नई दिल्ली। भारत और पोलैंड के बीच रणनीतिक साझेदारी को नई ऊंचाइयों पर ले जाने की दिशा में गुरुवार, 22 अक्टूबर को महत्वपूर्ण पहल हुई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नई दिल्ली के हैदराबाद हाउस में पोलैंड के प्रधानमंत्री डोनाल्ड टस्क के साथ उच्चस्तरीय द्विपक्षीय वार्ता की। इस दौरान दोनों नेताओं ने रक्षा, महत्वपूर्ण खनिजों, हरित प्रौद्योगिकी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) सहित कई प्रमुख क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर चर्चा की। दोनों देशों ने वर्ष 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को दोगुना करने की दिशा में मिलकर काम करने का संकल्प भी लिया।
2030 तक व्यापार दोगुना करने का लक्ष्य
प्रधानमंत्री मोदी और डोनाल्ड टस्क की बैठक का प्रमुख मुद्दा दोनों देशों के बीच आर्थिक संबंधों को मजबूत करना रहा। दोनों नेताओं ने व्यापार और निवेश के नए अवसर विकसित करने तथा कारोबारी साझेदारी को विस्तार देने पर सहमति जताई।विदेश मंत्रालय के अनुसार, भारत और पोलैंड ने वर्ष 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को दोगुना करने के लक्ष्य की दिशा में संयुक्त प्रयास करने का फैसला किया है।दोनों पक्षों का मानना है कि बढ़ता आर्थिक सहयोग उद्योगों, निवेशकों और उद्यमियों के लिए नए अवसर पैदा कर सकता है। इसके साथ ही रोजगार सृजन, औद्योगिक विकास और तकनीकी सहयोग को भी प्रोत्साहन मिलने की संभावना है।
रक्षा और एआई समेत कई क्षेत्रों में सहयोग
बैठक के दौरान रक्षा क्षेत्र में साझेदारी बढ़ाने पर विशेष जोर दिया गया। दोनों देशों ने रक्षा प्रौद्योगिकी, औद्योगिक सहयोग और संबंधित क्षेत्रों में नई संभावनाओं पर विचार-विमर्श किया।इसके अलावा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, महत्वपूर्ण खनिजों और हरित प्रौद्योगिकियों में सहयोग बढ़ाने को लेकर भी चर्चा हुई।महत्वपूर्ण खनिज आधुनिक उद्योगों, इलेक्ट्रिक वाहनों, बैटरी निर्माण और स्वच्छ ऊर्जा तकनीकों के लिए आवश्यक माने जाते हैं। ऐसे में इस क्षेत्र में भारत और पोलैंड के बीच सहयोग दोनों देशों के औद्योगिक हितों के लिए महत्वपूर्ण हो सकता है।
भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते पर जोर
प्रधानमंत्री मोदी और डोनाल्ड टस्क ने भारत तथा यूरोपीय संघ के बीच मुक्त व्यापार समझौते के महत्व को भी रेखांकित किया।दोनों नेताओं ने माना कि भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौता आर्थिक संबंधों को नई गति देने और व्यापारिक गतिविधियों के विस्तार में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।इस समझौते से भारतीय और यूरोपीय कंपनियों के लिए नए बाजारों तक पहुंच आसान होने तथा निवेश और व्यावसायिक सहयोग के अवसर बढ़ने की उम्मीद है।पोलैंड यूरोपीय संघ का सदस्य देश है। इसलिए भारत और पोलैंड के बीच आर्थिक साझेदारी को मजबूत करना व्यापक भारत-यूरोपीय संघ संबंधों के लिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
रणनीतिक साझेदारी में नया अध्याय
विदेश मंत्रालय ने बैठक को भारत-पोलैंड रणनीतिक साझेदारी में एक नया अध्याय बताया।मंत्रालय के अनुसार, दोनों देशों ने अगस्त 2024 में स्थापित रणनीतिक साझेदारी को आगे बढ़ाने पर जोर दिया। यह साझेदारी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पोलैंड यात्रा के दौरान स्थापित हुई थी।दोनों नेताओं ने व्यापार, निवेश, शिक्षा, संस्कृति और दोनों देशों के नागरिकों के बीच आपसी संपर्क बढ़ाने के उपायों पर भी चर्चा की।पोलैंड के प्रधानमंत्री डोनाल्ड टस्क 21 से 23 अक्टूबर तक भारत की आधिकारिक यात्रा पर हैं। उनके साथ वित्त एवं अर्थव्यवस्था मंत्री आंद्रेज डोमान्स्की और एक व्यापारिक प्रतिनिधिमंडल भी भारत आया है।
वैश्विक मुद्दों पर भी हुई बातचीत
द्विपक्षीय संबंधों के अलावा प्रधानमंत्री मोदी और डोनाल्ड टस्क ने क्षेत्रीय तथा वैश्विक घटनाक्रमों पर भी विचार साझा किए।दोनों नेताओं ने नियमों पर आधारित अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। इसके साथ ही संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद सहित प्रमुख वैश्विक संस्थानों में सुधार की आवश्यकता पर जोर दिया।दोनों देशों ने अंतरराष्ट्रीय चुनौतियों से निपटने के लिए संवाद, सहयोग और बहुपक्षीय संस्थाओं की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया।
व्यापार और निवेश के नए अवसरों की उम्मीद
पोलैंड के प्रधानमंत्री की भारत यात्रा को आर्थिक और तकनीकी साझेदारी के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।भारत और पोलैंड के बीच रक्षा उपकरणों, स्वच्छ ऊर्जा, सूचना प्रौद्योगिकी और अंतरिक्ष क्षेत्र में सहयोग की संभावनाएं मौजूद हैं। पोलैंड ने भारतीय रक्षा उद्योग के साथ संयुक्त विकास और निवेश में भी रुचि दिखाई है।दोनों देशों के नेताओं की इस बैठक से रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने के साथ व्यापार और निवेश संबंधों को गति मिलने की उम्मीद है।