New Delhi. नई दिल्ली। अमेरिका में आयोजित एक हाई-प्रोफाइल कार्यक्रम के दौरान सुरक्षा में बड़ी चूक सामने आई है। व्हाइट हाउस कॉरेस्पोंडेंट्स एसोसिएशन के वार्षिक डिनर में एक हथियारबंद व्यक्ति द्वारा गोलीबारी की घटना हुई, जिससे वहां मौजूद मेहमानों और अधिकारियों में अफरा-तफरी मच गई। इस घटना में एक सुरक्षा अधिकारी घायल हुआ, हालांकि बुलेटप्रूफ जैकेट के कारण उसकी जान बच गई। इस कार्यक्रम में अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump समेत कई प्रमुख हस्तियां मौजूद थीं। घटना के तुरंत बाद सुरक्षा एजेंसियों ने तेजी से कार्रवाई करते हुए राष्ट्रपति और अन्य नेताओं को सुरक्षित स्थान पर पहुंचा दिया। राष्ट्रपति ट्रंप ने बाद में बताया कि हमलावर संभवतः उन्हें निशाना बनाना चाहता था।
राष्ट्रपति ट्रंप के अनुसार, संदिग्ध व्यक्ति कई हथियारों से लैस था और सुरक्षा घेरा तोड़कर अंदर घुसने की कोशिश कर रहा था। हालांकि, United States Secret Service के एजेंटों ने उसे समय रहते काबू कर लिया। ट्रंप ने सुरक्षा एजेंसियों की त्वरित कार्रवाई की सराहना करते हुए कहा कि उनकी सतर्कता के कारण बड़ा हादसा टल गया। घटना के दौरान उपराष्ट्रपति JD Vance भी कार्यक्रम में मौजूद थे। उन्हें भी तत्काल सुरक्षित स्थान पर ले जाया गया। राष्ट्रपति ट्रंप और उनकी पत्नी को भी कार्यक्रम स्थल से तेजी से बाहर निकाला गया और चारों ओर से सुरक्षा घेरे में लिया गया।
बताया जा रहा है कि घटना शनिवार रात की है, जब कार्यक्रम के दौरान अचानक तेज धमाकों जैसी आवाजें सुनाई दीं। इससे घबराकर सैकड़ों मेहमान मेजों के नीचे छिप गए और हॉल में चीख-पुकार मच गई। इसी दौरान हथियारों से लैस सीक्रेट सर्विस एजेंट्स ने डाइनिंग एरिया में प्रवेश कर स्थिति को नियंत्रित किया। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि हमलावर कैलिफोर्निया का निवासी है और उसे एक “लोन वुल्फ” हमलावर के रूप में देखा जा रहा है। हालांकि, इस संबंध में जांच अभी जारी है और किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।
घटना में हमलावर ने एक एजेंट पर गोली चलाई थी, जो बुलेटप्रूफ जैकेट पर लगी। इस कारण एजेंट को गंभीर नुकसान नहीं हुआ। Federal Bureau of Investigation के अधिकारियों ने पुष्टि की है कि घटना की जांच उनकी आतंकवाद-रोधी इकाई द्वारा की जा रही है। कार्यवाहक अमेरिकी अटॉर्नी जनरल Todd Blanche ने कहा कि जांच एजेंसियां घटनास्थल से बरामद हथियारों और अन्य सबूतों का विश्लेषण कर रही हैं। साथ ही प्रत्यक्षदर्शियों और गवाहों के बयान भी दर्ज किए जा रहे हैं, ताकि घटना के पीछे की सच्चाई सामने लाई जा सके।
राष्ट्रपति ट्रंप ने इस घटना के बाद देशवासियों से शांति बनाए रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि मतभेदों को हिंसा के बजाय शांतिपूर्ण तरीके से सुलझाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि इस तरह की घटनाएं समाज में अस्थिरता पैदा करती हैं, जिसे रोकना जरूरी है। इस घटना ने वर्ष 2024 में हुए उस हमले की याद भी ताजा कर दी, जब पेंसिल्वेनिया के बटलर में एक रैली के दौरान ट्रंप पर गोली चलाई गई थी। उस घटना में भी सुरक्षा एजेंसियों ने तुरंत कार्रवाई कर हमलावर को मार गिराया था।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की घटनाएं सुरक्षा व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े करती हैं, खासकर जब उच्च स्तर के कार्यक्रमों में बड़ी संख्या में वीआईपी मौजूद हों। फिलहाल जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि हमलावर के पीछे कोई संगठन है या वह अकेले ही इस घटना को अंजाम देने आया था। घटना के बाद कार्यक्रम स्थल की सुरक्षा और अधिक कड़ी कर दी गई है। अधिकारियों ने कहा है कि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए अतिरिक्त सुरक्षा उपाय लागू किए जाएंगे।