ढाका। बांग्लादेश की सरकारी विमानन कंपनी बिमान बांग्लादेश एयरलाइंस के बड़े बेड़ा विस्तार को लेकर अमेरिकी विमान निर्माता बोइंग और यूरोपीय कंपनी एयरबस के बीच व्यावसायिक प्रतिस्पर्धा तेज हो गई है। बिमान पहले ही बोइंग से 14 नए विमान खरीदने के लिए 3.7 अरब डॉलर का समझौता कर चुकी है, जबकि अब 11 अतिरिक्त बोइंग विमानों और कम से कम 10 एयरबस विमानों को लेकर भी बातचीत आगे बढ़ने की खबरें हैं। यदि प्रस्तावित सौदे पूरे होते हैं तो यह बिमान के इतिहास के सबसे बड़े बेड़ा विस्तार में से एक होगा।बिमान ने 30 अप्रैल 2026 को बोइंग के साथ 14 विमानों की खरीद का समझौता किया था। इस ऑर्डर में आठ Boeing 787-10 Dreamliner, दो Boeing 787-9 Dreamliner और चार Boeing 737-8 MAX शामिल हैं। इनकी अनुमानित सूची कीमत करीब 3.7 अरब डॉलर यानी लगभग 45 हजार करोड़ बांग्लादेशी टका बताई गई थी। पहला विमान नवंबर 2031 में मिलने की योजना है और बाकी विमानों की डिलीवरी अक्टूबर 2035 तक चरणबद्ध तरीके से होनी है।
11 और बोइंग विमानों पर चर्चा
14 विमानों के पक्के ऑर्डर के बाद अब बिमान की ओर से 11 अतिरिक्त बोइंग विमानों की खरीद को लेकर भी बातचीत चल रही है। हालिया रिपोर्ट के मुताबिक इस संभावित समझौते की विस्तृत शर्तें, विमान मॉडल, कीमत, वित्तपोषण व्यवस्था और डिलीवरी कार्यक्रम अभी सार्वजनिक नहीं किए गए हैं।यदि 11 अतिरिक्त विमानों का प्रस्ताव अंतिम रूप लेता है तो पहले से तय 14 विमानों को मिलाकर नए बोइंग विमानों की संख्या 25 तक पहुंच सकती है। हालांकि इन 11 विमानों का सौदा अभी 14 विमानों वाले अप्रैल समझौते की तरह अंतिम नहीं हुआ है।बिमान वर्तमान में 19 विमानों का बेड़ा संचालित करती है। इनमें 14 बोइंग विमान हैं, जबकि पांच Dash 8-400 विमान हैं। बोइंग विमानों में चार 777-300ER, चार 787-8, दो 787-9 और चार 737 शामिल हैं।
एयरबस भी दौड़ से बाहर नहीं
बोइंग के साथ बड़े समझौते के बावजूद एयरबस ने बिमान के बेड़ा विस्तार में अपनी दावेदारी बरकरार रखी है। हालिया रिपोर्टों के मुताबिक प्रस्तावित एयरबस पैकेज में चार A350-900 और छह A321neo विमान शामिल हो सकते हैं। सौदे को लेकर बातचीत जारी है और अक्टूबर में समझौते की संभावना की चर्चा है, लेकिन अंतिम हस्ताक्षर होने तक प्रस्ताव में बदलाव संभव है।एयरबस की संभावित एंट्री से बिमान के भविष्य के बेड़े में बोइंग और एयरबस दोनों कंपनियों के विमान शामिल हो सकते हैं। इससे एयरलाइन को अलग-अलग श्रेणी के विमानों और मार्गों के लिए विकल्प मिलेंगे, लेकिन मिश्रित बेड़े से प्रशिक्षण, रखरखाव और संचालन लागत से जुड़े नए सवाल भी पैदा होंगे।
फ्रांसीसी राजदूत ने की बातचीत की पुष्टि
ढाका में फ्रांस के राजदूत जीन-मार्क सेरे-चार्लेट ने मंगलवार को कहा कि एयरबस को लेकर बांग्लादेश के साथ बातचीत अभी जारी है। उन्होंने स्वीकार किया कि बोइंग पहले ही कुछ विमान बेचने में सफल रही है, लेकिन बिमान ने एयरबस में भी रुचि बनाए रखी है।फ्रांसीसी राजदूत ने एयरबस की संभावित खरीद को बांग्लादेश और यूरोप के व्यापक आर्थिक संबंधों के संदर्भ में भी महत्वपूर्ण बताया। हालांकि विमान खरीद का अंतिम निर्णय बिमान और बांग्लादेशी अधिकारियों की व्यावसायिक तथा तकनीकी समीक्षा पर निर्भर करेगा।यूरोपीय पक्ष इससे पहले भी विमान खरीद प्रक्रिया में समान व्यावसायिक अवसर की बात कर चुका है। यूरोपीय संघ के राजदूत माइकल मिलर ने सितंबर की शुरुआत में कहा था कि खरीद का फैसला व्यावसायिक योग्यता के आधार पर और सभी पक्षों को समान अवसर देते हुए होना चाहिए।
बिमान के इतिहास का सबसे बड़ा विस्तार
अप्रैल में किया गया 14 बोइंग विमानों का ऑर्डर ही बिमान के इतिहास का सबसे बड़ा एकल विमान ऑर्डर है। बोइंग के मुताबिक नए विमानों से एयरलाइन अपनी लंबी दूरी और क्षेत्रीय उड़ानों दोनों का विस्तार करना चाहती है। 787-10 को अधिक मांग वाले मध्य पूर्व के मार्गों पर इस्तेमाल किया जा सकता है, जबकि 787-9 को यूरोप और उत्तरी अमेरिका जैसे लंबी दूरी के मार्गों के लिए उपयोग करने की योजना है। 737-8 क्षेत्रीय नेटवर्क के विस्तार में भूमिका निभाएगा।बिमान को हाल के वर्षों में विमानों की कमी का सामना करना पड़ा है। एयरलाइन नए अंतरराष्ट्रीय मार्ग शुरू करने और मौजूदा सेवाओं की क्षमता बढ़ाने की योजना बना रही है। इसी वजह से नए विमानों की खरीद और अतिरिक्त विमानों को लीज पर लेने जैसे विकल्पों पर काम किया जा रहा है। जुलाई में बिमान ने तीन Boeing 787-9 विमानों को छह साल के लिए ड्राई लीज पर लेने के लिए अंतरराष्ट्रीय प्रस्ताव भी मांगे थे।
मिश्रित बेड़े पर विशेषज्ञों की अलग राय
बोइंग और एयरबस दोनों के विमान खरीदने की योजना के साथ मिश्रित बेड़े की लागत भी चर्चा में है। विमानन विशेषज्ञों के अनुसार किसी एयरलाइन को दो अलग निर्माताओं के विमान चलाने पर पायलट प्रशिक्षण, इंजीनियरिंग, रखरखाव, स्पेयर पार्ट्स और दूसरे तकनीकी संसाधनों के लिए अलग व्यवस्थाएं बनानी पड़ सकती हैं।दूसरी ओर, एक से अधिक निर्माताओं के विमान होने से खरीद बातचीत में प्रतिस्पर्धा बढ़ सकती है और एयरलाइन को अलग-अलग मार्गों के लिए अधिक विकल्प मिल सकते हैं। इसलिए अंतिम फैसला केवल विमान की खरीद कीमत पर नहीं बल्कि पूरे जीवनकाल की संचालन लागत, वित्तपोषण, प्रशिक्षण और भविष्य के नेटवर्क की जरूरतों पर भी निर्भर करेगा।
एयरबस के प्रस्ताव में वित्तपोषण भी अहम
रिपोर्ट के मुताबिक प्रस्तावित एयरबस पैकेज में विमान खरीद के साथ वित्तपोषण और तकनीकी सहायता के पहलुओं पर भी बातचीत चल रही है। संभावित पैकेज में मेंटेनेंस, रिपेयर और ओवरहॉल यानी MRO, पायलट एवं केबिन क्रू प्रशिक्षण, फ्लीट प्लानिंग और केबिन डिजाइन जैसी सेवाएं शामिल हो सकती हैं।यूरोपीय वित्तपोषण व्यवस्था के तहत खरीद लागत के बड़े हिस्से को ब्रिटेन, जर्मनी और फ्रांस से वित्तीय सहयोग मिलने की संभावना बताई गई है। इसकी अंतिम शर्तें समझौते पर हस्ताक्षर होने के बाद ही स्पष्ट होंगी।
बोइंग और एयरबस की नजर बड़े ऑर्डर पर
बिमान का प्रस्तावित बेड़ा विस्तार बोइंग और एयरबस दोनों के लिए महत्वपूर्ण व्यावसायिक अवसर है। बोइंग 14 विमानों का बड़ा ऑर्डर हासिल कर चुकी है और अतिरिक्त 11 विमानों को लेकर चर्चा जारी है। वहीं एयरबस कम से कम 10 विमानों के प्रस्ताव के साथ बातचीत में बनी हुई है।अब नजर इस बात पर है कि बिमान अपने भविष्य के बेड़े को पूरी तरह बोइंग केंद्रित रखती है या एयरबस को शामिल कर मिश्रित बेड़े की रणनीति अपनाती है। अंतिम निर्णय विमान की कीमत, वित्तपोषण, संचालन लागत, डिलीवरी समय और एयरलाइन के भविष्य के अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क की जरूरतों पर निर्भर करेगा।
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