वर्ल्ड | अमेरिका के व्हाइट हाउस ने पुष्टि की है कि पूर्व राष्ट्रपति और 2024 के चुनाव में रिपब्लिकन उम्मीदवार डोनाल्ड ट्रंप सत्ता में वापसी के बाद शिक्षा विभाग (Education Department) को बंद करने की योजना पर कायम हैं। ट्रंप लंबे समय से इस विभाग को खत्म करने की बात कहते आए हैं और इसे "अनावश्यक सरकारी खर्च" करार दिया है।
ट्रंप के शिक्षा विभाग बंद करने के पीछे कारण
- ट्रंप का मानना है कि संघीय सरकार को शिक्षा नीति में हस्तक्षेप नहीं करना चाहिए
- वे शिक्षा से जुड़े अधिकार राज्य सरकारों और स्थानीय प्रशासन को देने के पक्ष में हैं
- उन्होंने शिक्षा विभाग पर लोगों के पैसे की बर्बादी और नौकरशाही बढ़ाने का आरोप लगाया
इस फैसले का असर
- अगर शिक्षा विभाग बंद होता है, तो संघीय स्तर पर शिक्षा नीतियों का नियंत्रण खत्म हो जाएगा
- नागरिक अधिकारों से जुड़े कानूनों और स्कूली शिक्षा सुधार कार्यक्रमों पर असर पड़ सकता है
- गरीब और अल्पसंख्यक छात्रों को मिलने वाली संघीय सहायता भी प्रभावित हो सकती है
डेमोक्रेट्स और शिक्षा विशेषज्ञों की प्रतिक्रिया
- डेमोक्रेट्स ने इस प्रस्ताव की कड़ी आलोचना की और इसे शिक्षा विरोधी कदम बताया
- कई शिक्षाविदों का मानना है कि इससे देश की शिक्षा व्यवस्था कमजोर हो सकती है
- कुछ रिपब्लिकन नेता भी इस फैसले पर संदेह जता रहे हैं, क्योंकि यह बड़े स्तर पर बदलाव लाएगा
आगे क्या?
ट्रंप अगर दोबारा राष्ट्रपति बनते हैं, तो शिक्षा विभाग को बंद करने के लिए कांग्रेस की मंजूरी जरूरी होगी। हालांकि, यह मुद्दा 2024 के चुनावों में महत्वपूर्ण राजनीतिक बहस का हिस्सा बन सकता है।