लाल सागर में हमला: सऊदी तट के पास टैंकर में लगी आग, यूके की पुष्टि

Update: 2026-07-23 08:20 GMT
London लंदन: यूनाइटेड किंगडम मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशन्स (UKMTO) के अनुसार, सऊदी अरब के तट पर एक टैंकर में आग लग गई। यह आग एक अज्ञात चीज़ (प्रोजेक्टाइल) के टकराने से लगी और क्रू के सदस्य आग बुझाने में जुटे रहे।
UKMTO की एक एडवाइज़री के मुताबिक, यह हमला दक्षिणी लाल सागर में सऊदी अरब के अल शुकाइक से लगभग 70 नॉटिकल मील (130 किमी) दक्षिण-पश्चिम में हुआ।
UKMTO ने कहा कि किसी के हताहत होने या पर्यावरण पर असर पड़ने की कोई खबर नहीं है और मामले की जांच चल रही है।
यह हमला बुधवार (स्थानीय समय) को लगभग उसी समय हुआ जब यमन के हूथी समूह ने कहा कि उसने लाल सागर में सऊदी अरब के दो तेल टैंकरों को निशाना बनाकर एक सैन्य अभियान चलाया है।
समूह ने दो दिन पहले सऊदी अरब से जुड़े जहाजों पर समुद्री प्रतिबंध की घोषणा की थी। उन्होंने इसके लिए सऊदी अरब द्वारा उनके नियंत्रण वाले इलाकों में लंबे समय से लगाए गए नाकेबंदी का हवाला दिया था।
शिन्हुआ समाचार एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, यह ताज़ा हमला लाल सागर शिपिंग रूट पर सुरक्षा संबंधी बढ़ती चिंताओं को उजागर करता है। यह रूट बाब अल-मंदेब जलडमरूमध्य (स्ट्रेट) तक जाता है। इससे यह डर पैदा हो गया है कि होर्मुज जलडमरूमध्य में पहले से मौजूद रुकावटें एक और महत्वपूर्ण समुद्री 'चोकपॉइंट' (संवेदनशील समुद्री मार्ग) तक फैल सकती हैं।
शिपिंग एनालिटिक्स फर्म 'केप्लर' (Kpler) ने बुधवार को कहा कि सुरक्षा हालात बिगड़ने के कारण मंगलवार को होर्मुज जलडमरूमध्य और बाब अल-मंदेब जलडमरूमध्य, दोनों से होकर गुजरने वाले जहाजों की आवाजाही में भारी गिरावट आई।
फर्म ने अदन की खाड़ी के पास कई जहाजों के यू-टर्न (वापस मुड़ने) की भी पुष्टि की। ऐसा सऊदी अरब से जुड़े जहाजों के खिलाफ हूथी धमकियों के बाद हुआ, जिससे पता चलता है कि ऑपरेटर ज़्यादा सतर्क हो रहे हैं।
केप्लर ने चेतावनी दी कि इन दो क्षेत्रीय समुद्री 'चोकपॉइंट' के आसपास लगातार हमलों से शिपिंग रूट बदल सकते हैं, माल ढुलाई की लागत बढ़ सकती है और वैश्विक ऊर्जा बाज़ारों में भू-राजनीतिक जोखिम प्रीमियम ऊंचे बने रह सकते हैं।
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