।कैमरन ने विश्वास जताया कि आने वाले वर्षों में भारत और ब्रिटेन के संबंध नई ऊंचाइयों तक पहुंचेंगे। उन्होंने कहा कि नई जिम्मेदारी संभालने के बावजूद उनके दिल में भारत के लिए हमेशा एक खास जगह रहेगी।
भारत-ब्रिटेन साझेदारी के भविष्य को लेकर आशावान
निवर्तमान ब्रिटिश उच्चायुक्त ने कहा कि दोनों देशों के बीच सहयोग की संभावनाएं लगातार बढ़ रही हैं। मुक्त व्यापार समझौते और विज़न 2035 जैसी पहलों ने भविष्य के लिए मजबूत आधार तैयार किया है।उन्होंने उम्मीद जताई कि सरकारों के साथ-साथ दोनों देशों के नागरिक, कारोबारी और शैक्षणिक संस्थान भी इस साझेदारी को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते रहेंगे।