बर्लिन/त्रियर : 29 अक्टूबर 2026। पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत में कथित मानवाधिकार उल्लंघनों को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विरोध तेज हो रहा है। बलूच नेशनल मूवमेंट (BNM) ने जर्मनी के त्रियर शहर में जागरूकता अभियान चलाकर बलूचिस्तान में लोगों के जबरन लापता होने, न्यायेतर हत्याओं और स्थानीय निवासियों को उनके घरों से बेदखल किए जाने के आरोपों को प्रमुखता से उठाया। संगठन ने यूरोपीय देशों और अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संस्थाओं से इन मामलों का संज्ञान लेने की अपील की है। अभियान के दौरान कार्यकर्ताओं ने लापता लोगों की तस्वीरें लेकर प्रदर्शन किया और स्थानीय नागरिकों को पर्चे वितरित किए।BNM द्वारा 25 अक्टूबर को जारी बयान के अनुसार, अभियान का उद्देश्य बलूचिस्तान में मानवाधिकारों की स्थिति के बारे में यूरोपीय नागरिकों को जागरूक करना और पाकिस्तान सरकार की कथित कार्रवाई की अंतरराष्ट्रीय जांच की मांग करना था। संगठन ने आरोप लगाया कि बलूचिस्तान में राजनीतिक कार्यकर्ताओं, छात्रों और पत्रकारों को लगातार निशाना बनाया जा रहा है। हालांकि, पाकिस्तान के सुरक्षा बलों पर लगाए गए इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
जर्मनी के त्रियर शहर में सड़कों पर उतरे BNM कार्यकर्ता
बलूच नेशनल मूवमेंट के कार्यकर्ताओं ने 24 अक्टूबर को जर्मनी के त्रियर शहर में जागरूकता अभियान आयोजित किया। प्रदर्शन के दौरान उन्होंने बलूचिस्तान के हालात को लेकर स्थानीय लोगों से बातचीत की और सूचनात्मक पर्चे बांटे।प्रदर्शनकारियों ने हाथों में कथित रूप से जबरन लापता किए गए लोगों की तस्वीरें लेकर उनके परिवारों के लिए न्याय की मांग की।संगठन का कहना है कि बलूचिस्तान में होने वाली घटनाओं के बारे में अंतरराष्ट्रीय समुदाय को पर्याप्त जानकारी नहीं मिल पाती। इसी कारण यूरोप के विभिन्न शहरों में ऐसे कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।इस अभियान में बलूच समुदाय के राजनीतिक और नागरिक अधिकारों के साथ कथित सरकारी दमन का मुद्दा भी उठाया गया।
हबीब बलूच और आसिफ बलूच ने संबोधित किया प्रदर्शन
त्रियर में आयोजित जागरूकता अभियान को BNM के कार्यकर्ता हबीब बलूच, आसिफ बलूच, मुजीब अब्दुल्ला और मोहसिन ने संबोधित किया।वक्ताओं ने बलूचिस्तान की राजनीतिक परिस्थितियों और वहां के लोगों के अधिकारों को लेकर चिंता व्यक्त की।उन्होंने आरोप लगाया कि बलूचिस्तान की भूमि और प्राकृतिक संसाधनों से संबंधित महत्वपूर्ण फैसले स्थानीय निवासियों की सहमति के बिना लिए जा रहे हैं।वक्ताओं ने सवाल उठाया कि विकास परियोजनाओं के नाम पर स्थानीय लोगों को उनके घरों से विस्थापित करना किस हद तक उचित है और ऐसी परियोजनाओं का वास्तविक लाभ किन लोगों को मिलता है।BNM नेताओं ने कहा कि विकास योजनाओं में स्थानीय समुदायों की भागीदारी और उनके अधिकारों की सुरक्षा आवश्यक है।
जुलाई में 105 लोग लापता और 59 की हत्या का दावा
प्रदर्शन के दौरान बलूचिस्तान में कथित जबरन गुमशुदगी और हत्याओं से संबंधित आंकड़े भी प्रस्तुत किए गए।BNM के वक्ताओं ने मानवाधिकार संगठनों की रिपोर्टों का हवाला देते हुए दावा किया कि जुलाई 2026 में बलूचिस्तान से 105 लोगों को जबरन लापता किया गया, जबकि 59 लोगों की हत्या हुई।संगठन के अनुसार, इनमें राजनीतिक गतिविधियों से जुड़े लोगों और अन्य नागरिकों के मामलों को लेकर गंभीर चिंताएं हैं।प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि इन घटनाओं की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच कराई जाए, जिससे वास्तविक परिस्थितियों का पता लगाया जा सके और दोषियों की जवाबदेही सुनिश्चित हो।हालांकि, BNM द्वारा प्रस्तुत इन आंकड़ों का स्वतंत्र सत्यापन उपलब्ध रिपोर्टों से नहीं हो सका है।
30 हजार लोगों की बेदखली के आदेश पर जताई चिंता
जागरूकता अभियान का एक प्रमुख मुद्दा बलूचिस्तान के शोर पारोद क्षेत्र में रहने वाले लोगों की कथित जबरन बेदखली रहा।BNM के अनुसार, लगभग 30 हजार स्थानीय निवासियों को 30 अक्टूबर 2026 तक अपने घर खाली करने का आदेश दिए जाने की खबरें सामने आई हैं।संगठन ने आरोप लगाया कि कई पीढ़ियों से इस क्षेत्र में रह रहे परिवारों को अपने घर छोड़ने के लिए मजबूर किया जा रहा है। इससे प्रभावित परिवारों के सामने आवास और आजीविका का संकट पैदा होने की आशंका है।प्रदर्शनकारियों ने कहा कि किसी भी विकास या प्रशासनिक कार्रवाई के दौरान स्थानीय लोगों के अधिकारों को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए।BNM ने अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं से इस मामले में हस्तक्षेप करने और प्रभावित लोगों के अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित कराने की अपील की।
छात्रों और पत्रकारों को निशाना बनाने का आरोप
बलूच नेशनल मूवमेंट ने आरोप लगाया कि बलूचिस्तान में राजनीतिक कार्यकर्ताओं के अलावा छात्रों और पत्रकारों को भी कथित जबरन गुमशुदगी तथा न्यायेतर हत्याओं का सामना करना पड़ रहा है।संगठन का कहना है कि इस स्थिति से प्रभावित परिवार लंबे समय तक अपने लापता सदस्यों के बारे में जानकारी प्राप्त नहीं कर पाते।BNM के कार्यकर्ताओं ने मांग की कि हिरासत में लिए गए व्यक्तियों के बारे में स्पष्ट जानकारी उपलब्ध कराई जाए और सभी मामलों की कानूनी प्रक्रिया के तहत जांच हो।संगठन ने कहा कि न्याय और जवाबदेही की व्यवस्था मजबूत किए बिना प्रभावित परिवारों की चिंताओं का समाधान संभव नहीं होगा।
संयुक्त राष्ट्र और यूरोपीय संघ से हस्तक्षेप की मांग
जर्मनी में आयोजित अभियान के दौरान BNM ने संयुक्त राष्ट्र, यूरोपीय संघ और अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संस्थाओं से बलूचिस्तान के मामलों की स्वतंत्र जांच कराने की मांग की।संगठन ने पाकिस्तान के अधिकारियों को कथित मानवाधिकार उल्लंघनों के लिए जवाबदेह ठहराने और शोर पारोद सहित अन्य क्षेत्रों में जबरन विस्थापन रोकने के लिए तत्काल कदम उठाने की अपील की।BNM का कहना है कि बलूचिस्तान में मानवाधिकारों से जुड़ी शिकायतों को केवल पाकिस्तान का आंतरिक मामला मानकर नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए।हालांकि, संगठन द्वारा लगाए गए आरोपों पर इस विशेष अभियान के संदर्भ में पाकिस्तान सरकार की कोई नई आधिकारिक प्रतिक्रिया उपलब्ध नहीं हुई है।
पहले भी जर्मनी में प्रदर्शन कर चुका है संगठन
BNM लगातार यूरोपीय देशों में बलूचिस्तान से संबंधित मुद्दों को उठा रहा है। इससे पहले 10 अक्टूबर को जर्मनी के हनोवर शहर में भी संगठन ने विरोध मार्च आयोजित किया था।उस दौरान प्रदर्शनकारियों ने शहर के क्रोप्के इलाके से लोअर सैक्सोनी की राज्य संसद तक मार्च किया और कथित जबरन गुमशुदगी, न्यायेतर हत्याओं तथा सैन्य अभियानों के खिलाफ आवाज उठाई।इस प्रदर्शन में BNM के कार्यकर्ताओं के साथ पश्तून तहफ्फुज मूवमेंट से जुड़े प्रतिनिधियों ने भी हिस्सा लिया था।वक्ताओं ने संयुक्त राष्ट्र और अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठनों से आरोपों की जांच तथा प्रभावित समुदायों के अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की थी।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अभियान जारी रखने की तैयारी
बलूच नेशनल मूवमेंट के अनुसार, जर्मनी में आयोजित जागरूकता अभियान का उद्देश्य यूरोपीय नागरिकों को बलूचिस्तान की राजनीतिक और मानवाधिकार संबंधी परिस्थितियों से परिचित कराना है।संगठन ने स्पष्ट किया है कि वह कथित मानवाधिकार उल्लंघनों, लापता व्यक्तियों और विस्थापन से जुड़े मुद्दों को अंतरराष्ट्रीय मंचों पर उठाना जारी रखेगा।त्रियर में आयोजित अभियान के बाद संगठन ने एक बार फिर संयुक्त राष्ट्र और यूरोपीय संघ से मामले में सक्रिय भूमिका निभाने की अपील की है।फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि BNM की ताजा अपील पर अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं की ओर से कोई औपचारिक कार्रवाई शुरू की गई है या नहीं। ऐसे में स्वतंत्र जांच और आधिकारिक प्रतिक्रियाएं इन आरोपों की वास्तविक स्थिति स्पष्ट करने के लिए महत्वपूर्ण होंगी।
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