Quetta क्वेटा। बलूचिस्तान लिबरेशन फ्रंट (बीएलएफ) ने केच जिले में किए गए हमलों की जिम्मेदारी ली है, जिनमें तीन पाकिस्तानी सुरक्षाकर्मी मारे गए और चार अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। स्थानीय मीडिया ने बताया कि इसके अलावा, इस हथियारबंद गुट ने वाशुक जिले में भी पाकिस्तान समर्थित 'डेथ स्क्वॉड' को निशाना बनाया, जिसमें तीन ऑपरेटिव मारे गए। एक बयान में बीएलएफ के प्रवक्ता मेजर ग्वाहरम बलूच ने कहा कि पक्की खुफिया जानकारी के आधार पर उनके लड़ाकों ने मंगलवार को वाशुक के गरारी इलाके में राज्य समर्थित 'डेथ स्क्वॉड' के सदस्यों पर हमला किया।
प्रवक्ता के अनुसार, ये डेथ स्क्वॉड चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारा (सीपीईसी) राजमार्ग पर अस्थायी चेकपोस्ट बनाकर ड्राइवरों को परेशान कर रहे थे और उनसे जबरन वसूली कर रहे थे। इसी दौरान बीएलएफ के लड़ाकों ने उन्हें घेरकर गोलीबारी शुरू कर दी। ग्वाहरम ने कहा, “इस ऑपरेशन के परिणामस्वरूप तीन डेथ स्क्वॉड ऑपरेटिव मारे गए, जबकि एक को पकड़ लिया गया है और वह फिलहाल संगठन की हिरासत में है।”
उन्होंने दावा किया कि मारे गए लोगों में से एक की पहचान कहूर उर्फ मनन के रूप में हुई है, जो आवारान जिले के मशकाय का निवासी था, जबकि बाकी दो की पहचान अभी तक नहीं हो पाई है। उन्होंने बताया कि पकड़े गए व्यक्ति की पहचान चाकर, पुत्र शेर मोहम्मद, निवासी नाग (वाशुक) के रूप में हुई है और उससे पूछताछ की जा रही है। प्रवक्ता ने आरोप लगाया कि यह समूह स्थानीय व्यक्ति अली हैदर मोहम्मद हसनी के संरक्षण में काम कर रहा था और राज्य के इशारे पर “एंटी-बलोच गतिविधियों” में शामिल था।
एक अलग ऑपरेशन में, ग्वाहरम ने कहा कि बीएलएफ के लड़ाकों ने 16 मार्च को केच के तुम्प इलाके के मलांत में पाकिस्तानी सेना के एक कैंप पर समन्वित हमला किया। उन्होंने बताया कि लड़ाकों ने कैंप को कई दिशाओं से घेरकर “बी-10 रॉकेट, स्नाइपर, आरपीजी, और ग्रेनेड लॉन्चर” का इस्तेमाल करते हुए नजदीक से हमला किया, जिसमें तीन सैनिक मारे गए और चार गंभीर रूप से घायल हो गए। बीएलएफ प्रवक्ता ने यह भी कहा कि लड़ाकों ने कैंप में लगे निगरानी कैमरों को नष्ट कर दिया और उन्हें नुकसान पहुंचाया, जबकि बाद में हेलीकॉप्टरों के जरिए घायलों को निकाला गया।
दोनों हमलों की जिम्मेदारी लेते हुए बीएलएफ ने चेतावनी दी कि बलोच आंदोलन के खिलाफ काम करने वाले किसी भी व्यक्ति को “अंजाम तक पहुंचाया जाएगा। ये ताज़ा घटनाएं ऐसे समय में सामने आई हैं, जब हाल के दिनों में बलूच उग्रवादी समूहों की ओर से पूरे बलूचिस्तान में पाकिस्तानी सेना और पुलिस बलों को निशाना बनाकर किए जाने वाले हमले बढ़ गए हैं, जिसके परिणामस्वरूप भारी जान-माल का नुकसान हुआ है और बुनियादी ढांचे को भी क्षति पहुंची है।