बगदाद। ईरान और इजरायल के बीच चल रहे संघर्ष का आज शनिवार को 15वां दिन है। इस दौरान दोनों ही पक्षों ने अपनी बयानबाजी और सैन्य अभियानों को और तेज कर दिया है। इसी बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने दावा किया कि अमेरिकी सेना ने फारस की खाड़ी में स्थित खार्ग आइलैंड पर मौजूद ईरान के सैन्य ठिकानों को तबाह कर दिया है। इतना ही नहीं उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि जरूरत पड़ी तो इस इलाके के ऑयल इन्फ्रास्ट्रक्चर को भी निशाना बनाया जा सकता है। ईरान के करीब 80 से 90% कच्चे तेल का निर्यात इसी आइलैंड से होता है।
एक अमेरिकी अधिकारी ने एसोसिएटेड प्रेस को बताया कि लगभग 2500 मरीन और कम से कम एक एम्फीबियस असॉल्ट शिप पश्चिम एशिया की ओर जा रहे हैं। अधिकारी ने कहा कि 31वीं मरीन एक्सपीडिशनरी यूनिट और एम्फीबियस असॉल्ट शिप USS Tripoli के कुछ हिस्सों को पश्चिम एशिया जाने का आदेश दिया गया है। इस कदम से क्षेत्र में सैनिकों की संख्या में भारी बढ़ोतरी होगी।
मरीन एक्सपीडिशनरी यूनिट्स न केवल एम्फीबियस लैंडिंग करने के लिए प्रशिक्षित होती हैं, बल्कि वे दूतावासों में सुरक्षा बढ़ाने, नागरिकों को निकालने और आपदा राहत कार्यों में भी विशेषज्ञता रखती हैं। हालांकि यह तैनाती क्षेत्र में सैनिकों की संख्या में एक बड़ी बढ़ोतरी है, लेकिन इसका मतलब यह जरूरी नहीं है कि कोई जमीनी अभियान जल्द ही शुरू होने वाला है या होगा भी।