BIG BREAKING: ईरान ने मिसाइल से कुवैत में किया बड़ा हमला, एक की मौत

मची अफरा-तफरी

Update: 2026-07-30 09:03 GMT
New Delhi. नई दिल्ली। पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच गुरुवार को एक और बड़ा घटनाक्रम सामने आया, जब ईरान की ओर से दागी गई मिसाइलों की चपेट में कुवैत स्थित एक चीनी कंपनी की इमारत आ गई। इस हमले में इमारत को भारी नुकसान पहुंचा और वहां काम कर रहे एक कर्मचारी की मौत हो गई। इस घटना ने क्षेत्र में पहले से जारी सैन्य तनाव को और बढ़ा दिया है। खास बात यह है कि चीन को ईरान का महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय साझेदार माना जाता है, ऐसे में चीनी कंपनी को हुए नुकसान ने इस घटनाक्रम को और अधिक संवेदनशील बना दिया है।
रिपोर्टों के अनुसार, कुवैत की सेना ने पुष्टि की है कि गुरुवार सुबह उत्तरी कुवैत में स्थित एक चीनी कंपनी की इमारत मिसाइल हमले की चपेट में आ गई। हमले के बाद इमारत का बड़ा हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया। बचाव दल और सुरक्षा एजेंसियां तुरंत मौके पर पहुंचीं और राहत कार्य शुरू किया गया। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, हादसे में एक कर्मचारी की जान चली गई, जबकि नुकसान का आकलन किया जा रहा है। यह हमला ऐसे समय हुआ है जब पूरे मध्य पूर्व में सैन्य गतिविधियां तेजी से बढ़ रही हैं। कुछ घंटे पहले ही जॉर्डन ने दावा किया था कि उसके एयर डिफेंस सिस्टम ने ईरान की ओर से दागी गई पांच मिसाइलों को सफलतापूर्वक हवा में ही नष्ट कर दिया। जॉर्डन की सेना के अनुसार, इन मिसाइलों के अवशेष आबादी वाले क्षेत्रों तक नहीं पहुंचे और किसी प्रकार के जनहानि की सूचना नहीं मिली।
जॉर्डन की सरकारी समाचार एजेंसी ‘पेट्रा’ ने सेना के प्रवक्ता के हवाले से बताया कि वायु रक्षा प्रणाली पूरी तरह सक्रिय थी और संभावित खतरे को समय रहते निष्क्रिय कर दिया गया। अधिकारियों ने कहा कि देश की सुरक्षा एजेंसियां पूरे घटनाक्रम पर लगातार नजर बनाए हुए हैं और किसी भी नई चुनौती से निपटने के लिए तैयार हैं। दूसरी ओर, अमेरिकी सेना ने भी ईरान के खिलाफ बड़े पैमाने पर सैन्य कार्रवाई की पुष्टि की है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने सोशल मीडिया पर जारी बयान में कहा कि उसने ईरान के खिलाफ हमलों का एक बड़ा अभियान पूरा किया है। इस अभियान के दौरान ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) से जुड़े कई सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया।
अमेरिकी सेना के अनुसार, हमलों में सैन्य कमांड सेंटर, मिसाइल और ड्रोन निर्माण एवं संचालन केंद्र, तटीय निगरानी सुविधाएं तथा वायु रक्षा से जुड़े कई महत्वपूर्ण ठिकानों को निशाना बनाया गया। अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि यह कार्रवाई जॉर्डन में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकाने पर ईरान द्वारा पहले किए गए मिसाइल हमले के जवाब में की गई। विश्लेषकों का मानना है कि अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य टकराव का असर अब पूरे क्षेत्र में दिखाई देने लगा है। विभिन्न देशों में मिसाइल हमलों, जवाबी कार्रवाइयों और सुरक्षा अलर्ट की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। कुवैत में चीनी कंपनी की इमारत को हुआ नुकसान इस बात का संकेत है कि क्षेत्रीय संघर्ष का प्रभाव अब तीसरे देशों और अंतरराष्ट्रीय कंपनियों तक भी पहुंचने लगा है।
चीन लंबे समय से ईरान का आर्थिक और रणनीतिक साझेदार रहा है। ऊर्जा, व्यापार और बुनियादी ढांचे से जुड़े कई बड़े प्रोजेक्ट दोनों देशों के बीच चल रहे हैं। ऐसे में कुवैत में चीनी कंपनी को हुए नुकसान को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गंभीरता से देखा जा रहा है। हालांकि अभी तक यह स्पष्ट नहीं हुआ है कि इमारत को जानबूझकर निशाना बनाया गया था या वह मिसाइल हमले की चपेट में आ गई। कुवैत की सुरक्षा एजेंसियां घटनास्थल की जांच कर रही हैं और हमले की पूरी परिस्थितियों का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है। अधिकारियों ने प्रभावित क्षेत्र की घेराबंदी कर दी है तथा फॉरेंसिक और तकनीकी विशेषज्ञ भी जांच में जुटे हुए हैं।
मध्य पूर्व में लगातार बढ़ते तनाव के कारण अंतरराष्ट्रीय समुदाय की चिंता भी बढ़ गई है। कई देशों ने सभी पक्षों से संयम बरतने और हालात को और अधिक बिगड़ने से रोकने के लिए कूटनीतिक प्रयास तेज करने की अपील की है। यदि सैन्य कार्रवाई इसी तरह जारी रहती है, तो इसका असर वैश्विक सुरक्षा, ऊर्जा आपूर्ति और अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर भी पड़ सकता है। फिलहाल कुवैत में हुए मिसाइल हमले और अमेरिकी जवाबी कार्रवाई के बाद पूरे क्षेत्र में हाई अलर्ट की स्थिति बनी हुई है। सुरक्षा एजेंसियां संभावित नए हमलों की आशंका को देखते हुए सतर्क हैं और हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है।
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