दिल्ली। पीएम मोदी ने मलेशिया में आयोजित आसियान-भारत शिखर सम्मेलन में वर्चुअल रूप से हिस्सा लिया है। पीएम मोदी ने यहां कहा कि अपने आसियान परिवार से एक बार फिर मुझे मिलने का मौका मिला है। आसियान की सफल अध्यक्षता के लिए मैं प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम को बधाई देता हूं। पीएम मोदी ने कहा कि भारत और आसियान मिलकर विश्व की लगभग एक चौथाई जनसंख्या को रिप्रजेंट करते हैं। हम सिर्फ जियोग्रॉफी ही नहीं बल्कि गहरे ऐतिहासिक संबंधो और साझे मूल्यों की डोर से भी जुड़े हुए हैं। हम केवल व्यापारिक नहीं बल्कि सांस्कृति साझेदार भी हैं। आसियान, भारत की एक्ट ईस्ट पॉलिसी का मुख्य स्तंभ है। भारत सदैव आसियान सेंट्रेलिटी और इंडो पैसिफिक पर आसियान के आउटलुक का पूर्ण समर्थन करता रहा है।
पीएम मोदी ने कहा, अनिश्चितताओं के इस दौर में भी भारत-आसियान क्रम्प्रिहेन्सिव स्ट्रेटजिक पार्टनरशिप में सतत प्रगति हुई है। हमारी ये मजबूत साझेदारी वैश्विक स्थिरता और विकास का सशक्त आधार बनकर उभर रही है। इस वर्ष आसियान समिट की थीम है- इनक्लूसिविलिटी एंड सस्टेनिबिलिटी। ये थीम हमारे साझा प्रयासों में स्पष्ट दिखती है। चाहे वो डिजिटल इन्क्लूजन हो या फिर मौजूद वैश्विक चुनौतियों के बीच फूड सिक्योरिटी और रिजिलियन्ट सप्लाई चेन सुनिश्चित करना हो। भारत इन प्राथमिकताओं का पूर्ण समर्थन करता है और इस दिशा मेंं साथ आगे बढ़ने के लिए प्रतिबद्ध है।
एक आधिकारिक बयान के अनुसार, विदेश मंत्री एस जयशंकर 27 अक्टूबर को कुआलालंपुर में 20वें पूर्वी एशिया शिखर सम्मेलन में प्रधानमंत्री की ओर से भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे। बता दें कि आसियान इस क्षेत्र के सबसे प्रभावशाली समूहों में से एक माना जाता है और भारत तथा अमेरिका, चीन, जापान और ऑस्ट्रेलिया सहित कई अन्य देश इसके वार्ता साझेदार हैं। आसियान सदस्य देशों के अलावा, पूर्वी एशिया शिखर सम्मेलन में भारत, चीन, जापान, कोरिया गणराज्य, ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड, अमेरिका और रूस शामिल हैं।